{"_id":"6a8cb0c817ed80960f085659","slug":"patwaris-strike-over-demands-continues-sonipat-news-c-195-1-nnl1001-139067-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: मांगों को लेकर पटवारियों की हड़ताल जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: मांगों को लेकर पटवारियों की हड़ताल जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झज्जर। रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर पटवारी और कानूनगो की सांकेतिक हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। कर्मचारियों ने पटवारखाना में धरना देकर ऑनलाइन राजस्व पोर्टलों की तकनीकी खामियों, डिजिटल क्रॉप सर्वे के अतिरिक्त कार्य और अन्य लंबित मांगों को लेकर विरोध जताया। हड़ताल के कारण तहसीलों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित रहा। इंतकाल, आय व जाति प्रमाण पत्र, भूमि पैमाइश और दस्तावेजों से जुड़े कई जरूरी कार्य अटकने से लोगों को परेशानी हुई। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे लोगों को बिना काम करवाए लौटना पड़ा।
पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान राजवीर गुलिया ने कहा कि सरकार ने डिजिटल क्रॉप सर्वे का अतिरिक्त कार्य पटवारियों को सौंप दिया है। इससे उनके नियमित राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने नए सरकारी सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऑनलाइन राजस्व पोर्टल में कई तकनीकी खामियां हैं, जिससे रोजमर्रा के कार्य निपटाने में दिक्कत आती है।
उन्होंने बताया कि जमीन की पैमाइश के लिए आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन कानूनगो को इनके संचालन की उचित ट्रेनिंग नहीं दी गई। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान राजवीर गुलिया ने कहा कि सरकार ने डिजिटल क्रॉप सर्वे का अतिरिक्त कार्य पटवारियों को सौंप दिया है। इससे उनके नियमित राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने नए सरकारी सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऑनलाइन राजस्व पोर्टल में कई तकनीकी खामियां हैं, जिससे रोजमर्रा के कार्य निपटाने में दिक्कत आती है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जमीन की पैमाइश के लिए आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन कानूनगो को इनके संचालन की उचित ट्रेनिंग नहीं दी गई। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
विज्ञापन