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Sonipat News: कुंडली में रैपिड और मेट्रो बदलकर सफर कर सकेंगे यात्री
Wed, 10 Sep 2025 01:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:38 AM IST
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सोनीपत। सोनीपत के लोगों के लिए हाईस्पीड ट्रेन में सफर करने का सपना जल्द पूरा होगा। कुंडली में रैपिड रेल के स्टेशन के साथ मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा। यहां से लोग ट्रेनों को बदलकर सफर कर सकेंगे।
नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना शुरू करने से पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम सोनीपत, पानीपत व करनाल में अपने कार्यालय खोलने के लिए सरकारी भवनों की तलाश कर रहा है। परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। इस परियोजना के नए वित्त वर्ष से पहले शुरू होने की संभावना है।
नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना का एलिवेटेड मार्ग दिल्ली में नेशनल हाईवे-44 से यमुना की ओर से बनाया जाएगा। वहीं, कुंडली में मेट्रो स्टेशन के पास ही रैपिड रेल का स्टेशन होगा। दोनों स्टेशनों को जोड़ने के लिए नेशनल हाईवे के ऊपर फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा। करनाल तक आरआरटीएस के लिए रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। पानीपत शहर में रेलवे लाइन अंडरग्राउंड बनाई जाएगी।
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करनाल के नए आईएसबीटी तक बनेगा कॉरिडोर
136 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दिल्ली के जंगपुरा से शुरू होगा। वहां से सराय काले खां होते हुए करनाल के नए आईएसबीटी तक जाएगा। यह यात्रा के समय को आधा कर देगा। इससे दिल्ली से करनाल का सफर तीन घंटे से घटकर महज डेढ़ घंटे में पूरा हो सकेगा। हाई स्पीड कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली से सोनीपत का सफर महज आधा घंटा में पूरा होगा। वर्तमान में सड़क मार्ग से करीब एक से सवा घंटा लगता है। इससे हजारों दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी।
उद्योग के साथ शिक्षण संस्थानों को मिलेगा फायदा
परियोजना से सोनीपत के कुंडली, राई व बड़ी औद्योगिक क्षेत्र को फायदा होगा। साथ ही राई स्थित राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में खुले शिक्षण संस्थानों को भी खूब फायदा होगा। बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। सोनीपत में फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल उद्योगों को फायदा मिलेगा। छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए यह कॉरिडोर वरदान साबित होगा। एनसीआर में आरआरटीएस परियोजना नया ट्रांसपोर्ट हब बन सकेगा। दिल्ली से करनाल तक पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। यह केंद्र सरकार की परियोजना है। हरियाणा में निर्माण कार्य के लिए आने वाले खर्च का 45 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार और बाकी 55 फीसदी केंद्र सरकार की ओर से किया जाएगा। सोनीपत, पानीपत व करनाल में कार्यालय खोलने के लिए सरकारी भवनों की तलाश की जा रही है। -जयवीर रंगा, तहसीलदार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम।
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नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना शुरू करने से पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम सोनीपत, पानीपत व करनाल में अपने कार्यालय खोलने के लिए सरकारी भवनों की तलाश कर रहा है। परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। इस परियोजना के नए वित्त वर्ष से पहले शुरू होने की संभावना है।
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नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना का एलिवेटेड मार्ग दिल्ली में नेशनल हाईवे-44 से यमुना की ओर से बनाया जाएगा। वहीं, कुंडली में मेट्रो स्टेशन के पास ही रैपिड रेल का स्टेशन होगा। दोनों स्टेशनों को जोड़ने के लिए नेशनल हाईवे के ऊपर फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा। करनाल तक आरआरटीएस के लिए रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। पानीपत शहर में रेलवे लाइन अंडरग्राउंड बनाई जाएगी।
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करनाल के नए आईएसबीटी तक बनेगा कॉरिडोर
136 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दिल्ली के जंगपुरा से शुरू होगा। वहां से सराय काले खां होते हुए करनाल के नए आईएसबीटी तक जाएगा। यह यात्रा के समय को आधा कर देगा। इससे दिल्ली से करनाल का सफर तीन घंटे से घटकर महज डेढ़ घंटे में पूरा हो सकेगा। हाई स्पीड कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली से सोनीपत का सफर महज आधा घंटा में पूरा होगा। वर्तमान में सड़क मार्ग से करीब एक से सवा घंटा लगता है। इससे हजारों दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी।
उद्योग के साथ शिक्षण संस्थानों को मिलेगा फायदा
परियोजना से सोनीपत के कुंडली, राई व बड़ी औद्योगिक क्षेत्र को फायदा होगा। साथ ही राई स्थित राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में खुले शिक्षण संस्थानों को भी खूब फायदा होगा। बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। सोनीपत में फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल उद्योगों को फायदा मिलेगा। छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए यह कॉरिडोर वरदान साबित होगा। एनसीआर में आरआरटीएस परियोजना नया ट्रांसपोर्ट हब बन सकेगा। दिल्ली से करनाल तक पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। यह केंद्र सरकार की परियोजना है। हरियाणा में निर्माण कार्य के लिए आने वाले खर्च का 45 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार और बाकी 55 फीसदी केंद्र सरकार की ओर से किया जाएगा। सोनीपत, पानीपत व करनाल में कार्यालय खोलने के लिए सरकारी भवनों की तलाश की जा रही है। -जयवीर रंगा, तहसीलदार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम।