सोनीपत: 10 जींस रंगाई की फैक्टरी होंगी बंद, काटे जाएंगे बिजली कनेक्शन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने की कार्रवाई
प्याऊ मनियारी की रंगाई करने वाली कंपनियों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने कार्रवाई की है। बिजली निगम को मीटर उतारने के आदेश दिए हैं। बड़ी औद्योगिक क्षेत्र से भी अपशिष्ट पानी के सैंपल लेकर जांच को भेजे हैं।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने रीवर यमुना मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्यों और हरियाणा स्टेट एन्वायरमेंटल सर्विलांस टास्क फोर्स के साथ मंगलवार को सोनीपत के औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम ने बड़ी औद्योगिक क्षेत्र और प्याऊ मनियारी क्षेत्र की फैक्टरियों से निकलने वाली अपशिष्ट पानी के सैंपल लिए। प्याऊ मनिहारी में जींस रंगाई की दस फैक्टरियों को बंद कराने का निर्णय लिया गया है। इनके बिजली कनेक्शन कटवाए जाएंगे। वहीं बड़ी क्षेत्र से पानी के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं।
पानीपत के सामाजिक कार्यकर्ता वरुण गुलाटी के साथ ही अन्य पर्यावरण जागरूकता संगठनों ने बड़ी औद्योगिक क्षेत्र व प्याऊ मनियारी क्षेत्रों में प्रदूषण फैलने की शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि औद्योगिक क्षेत्रों की फैक्टरियां दूषित पानी को बिना शोधित किए ही ड्रेन में डाल रही हैं। जिससे भूजल और यमुना दोनों दूषित हो रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रदूषण जींस रंगाई की ईकाइयों से फैल रहा है।
उसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की टीम प्याऊ मनियारी में पहुंची। वहां पर जींस रंगाई की 10 फैक्टरियों का दूषित पानी सीधे ड्रेन में डाला जाता मिला। इन फैक्टरियों में ट्रीटमेंट प्लांट भी नहीं लगे हैं। इनमें से कुछ को पहले ही सील किया गया था।
उसके बावजूद सील तोड़कर चलाने की शिकायत मिल रही थी। ऐसे में अब इन फैक्टरियों के बिजली कनेक्शन काटने के आदेश बिजली निगम को दिए गए हैं। उनके मीटर उतरवाकर उनके मालिकों के नाम-पते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को उपलब्ध कराए जाएंगे। उसके आधार पर संबंधित फैक्टरी के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेन में छोड़ा जा रहा अपशिष्ट पानी
रीवर यमुना मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्यों और हरियाणा स्टेट एन्वायरमेंटल सर्विलांस टास्क फोर्स बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में पहुंची। जहां फैक्टरियों द्वारा बिना शोधित किए ड्रेन में छोड़े जा रहे दूषित पानी के सैंपल लिए। मुख्य सचिव की देखरेख में बनाई गई हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के दो सदस्य डा. पीके दास व डा. जेपी सिंह की टीम ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व भोगीपूर गांव में पहुंचकर ड्रेन में छोड़े जा रहे दूषित पानी के सैंपल लिए। इन सैंपल को जांच के लिए भेज दिया गया है।
इसके बाद टीम ने बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में तीन फैक्टरी के अंदर से गुजरने वाली सीवरेज लाइन की जांच की। उन्हें लगातार शिकायत मिल रही है कि फैक्टरी संचालक बारिश के पानी की निकासी के लिए दबाई गई स्ट्रॉम वाटर लाइन में दूषित पानी छोड़ रहे हैं। जिससे दूषित पानी बिना शोधित किए ड्रेन में जा रहा है। प्रदूषण बोर्ड के आरओ कमलजीत सिंह, एसडीओ विकास ग्रेवाल और उज्जवल कुमार की अध्यक्षता में दूषित पानी के सैंपल लिए गए। टीम ने भोगीपुर ड्रेन व सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से आधा दर्जन सैंपल लिए। इनकी लैब में जांच करवाई जाएगी।
टीम जांच करने के लिए चंडीगढ़ से पहुंची थी। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बड़ी औद्योगिक क्षेत्र व भोगीपुर गांव में ड्रेन से सैंपल लिए गए हैं। सैंपल की रिपोर्ट 15 दिन में मिल जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जींस रंगाई की 10 फैक्टरियों के कनेक्शन काटने के आदेश दिए गए हैं। -कमलजीत, कार्यकारी क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सोनीपत