फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Plum fruits scattered in the garden due to hailstorm

Sonipat News: ओलावृष्टि से बाग में गिरकर बिछे बेर के फल

Tue, 05 Mar 2024 01:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 05 Mar 2024 01:29 AM IST
विज्ञापन
Plum fruits scattered in the garden due to hailstorm
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सोनीपत। जिले में शनिवार को हुई ओलावृष्टि ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। सरसों व गेहूं की फसल के साथ ही फल व सब्जियों की फसलों में भी भारी नुकसान हुआ है। गांव खेवड़ा स्थित बाग में ओलावृष्टि से पेड़ों से बेर झड़कर गिर गए। किसान का कहना है कि आधा घंटे की ओलावृष्टि ने उनकी पूरे साल की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया।
ओले लगने से बाग में 80 फीसदी से अधिक फल जमीन पर गिर गए। 20 फीसदी पेड़ों पर रह गए वह भी बिक्री लायक नहीं बचे जिससे किसान को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। गांव खेवड़ा निवासी किसान सूरजमल परंपरागत खेती छोड़ बागवानी से अच्छी कमाई कर दूसरे किसानों के लिए उदाहरण पेश कर रहे हैं। सूरजमल ने बताया कि वह चार साल से लगातार बागवानी में बेर, आड़ू, नाशपाती की खेती कर रहे हैं। उन्होंने ढाई एकड़ के बाग़ में बेर का बाग का लगाया हुआ है। ओलावृष्टि ने बेर क़े बाग़ को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। बेर का फल पूरी तरह से पक कर तैयार हो गया था। बेर को तोड़कर बाजार में बेचने की तैयारी में जुटे थे, लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि ने सारे अरमानों पर पानी फेर दिया। बताया कि प्रति एकड़ उन्हें करीब दो लाख रुपये मुनाफा होने की उम्मीद थी। किसान ने सरकार से मांग की है कि गिरदावरी करवाकर फसल का मुआवजा दिलवाया जाए।
विज्ञापन

महाशिवरात्रि पर होनी थी जोरदार बिक्री
किसान सूरजमल बाग में खड़ा होकर दुखी मन से जमीन पर बिछी बेर की चादर को निहारता रहा। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि पर बेर की जोरदार बिक्री होनी थी। इसके लिए साल भर मेहनत कर बेहतर बेर तैयार किया था, लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी साल भर की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पारंपरिक खेती छोड़ बागवानी से कमा रहे थे अच्छा मुनाफा
किसान सूरजमल का कहना है कि परंपरागत खेती को छोड़कर वह बागवानी से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। अचानक हुई ओलावृष्टि ने इस बार सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। ओलावृष्टि के कारण बेर को 80 से 100 फीसदी नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई करना काफी मुश्किल होगा।
कहां कितना हुआ नुकसान
जिले में करीब 800 हेक्टेयर भूमि के रकबे पर फल हैं और 10 हजार एकड़ भूमि पर सब्जियां उगाई जाती हैं। ओलावृष्टि से जिले के खरखौदा, राई व सोनीपत क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। इन क्षेत्रों में सब्जियों का रकबा करीब 5000 एकड़ प्रभावित हुआ है। इसमें बेर की फसल को 80 से 100 फीसदी, अमरूद की फसल को 50 से 60 फीसदी, नींबू को 75 से 80 फीसदी नुकसान हुआ है। वहीं नाशपाती व आड़ू पर फ्लोरिंग आई थी, वह झड़ गई है। इसके अलावा बेल की फसलें भी नष्ट हो गई हैं। सब्जियों में टमाटर, गोभी, जड़ वाली फसलें 80 से 100 फीसदी तक खराब हुई हैं।

वर्जन
ओलावृष्टि से फल व सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। बेर में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। बेल वाली सब्जियां भी नष्ट हो गई है। खरखौदा, राई व सोनीपत एरिया ही प्रभावित हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे किया जा रहा है। -डॉ. राकेश कुमार, जिला बागवानी अधिकारी, सोनीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed