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कुंडली-सिंघु-टीकरी बॉर्डर: पुलिस ने अभी नहीं खोला रास्ता, बनी है बैरिकेड की दीवार, किसानों ने कर ली वापसी की तैयारी
Fri, 10 Dec 2021 10:12 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत/बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत/बहादुरगढ़ (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 10 Dec 2021 10:12 PM IST
सार
शुक्रवार को कुंडली सीमा से किसानों की वापसी के चलते केएमपी-केजीपी जीरो प्वाइंट तक जाम लगा रहा।
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कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर पहले की तरह रखे गए पत्थर व बैरिकेड दूसरी ओर कुंडली से केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट पर बनी जाम की स्थिति।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
कुंडली, सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन स्थगित होने के बाद किसानों ने वापसी की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में शुक्रवार को किसान पूरा दिन सामान समेटने में लगे रहे। झोपड़ियों से लेकर तंबुओं व पक्के निर्माणों की ईंटों को किसानों ने ट्रालियों व ट्रकों में लाद लिया है।
इसके चलते केजीपी-केएमपी के जीरो प्वाइंट से कुंडली-सिंघु बॉर्डर तक जाम की स्थिति बनी रही। कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस की तरफ से रखे गए पत्थर व बैरिकेड पहले की तरह ही लगे हुए हैं। अभी पुलिस ने रास्ता नहीं खोला है, किसानों के जाने के बाद ही उन्हें हटाया जाएगा। जिसके बाद ही बॉर्डर के रास्ते दिल्ली की तरफ आवागमन शुरू हो सकेगा।
गुरुवार को किसान आंदोलन स्थगित होने व कुंडली बॉर्डर समेत अन्य मोर्चे हटाने के एसकेएम के निर्णय के बाद दूसरे दिन भी कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर पहले ही तरह बंद रहा। दिल्ली पुलिस की तरफ से लगाए गए बैरिकेड व बड़े पत्थर हटाने को लेकर कोई पहल नहीं हुई। हालांकि किसान पूरा दिन कुंडली बॉर्डर से केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट तक डाली गई झोपड़ी, तंबू व पक्के निर्माण हटाने में लगे रहे।
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शनिवार को जश्न की तैयारी भी जमकर की जा रही है। किसानों ने विशाल लंगर लगाने के इंतजाम के लिए आसपास के गांवों व पंजाब से राशन मंगवा लिया है। वहीं भीड़ बढ़ने के कारण पुलिस ने जाम से बचने के लिए केएमपी-केजीपी से वाहनों के एनएच-44 पर उतारने पर प्रतिबंध लगाया है। जाम से बचने के लिए केजीपी-केएमपी से सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक वाहन एनएच-44 पर नहीं उतर सकेंगे।
उधर, टीकरी बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों ने शुक्रवार को बहादुरगढ़ शहर में सफाई अभियान चलाया। कूड़े को इकट्ठा कर एक तरफ रखवाया। किसानों ने कहा कि उन्हें एक वर्ष से अधिक समय हो गया है, अब उनकी मांगे पूरी हुई हैं। उनका कर्तव्य बनता है कि वे इस स्थल की सफाई भी करें। किसान बलविंदर, सुखजिंदर, सुखदेव, वरियाम सिंह, हरदीप सिंह, सुखचैन, बलबीर सिंह ने कहा कि जब वे अपनी मांगों को लेकर बहादुरगढ़ के टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे थे तो यहां के लोगों ने उनका भरपूर सहयोग किया।
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इसके चलते केजीपी-केएमपी के जीरो प्वाइंट से कुंडली-सिंघु बॉर्डर तक जाम की स्थिति बनी रही। कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस की तरफ से रखे गए पत्थर व बैरिकेड पहले की तरह ही लगे हुए हैं। अभी पुलिस ने रास्ता नहीं खोला है, किसानों के जाने के बाद ही उन्हें हटाया जाएगा। जिसके बाद ही बॉर्डर के रास्ते दिल्ली की तरफ आवागमन शुरू हो सकेगा।
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गुरुवार को किसान आंदोलन स्थगित होने व कुंडली बॉर्डर समेत अन्य मोर्चे हटाने के एसकेएम के निर्णय के बाद दूसरे दिन भी कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर पहले ही तरह बंद रहा। दिल्ली पुलिस की तरफ से लगाए गए बैरिकेड व बड़े पत्थर हटाने को लेकर कोई पहल नहीं हुई। हालांकि किसान पूरा दिन कुंडली बॉर्डर से केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट तक डाली गई झोपड़ी, तंबू व पक्के निर्माण हटाने में लगे रहे।
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शनिवार को जश्न की तैयारी भी जमकर की जा रही है। किसानों ने विशाल लंगर लगाने के इंतजाम के लिए आसपास के गांवों व पंजाब से राशन मंगवा लिया है। वहीं भीड़ बढ़ने के कारण पुलिस ने जाम से बचने के लिए केएमपी-केजीपी से वाहनों के एनएच-44 पर उतारने पर प्रतिबंध लगाया है। जाम से बचने के लिए केजीपी-केएमपी से सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक वाहन एनएच-44 पर नहीं उतर सकेंगे।
उधर, टीकरी बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों ने शुक्रवार को बहादुरगढ़ शहर में सफाई अभियान चलाया। कूड़े को इकट्ठा कर एक तरफ रखवाया। किसानों ने कहा कि उन्हें एक वर्ष से अधिक समय हो गया है, अब उनकी मांगे पूरी हुई हैं। उनका कर्तव्य बनता है कि वे इस स्थल की सफाई भी करें। किसान बलविंदर, सुखजिंदर, सुखदेव, वरियाम सिंह, हरदीप सिंह, सुखचैन, बलबीर सिंह ने कहा कि जब वे अपनी मांगों को लेकर बहादुरगढ़ के टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे थे तो यहां के लोगों ने उनका भरपूर सहयोग किया।