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Sonipat News: खेतों से पानी निकासी के लिए बिछाई जाएगी पाइपलाइन
Mon, 10 Jul 2023 01:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 10 Jul 2023 01:11 AM IST
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सोनीपत। गांव गोरड़ के किसानों के लिए राहत की खबर है। खेतों से पानी की निकासी के लिए 64.68 लाख रुपये खर्च करके पाइपलाइन बिछाई जाएगी। बारिश के दौरान गोरड़ के खेतों में 800 एकड़ में पानी भर जाता है। निकासी न होने के कारण खेतों में फसल जलमग्न हो जाती है। किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए सिंचाई विभाग ने खेतों से पानी की निकासी कराने का निर्णय लिया और प्रपोजल बनाकर मुख्यालय भेजा गया। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद विभाग के अधिकारियों से टेंडर लगाया है। खेतों से पानी की निकासी जसराना माइनर में की जाएगी। जल्द ही टेंडर आवंटित करके पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया जाएगा।
बारिश के दौरान गांव गोरड़ के खेतों में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। जिससे फसल जलमग्न होने के कारण फसल खराब होने की आशंका रहती है। किसानों का कहना है उनके खेत लो लाइन एरिया में है। अधिक बारिश होने से खेतों में जलभराव हो जाता है। जिसके चलते उनकी फसलें डूब जाती है। उनके खेतों में आसपास के गांवों के खेतों से भी पानी आता है। पानी की निकासी नहीं होने से खेतों में जल्दी ही पानी का स्तर तीन से चार फीट तक हो जाता है। जिसके बाद पानी की निकासी कई दिन तक नहीं हो पाती। जिसके चलते फसल खराब होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर क्षेत्र के किसान कई बार जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। खेतों से पानी की बेहतर निकासी का प्रबंध करने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से पाइपलाइन बिछाने का निर्णय लिया और प्रपोजल तैयार करके मुख्यालय भेजा गया।
गांव गोरड़ के खेतों से पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस कार्य को पूरा करने के लिए 64.68 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। खेतों से पानी की निकासी जसराना माइनर में की जाएगी। पाइन लाइन बिछाने के लिए टेंडर लगा रखा है। टेंडर आवंटित होने के बाद पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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गुलशन कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग
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बारिश के दौरान गांव गोरड़ के खेतों में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। जिससे फसल जलमग्न होने के कारण फसल खराब होने की आशंका रहती है। किसानों का कहना है उनके खेत लो लाइन एरिया में है। अधिक बारिश होने से खेतों में जलभराव हो जाता है। जिसके चलते उनकी फसलें डूब जाती है। उनके खेतों में आसपास के गांवों के खेतों से भी पानी आता है। पानी की निकासी नहीं होने से खेतों में जल्दी ही पानी का स्तर तीन से चार फीट तक हो जाता है। जिसके बाद पानी की निकासी कई दिन तक नहीं हो पाती। जिसके चलते फसल खराब होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर क्षेत्र के किसान कई बार जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। खेतों से पानी की बेहतर निकासी का प्रबंध करने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से पाइपलाइन बिछाने का निर्णय लिया और प्रपोजल तैयार करके मुख्यालय भेजा गया।
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गांव गोरड़ के खेतों से पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस कार्य को पूरा करने के लिए 64.68 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। खेतों से पानी की निकासी जसराना माइनर में की जाएगी। पाइन लाइन बिछाने के लिए टेंडर लगा रखा है। टेंडर आवंटित होने के बाद पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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गुलशन कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग