नियम 134ए: सरकार व निजी स्कूलों के बीच फंसा बच्चों को भविष्य, सड़कों पर प्रदर्शन करने में बीता परीक्षा की तैयारियों का समय
सोनीपत में पहले चरण में शामिल 936 विद्यार्थियों के अभिभावक दाखिलों को लेकर भटक रहे हैं। शिक्षा विभाग हाथ खड़े कर चुका है। करीब दो महीने तक उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के साथ निजी स्कूलों के बाहर किए प्रदर्शन, फिर भी शिक्षा का अधिकार नहीं मिला।
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विस्तार
हरियाणा के सोनीपत में नियम 134ए के तहत चल रही दाखिला प्रक्रिया के दौरान 936 बच्चों का भविष्य सरकार व निजी स्कूलों के बीच फंसकर रह गया है। करीब दो महीने तक अभिभावकों ने उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों व निजी स्कूलों के बाहर धरने-प्रदर्शन किए। उसके बावजूद सरकार, प्रशासन व शिक्षा विभाग निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने मेें असफल रहा, जिसका खामियाजा आज जिले के 936 विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियों का पूरा समय सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए बीता है। दाखिले के लिए गुहार लगाने, संघर्ष करने, धरने-प्रदर्शन के बावजूद बच्चों को दाखिला नहीं मिल पाया। अंत में शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पात्र विद्यार्थियों को पुराने या सरकारी स्कूलों मेें दाखिला लेने के निर्देश दे दिए, जिससे अभिभावकों में रोष है।
नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों मेें बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए जिले में 4410 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इसमें 3694 निजी विद्यालयों और 716 विद्यार्थी राजकीय विद्यालयों से थे। 5 दिसंबर को हुई मूल्यांकन परीक्षा में 3302 विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज करवाई थी, जिसका परिणाम 16 दिसंबर को घोषित किया गया। मूल्यांकन परीक्षा में 2382 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले 716 विद्यार्थियों को बिना परीक्षा ही निजी स्कूलों में दाखिला लेने की छूट दी गई थी। नियमानुसार 55 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले इन 3098 विद्यार्थियों में से 2544 को पहले ड्रॉ में शामिल करते हुए स्कूल अलॉट कर दिए गए, शेष का नाम दूसरे ड्रॉ के लिए रख लिया गया।
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सोनीपत में निजी स्कूल के बाहर गंदगी फेंकता युवक। फाइल फोटो
तीन बार बढ़ाई अंतिम तिथि, फिर भी नहीं मिला दाखिला
स्कूल अलॉट होने के बाद विद्यार्थी दाखिला लेने के लिए आवंटित स्कूलों में तो पहुंचे, लेकिन निजी स्कूलों ने दाखिला देने से साफ इनकार कर दिया। अभिभावकों के प्रदर्शन व निजी स्कूलों की मनमानी के बीच पात्र विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाने के लिए शिक्षा विभाग ने दाखिला लेने की अंतिम तिथि पहले 24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक बढ़ाई थी। उसके बाद 7 जनवरी, फिर 15 जनवरी तक बढ़ाई। तीन बार तिथि बढ़ाने और 35 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बावजूद निजी स्कूल दाखिला देने को राजी नहीं हुए। अंतिम तिथि तक 2544 विद्यार्थियों में से सिर्फ 1099 विद्यार्थियों को ही दाखिला मिल पाया। जबकि 507 विद्यार्थियों का दाखिला निरस्त कर दिया गया। 936 विद्यार्थी आज भी दाखिले के लिए भटक रहे हैं।
पहला चरण अधर में छोड़ दूसरा ड्रॉ किया जारी
नियम की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दावा करने वाले शिक्षा विभाग ने पहले चरण की दाखिला प्रक्रिया को अधर में ही छोड़ दिया और दूसरा ड्रॉ जारी कर दिया। इसमें 273 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट किए गए। इन विद्यार्थियों को 18 फरवरी तक आवंटित स्कूलों में जाकर अपने प्रमाणपत्र जमा करवाते हुए दाखिला सुनिश्चित करना है। दूसरे ड्रॉ में शामिल इन 273 विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बता पाएगा।
शिक्षा विभाग की तरफ से चली अब तक की प्रक्रिया
- मूल्यांकन परीक्षा : 05 दिसंबर
- परिणाम घोषित हुआ : 16 दिसंबर
- पहला ड्रॉ व स्कूल अलॉटमेंट : 16 दिसंबर
- पहले ड्रॉ में शामिल विद्यार्थी : 2544
- दूसरे ड्रॉ के लिए शेष विद्यार्थी : 544
- दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ाई : 24 से 31 दिसंबर, 7 जनवरी, 15 जनवरी
- अंतिम तिथि तक हुए दाखिले : 1099
- निरस्त किए गए दाखिले : 507
- पहले ड्रॉ के तहत शेष दाखिले : 936
- दूसरे ड्रॉ के लिए आवेदन शुरू : 29 जनवरी से 02 फरवरी तक
- दूसरा ड्रॉ जारी किया जाएगा : 07 फरवरी
- दूसरे ड्रॉ के तहत दाखिले होंगे : 09 से 18 फरवरी तक
