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आखिर कहां से लाएंगे बड़े बेटे या बेटी का जन्म प्रमाण

Thu, 18 Jun 2015 01:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत Updated Thu, 18 Jun 2015 01:29 AM IST
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वोटर कार्ड को आधार बनाकर नई बुढ़ापा पेंशन बनवाने के सपने देख रहे बुजुर्गों के लिए अच्छी खबर नहीं हैं, क्योंकि प्रदेश सरकार ने वोटर कार्ड में दर्ज आयु को बुढ़ापा पेंशन का आधार मानने से इंकार कर दिया है।

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अगर बुजुर्ग के बड़े बेटे या बेटी की उम्र 42 साल या इससे ऊपर है तो उसके स्कूल या जन्म प्रमाण पत्र संबंधित कागजात दिखाकर नई पेंशन बनवाई जा सकती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास चार दशक का जन्म प्रमाण पत्र का पूरा रिकार्ड नहीं है।
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ऐसे में नई पेंशन बनने का इंतजार कर रहे बुजुर्गों की चिंता बढ़ गई है। इसके चलते बुधवार को समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही।
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इस आशय का प्रदेश के सभी समाज कल्याण अधिकारियों को पत्र क्रमांक संख्या 600 जारी करके साफ किया है कि बुढ़ापा पेंशन के लिए पहले वोटर कार्ड में दर्ज उम्र को सही मान लिया जाता था, लेकिन हरियाणा निर्वाचन आयोग ने वोटर कार्ड में दर्ज आयु को वैध मानने से इंकार कर दिया है। ऐसे में वोटर कार्ड को 60 साल की उम्र का आधार नहीं माना जा सकता।

सबसे बड़ी संतान का जन्म या शैक्षणिक प्रमाण पत्र बन सकता है आधार
विभाग की ओर से साफ किया गया है कि अगर किसी बुजुर्ग के पास अपनी आयु 60 साल या इससे ऊपर साबित करने का कोई लिखित प्रमाण नहीं है तो उसकी सबसे बड़ी बेटी या बेटे की उम्र 42 साल है तो उसे आधार बनाया जा सकता है। क्योंकि इस आधार पर माता की उम्र 60 और पिता की उम्र 63 साल मानी जाएगी।

इसके लिए संतान का स्कूल प्रमाण पत्र या जन्म प्रमाण पत्र लिया जाएगा। प्रदेश के अंदर 1975 से जन्म रजिस्ट्रेशन कराने का नियम है। इसका पूरा रिकार्ड जिला स्तर पर सीएमओ के पास होता है।

अब आगे नहीं जमा होंगे वोटर कार्ड के आधार पर फार्म
विभाग की तरफ से साफ किया गया है कि जिन लोगों ने वोटर कार्ड को आयु का आधार बनाकर नई बुढ़ापा पेंशन के लिए फार्म जमा किए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से सरकार द्वारा जारी नए दिशानिर्देश बताएं। साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी आवेदकों को बेटे या बेटी का जन्म या शैक्षणिक प्रमाण पत्र आवेदन के साथ जमा कराने के लिए कहें।

पार्षद करेंगे लोगों को जागरूक
जिला समाज कल्याण अधिकारियों ने सरकार की ओर से भेजा गया पत्र पार्षदों को भी भेजा है। ताकि लोगों को निचले स्तर पर ही समझाया जा सकें कि अब वोटर कार्ड की जगह अपने बड़े बेटे या बेटी का जन्म प्रमाण पत्र या शैक्षणिक रिकार्ड की कॉपी लेकर आएं, जिसमें संतान की उम्र 42 साल या इससे ज्यादा हो।

ये बोले अधिकारी

सरकार का पत्र मिल गया है। नई बुढ़ापा पेंशन के लिए अब वोटर कार्ड मान्य नहीं रहा। इसलिए बुजुर्ग पेंशन के लिए आवेदन करते समय अपने 42 साल के बेटे या बेटी का जन्म प्रमाण पत्र या शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा करवाएं। जिसमें संतान की उम्र दर्शाई गई हो।

-कुलदीप शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी


विभाग के पास 2004 तक का जन्म से संबंधित पूरा रिकार्ड है। चार दशक पुराने रिकार्ड में संदेह है। साथ ही इससे ज्यादा पुराना रिकार्ड उर्दू भाषा में लिखा है। ऐसे में लोगों को परेशानी लाजमी है।

-डॉ. जीएस पूनिया, सीएमओ

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