हरियाणा चुनाव परिणामः सोनीपत की चार सीटों पर हाथ ने दिखाया कमाल, दो बार कमल खिला
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के गढ़ में चार विधानसभा सीटों पर जहां कांग्रेस ने कब्जा जमाया है, वहीं भाजपा ने पहली बार दो सीटें जीतकर इतिहास रचा है। कांग्रेस ने सोनीपत शहर सीट पर 10 साल बाद दोबारा कब्जा जमाया तो राई और गन्नौर सीट गंवाते हुए पहली बार भाजपा के पाले में गई।
वहीं, खरखौदा, गोहाना और बरोदा पहले की तरह कांग्रेस के पास ही रहीं। इस तरह पिछले 10 साल से चल रहा आंकड़ा भाजपा ने बदल दिया है, क्योंकि अभी तक जिले की छह विधानसभा सीटों में पांच पर कांग्रेस और एक पर भाजपा का कब्जा था। यह अब चार सीट कांग्रेस तो दो सीट भाजपा के पास हो गई हैं।
सोनीपत विधानसभा सीट पर सबसे बड़ा उलटफेर हुआ है, जहां प्रदेश सरकार में अकेली महिला मंत्री रहीं कविता जैन को कांग्रेस के सुरेंद्र पंवार ने हराया। इस सीट को सुरेंद्र पंवार ने 10 साल बाद भाजपा से जीतकर एक बार फिर कांग्रेस की झोली में डाल दिया है। राई विधानसभा सीट पर मोहनलाल बड़ौली ने जीत दर्ज करके इतिहास रचते हुए पहली बार इसे भाजपा की झोली में डाला।
भाजपा के मोहनलाल बड़ौली ने लगातार 10 साल तक विधायक रहे कांग्रेस के जयतीर्थ दहिया को हराया। हालांकि जयतीर्थ दहिया ने कुछ दिन पहले ही अपना इस्तीफा दिया था और उनके चुनाव को कोर्ट भी चंद समय पहले निरस्त कर चुकी है।
गन्नौर विधानसभा सीट पर भी भाजपा ने पहली बार जीत दर्ज की, जहां निर्मल चौधरी ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को हराया। खरखौदा विधानसभा सीट इस बार भी कांग्रेस के पास रही और कांग्रेस के जयवीर वाल्मीकि ने जजपा के पवन कुमार को हराकर जीत दर्ज की।
इस सीट पर भाजपा को तीसरे स्थान पर रहना पड़ा। गोहाना विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस के जगबीर मलिक ने चौथी बार जीत दर्ज करते हुए लोसुपा सुप्रीमो राजकुमार सैनी को हराया और इस सीट पर भी भाजपा तीसरे स्थान पर रही। बरोदा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के श्रीकृष्ण हुड्डा तीसरी बार जीत दर्ज करके विधायक बने।
श्रीकृष्ण हुड्डा ने भाजपा के योगेश्वर दत्त को हराया। इस तरह छह विधानसभा सीटों में चार पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया तो भाजपा को दो सीट मिल सकीं। हालांकि भाजपा अभी तक केवल सोनीपत सीट तक ही सीमित रहती थी और पहली बार उसे दो सीटें मिली हैं। इसलिए भाजपा के लिए यह भी जिले में बढ़त वाली स्थिति है।