दाखिले को लेकर ऐसे चला घटनाक्रम
- 15 दिसंबर : मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम जारी न होने पर अभिभावकों ने बीईओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया
- 22 दिसंबर : निजी स्कूलों द्वारा दाखिला देने से इनकार करने पर बीईओ कार्यालय पहुंचे अभिभावकों ने प्रदर्शन किया, लगाए नारे
- 22 दिसंबर : बीईओ से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे अभिभावकों ने प्रदर्शन किया, डीसी को सौंपा ज्ञापन
- 23 दिसंबर : ऋषिकुल विद्यापीठ पहुंचे अभिभावकों ने दाखिले की मांग को लेकर गेट पर दिया धरना, प्रदर्शन किया
- 24 दिसंबर : दाखिले की अंतिम तिथि पर अभिभावकों के प्रदर्शन व शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद 29 स्कूलों ने 350 विद्यार्थियों को दाखिले दिए
- 24 दिसंबर : अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया, डीईओ की गाड़ी को घेरा, देर शाम अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर की
- 25 दिसंबर : निजी स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करवाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने सरकारी स्कूलों के प्राचार्य, लेक्चरर की लगाई ड्यूटी
- 27 दिसंबर : छात्र-अभिभावक संघ के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे अभिभावकों ने प्रदर्शन किया
- 29 दिसंबर : बच्चों को दाखिला न मिलने पर अभिभावकों ने एडीसी कार्यालय पर प्रदर्शन किया
- 29 दिसंबर : शिक्षा निदेशालय ने डीसी, एडीसी, डीईओ को पात्र विद्यार्थियों का दाखिला सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए
- 31 दिसंबर : पात्र विद्यार्थियों के दाखिले पेंडिंग रहने पर शिक्षा निदेशालय ने अंतिम तिथि बढ़ाकर 7 जनवरी की
- 03 जनवरी : निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों ने डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन, सीटीएम को सौंपा ज्ञापन
- 03 जनवरी : दाखिले को लेकर समाधान न होने पर गुस्साए अभिभावकों ने छात्र-अभिभावक संघ के नेतृत्व में गीता भवन चौक पर लगाया जाम
- 04 जनवरी : दाखिला देने से मना करने पर 15 निजी स्कूलों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस
- 05 जनवरी : आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त से मिलकर पात्र विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाने की मांग रखी, डीसी ने कहा - कमेटी गठित कर दी गई है, जल्द दिलवाएंगे दाखिले
- 05 जनवरी : बारिश के बीच डीईओ कार्यालय पहुंचे अभिभावकों ने मुख्य गेट पर जड़ा ताला, दिया धरना। कर्मचारी अंदर बने रहे बंधक, देर शाम डीसी के आदेश पर पुलिस ने ताला तोड़कर कर्मचारियों को बाहर निकाला।
- 06 जनवरी : छात्र अभिभावक संघ के नेतृत्व में अभिभावकों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया
- 07 जनवरी : अभिभावकों ने छोटे बच्चों संग डीसी कार्यालय पर दिया धरना, सड़क किनारे लगाई बच्चों की कक्षा
- 10 जनवरी : डीईईओ ने निजी स्कूल संचालकों की कार्यालय पर बुलाई बैठक, बाहर अभिभावक करते रहे प्रदर्शन
- 11 जनवरी : गुस्साए अभिभावकों ने निजी स्कूल संचालकों के घर फेंके गंदगी से भरे मटके
- 12 जनवरी : अभिभावकों ने अधिवक्ता के माध्यम से निजी स्कूल संचालकों को भिजवाए नोटिस
- 15 जनवरी : छात्र अभिभावक संघ ने पात्र विद्यार्थियों के दाखिले न होने पर तीखे आंदोलन की दी चेतावनी
- 17 जनवरी : दाखिला न मिलने से खफा अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर दिया धरना, लगाई बच्चों की पाठशाला
- 18 जनवरी : छात्र अभिभावक संघ के नेतृत्व मेें अभिभावकों ने डीसी को सौंपा मांगपत्र, सीएम विंडो पर दी शिकायत
- 19 जनवरी : लघु सचिवालय के बाहर सड़क किनारे कड़कड़ाती ठंड में अभिभावकों ने लगाई बच्चों की पाठशाला
- 27 जनवरी : आक्रोशित अभिभावकों ने मॉडल टाउन में निजी स्कूल वैन के टायरों की निकाली हवा, जमकर हुआ हंगामा
- 28 जनवरी : अभिभावकों ने रात को निजी स्कूलों के बाहर व गेट पर लिखा... शिक्षा के लुटेरे, शिक्षा का व्यापार बंद करो
- 29 जनवरी : अभिभावकों ने निजी स्कूल संचालकों के घरों के बाहर लिखे नारे, स्कूलों के बाहर किया प्रदर्शन
- 31 जनवरी : छात्र अभिभावक संघ के नेतृत्व मेें अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के पुतले की निकाली शव यात्रा, गीता भवन चौक पर पुतला दहन किया
- 07 फरवरी : आंबेडकर पार्क से उपायुक्त कार्यालय तक निकाला विरोध प्रदर्शन, दाखिलों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की रखी मांग
- 08 फरवरी : शिक्षा विभाग ने दाखिला न देने वाले निजी स्कूलों पर कार्रवाई करने के बजाय पुराने स्कूलों या सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए जारी किया पत्र