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कंपनी से साढ़े 15 लाख का माल मंगवाने के बाद नहीं किया भुगतान
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लिवासपुर स्थित कंपनी के मालिक के साथ धोखाधड़ी कर साढ़े 15 लाख रुपये का माल मंगवाने का मामला सामने आया है। आरोपी फर्जी फर्म बनाकर सामान मंगवाने और तंग रास्ता बताकर दूसरी गाड़ी में डिलिवरी लेकर गायब हो गए। आरोपी ने फर्म का जीएसटी नंबर भी फर्जी दे दिया। जीएसटी नंबर के आधार पर तलाश करने पर उस स्थान पर कोई फर्म ही नहीं मिली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गांव लिवासपुर में एसआरटी प्रोडक्शन कंपनी चलाने वाले प्रशांत कुमार ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी में गत्ते के बॉक्स बनाने का काम होता है। बॉक्स आपूर्ति करने के लिए उन्होंने कंपनी का विज्ञापन एक साइट पर दिया हुआ है। वहां पर सामान ऑर्डर करने के लिए कंपनी का नंबर भी दिया गया है। कंपनी के नंबर पर 17 अप्रैल को एक ऑर्डर आया था। ऑर्डर करने वाले ने खुद को लुधियाना की प्रीत इंटरप्राइजेज का मालिक बताया। उसने अपनी फर्म का जीएसटी नंबर व्हाट्स एप पर भेज दिया। उसके ऑर्डर के 1500 बॉक्स का बिल काटकर 28 अप्रैल को डिलिवरी भेज दी। लुधियाना में व्यक्ति ने बताया कि उसकी फर्म तक पहुंचने का रास्ता तंग है। उसने रास्ते में ही दूसरी गाड़ी में माल लोड करा लिया। उसने बाद में भी कई बार माल मंगवा लिया। उसने दो-चार दिन में भुगतान करने की बात कही। उसके बाद से उसके मोबाइल नंबरों पर संपर्क नहीं हो रहा है। जीएसटी नंबर पर दिए गए पते में उक्त नाम की कोई फर्म ही नहीं मिली। उनके साथ 15 लाख 42 हजार 568 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वर्जन
फर्जी नाम-पता देकर माल मंगवाने और भुगतान नहीं करने की शिकायत मिली है, जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी।
- इंस्पेक्टर बिजेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, राई
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गांव लिवासपुर में एसआरटी प्रोडक्शन कंपनी चलाने वाले प्रशांत कुमार ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी में गत्ते के बॉक्स बनाने का काम होता है। बॉक्स आपूर्ति करने के लिए उन्होंने कंपनी का विज्ञापन एक साइट पर दिया हुआ है। वहां पर सामान ऑर्डर करने के लिए कंपनी का नंबर भी दिया गया है। कंपनी के नंबर पर 17 अप्रैल को एक ऑर्डर आया था। ऑर्डर करने वाले ने खुद को लुधियाना की प्रीत इंटरप्राइजेज का मालिक बताया। उसने अपनी फर्म का जीएसटी नंबर व्हाट्स एप पर भेज दिया। उसके ऑर्डर के 1500 बॉक्स का बिल काटकर 28 अप्रैल को डिलिवरी भेज दी। लुधियाना में व्यक्ति ने बताया कि उसकी फर्म तक पहुंचने का रास्ता तंग है। उसने रास्ते में ही दूसरी गाड़ी में माल लोड करा लिया। उसने बाद में भी कई बार माल मंगवा लिया। उसने दो-चार दिन में भुगतान करने की बात कही। उसके बाद से उसके मोबाइल नंबरों पर संपर्क नहीं हो रहा है। जीएसटी नंबर पर दिए गए पते में उक्त नाम की कोई फर्म ही नहीं मिली। उनके साथ 15 लाख 42 हजार 568 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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फर्जी नाम-पता देकर माल मंगवाने और भुगतान नहीं करने की शिकायत मिली है, जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी।
- इंस्पेक्टर बिजेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, राई