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Sonipat News: तबाह हो गए पॉली हाउस, लाखों रुपये का हुआ नुकसान
Fri, 15 Mar 2024 09:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 15 Mar 2024 09:52 PM IST
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सोनीपत। इस माह के शुरुआत में हुई ओलावृष्टि ने गेहूं व सरसों की फसल के साथ ही पॉली हाउसों को भी नुकसान पहुंचा। ओलावृष्टि से पाॅली हाउस के नेट व पॉलीथिन में छेद होने के साथ ही स्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंचा है। यही नहीं पॉली हाउस में उगाई गई रंग-बिरंगी शिमला मिर्च, खीरा व अन्य सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा था। किसानों का कहना है कि उन्हें अब नए सिरे से पॉलीथिन व नेट लगाने होंगे, जिसके लिए 6 से 7 लाख रुपये तक खर्च वहन करना पड़ेगा।
जिले में दो मार्च को तेज हवा के साथ हुई ओलावृष्टि से खरखौदा, राई व सोनीपत खंड में अधिक नुकसान हुआ था। खरखौदा क्षेत्र में सबसे अधिक ओलावृष्टि हुई थी जिससे किसानों की गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलें नष्ट हो गई थी। ओलावृष्टि से पॉली हाउस की पॉलीथिन व नेट फट गए थे, वहीं तेज हवाएं चलने से स्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंचा था। किसानों ने सरकार से मुआवजा देने की मांग की है ताकि वे स्ट्रक्चर तैयार कर पॉलीथिन बदल सकें। जिले में करीब 150 से अधिक पॉली हाउस हैं। राई, खरखौदा व सोनीपत क्षेत्र के पॉलीहाउसों को ही अधिक नुकसान पहुंचा है। पॉलीहाउस में पानी भरने से सब्जियाें को भी नुकसान पहुंचा था। राई क्षेत्र के किसान नवीन ने बताया कि वह पॉलीहाउस में विभिन्न रंग की शिमला मिर्च की पैदावार कर निर्यात करते हैं। किसान का कहना है कि साल में करीब 20 लाख रुपये तक की शिमला मिर्च निर्यात करते हैं, लेकिन मौसम की मार से सब्जियों के साथ ही पॉलीहाउस तबाह गया है। अब नए सिरे से पॉलिथीन लगाना पड़ेगा।
काफी महंगा है बीज
किसान का कहना है कि ओपन में की जाने वाली खेती के मुकाबले पॉलीहाउस की खेती का बीज काफी महंगा आता है। पॉलीहाउस का स्ट्रक्चर तैयार करने में काफी खर्च आता है। अब एक एकड़ में लगाए गए पॉली हाउस में पॉलिथीन बदलने में करीब 6 से 8 लाख रुपये तक का खर्च आएगा।
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वर्जन
जिले में हुई ओलावृष्टि से पॉलीहाउसों को भारी नुकसान पहुंचा है। विभाग की ओर से तीन साल पुराने पॉली हाउस में नेट, पॉलिथीन या स्ट्रक्चर बदलने के लिए 50 फीसदी तक सब्सिडी दी जा रही है। बशर्ते किसान ने पहले इस योजना का लाभ न उठाया हो। किसान अपना पॉलिथीन बदलने के लिए इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।-राकेश कुमार, जिला बागवानी अधिकारी, सोनीपत
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जिले में दो मार्च को तेज हवा के साथ हुई ओलावृष्टि से खरखौदा, राई व सोनीपत खंड में अधिक नुकसान हुआ था। खरखौदा क्षेत्र में सबसे अधिक ओलावृष्टि हुई थी जिससे किसानों की गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलें नष्ट हो गई थी। ओलावृष्टि से पॉली हाउस की पॉलीथिन व नेट फट गए थे, वहीं तेज हवाएं चलने से स्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंचा था। किसानों ने सरकार से मुआवजा देने की मांग की है ताकि वे स्ट्रक्चर तैयार कर पॉलीथिन बदल सकें। जिले में करीब 150 से अधिक पॉली हाउस हैं। राई, खरखौदा व सोनीपत क्षेत्र के पॉलीहाउसों को ही अधिक नुकसान पहुंचा है। पॉलीहाउस में पानी भरने से सब्जियाें को भी नुकसान पहुंचा था। राई क्षेत्र के किसान नवीन ने बताया कि वह पॉलीहाउस में विभिन्न रंग की शिमला मिर्च की पैदावार कर निर्यात करते हैं। किसान का कहना है कि साल में करीब 20 लाख रुपये तक की शिमला मिर्च निर्यात करते हैं, लेकिन मौसम की मार से सब्जियों के साथ ही पॉलीहाउस तबाह गया है। अब नए सिरे से पॉलिथीन लगाना पड़ेगा।
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काफी महंगा है बीज
किसान का कहना है कि ओपन में की जाने वाली खेती के मुकाबले पॉलीहाउस की खेती का बीज काफी महंगा आता है। पॉलीहाउस का स्ट्रक्चर तैयार करने में काफी खर्च आता है। अब एक एकड़ में लगाए गए पॉली हाउस में पॉलिथीन बदलने में करीब 6 से 8 लाख रुपये तक का खर्च आएगा।
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जिले में हुई ओलावृष्टि से पॉलीहाउसों को भारी नुकसान पहुंचा है। विभाग की ओर से तीन साल पुराने पॉली हाउस में नेट, पॉलिथीन या स्ट्रक्चर बदलने के लिए 50 फीसदी तक सब्सिडी दी जा रही है। बशर्ते किसान ने पहले इस योजना का लाभ न उठाया हो। किसान अपना पॉलिथीन बदलने के लिए इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।-राकेश कुमार, जिला बागवानी अधिकारी, सोनीपत