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वार्षिक शुल्क मांगने पर भड़के अभिभावक, किया प्रदर्शन
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डीसी कार्यालय पहुंचकर उपायुक्त के नाम तहसीलदार प्रदीप अहलावत को ज्ञापन सौंपते अभिभावक। संवाद
- फोटो : Sonipat
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नरेंद्र नगर स्थित सेंट ज्यूड्स अकादमी के परिसर में शनिवार को आयोजित बैठक में पहुंचे अभिभावकों से स्कूल प्रबंधन ने फीस के साथ वार्षिक शुल्क की मांग की। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने कहा कि अगर वार्षिक शुल्क नहीं दिया तो विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा। इस पर अभिभावक भड़क गए और स्कूल परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। बाद में अभिभावक एकत्रित होकर लघु सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त के नाम तहसीलदार प्रदीप अहलावत को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने कहा कि उन्हें शनिवार को स्कूल में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) में बुलाया गया था। बैठक में स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से सालाना फीस की मांग की। यही नहीं वार्षिक शुल्क न देने पर परीक्षाओं के लिए जारी होने वाला एडमिट कार्ड देने से मना कर दिया। इस पर अभिभावक बिफर गए और अकादमी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। गुस्साए अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर मनमानी के आरोप लगाए। तहसीलदार प्रदीप अहलावत को ज्ञापन देने वालों में मनीषा, डोली, कोमल, प्रीति, मीनाक्षी, अरविंद, अमित कुमार, जोगेंद्र, चरणजीत, महक, आरूष, गीता, मोनिका, ध्रुव, स्वीटी, संगम, उज्ज्वल, अनीता, अयान, गौरांश, रेयांस, सोनिया, जानवी, दीपक, अमित कुमार, रजनीश सहित अन्य अभिभावक मौजूद रहे।
परीक्षा के समय जानबूझकर दबाव बना रहा स्कूल
अभिभावकों ने कहा कि स्कूल प्रबंधन परीक्षाओं के समय जानबूझकर दबाव बनाकर सालाना फीस मांग रहा है, जबकि सरकार ने भी सालाना फीस लेने से मना किया है। अभिभावकों ने कहा कि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो कोरोना के कारण अपना रोजगार गंवा चुके हैं। अभिभावकों ने कोरोना काल में भी स्कूल को पूरी फीस दी है, जबकि इस दौरान बच्चे घरों से ही पढ़ रहे थे। हर महीने फीस का भुगतान करते के बावजूद जबरदस्ती वार्षिक शुल्क वसूलने के लिए दबाव बनाना गलत है।
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बुलाए थे पीटीएम के लिए, बनाया वार्षिक शुल्क का दबाव
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से उन्हें पीटीएम के लिए बुलाया गया था, लेकिन यहां सीधे वार्षिक शुल्क का बिल थमा दिया। यही नहीं वार्षिक शुल्क न देने पर एडमिट कार्ड रोकने की धमकी दी गई। अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि वे लोग वार्षिक शुल्क नहीं देंगे। तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन में अभिभावकों ने मांग रखी कि वार्षिक शुल्क निरस्त करवाया जाए, बच्चों को परीक्षा में बैठने के लिए एडमिट कार्ड जारी करवाया जाए।
वर्जन
स्कूल में नियमानुसार ही शुल्क लिया जा रहा है। कोरोना के कारण पिछले वर्ष भी वार्षिक शुल्क छोड़ दिया गया था। इस बार फॉर्म-6 के अनुसार ही सभी कार्य किए जा रहे हैं। अभिभावकों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया। वार्षिक शुल्क किस्तों में देने की ही बात कही है। साथ ही यह भी कहा था कि अगर कोई अभिभावक आर्थिक परेशानियों से गुजर रहा है तो वह आवेदन दे दें, उसे छूट दी जाएगी। सभी को छूट देना संभव नहीं है।
- कुलेंदे सामी, प्राचार्य, सेंट ज्यूड्स अकादमी, सोनीपत
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प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने कहा कि उन्हें शनिवार को स्कूल में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) में बुलाया गया था। बैठक में स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से सालाना फीस की मांग की। यही नहीं वार्षिक शुल्क न देने पर परीक्षाओं के लिए जारी होने वाला एडमिट कार्ड देने से मना कर दिया। इस पर अभिभावक बिफर गए और अकादमी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। गुस्साए अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर मनमानी के आरोप लगाए। तहसीलदार प्रदीप अहलावत को ज्ञापन देने वालों में मनीषा, डोली, कोमल, प्रीति, मीनाक्षी, अरविंद, अमित कुमार, जोगेंद्र, चरणजीत, महक, आरूष, गीता, मोनिका, ध्रुव, स्वीटी, संगम, उज्ज्वल, अनीता, अयान, गौरांश, रेयांस, सोनिया, जानवी, दीपक, अमित कुमार, रजनीश सहित अन्य अभिभावक मौजूद रहे।
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परीक्षा के समय जानबूझकर दबाव बना रहा स्कूल
अभिभावकों ने कहा कि स्कूल प्रबंधन परीक्षाओं के समय जानबूझकर दबाव बनाकर सालाना फीस मांग रहा है, जबकि सरकार ने भी सालाना फीस लेने से मना किया है। अभिभावकों ने कहा कि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो कोरोना के कारण अपना रोजगार गंवा चुके हैं। अभिभावकों ने कोरोना काल में भी स्कूल को पूरी फीस दी है, जबकि इस दौरान बच्चे घरों से ही पढ़ रहे थे। हर महीने फीस का भुगतान करते के बावजूद जबरदस्ती वार्षिक शुल्क वसूलने के लिए दबाव बनाना गलत है।
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बुलाए थे पीटीएम के लिए, बनाया वार्षिक शुल्क का दबाव
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से उन्हें पीटीएम के लिए बुलाया गया था, लेकिन यहां सीधे वार्षिक शुल्क का बिल थमा दिया। यही नहीं वार्षिक शुल्क न देने पर एडमिट कार्ड रोकने की धमकी दी गई। अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि वे लोग वार्षिक शुल्क नहीं देंगे। तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन में अभिभावकों ने मांग रखी कि वार्षिक शुल्क निरस्त करवाया जाए, बच्चों को परीक्षा में बैठने के लिए एडमिट कार्ड जारी करवाया जाए।
वर्जन
स्कूल में नियमानुसार ही शुल्क लिया जा रहा है। कोरोना के कारण पिछले वर्ष भी वार्षिक शुल्क छोड़ दिया गया था। इस बार फॉर्म-6 के अनुसार ही सभी कार्य किए जा रहे हैं। अभिभावकों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया। वार्षिक शुल्क किस्तों में देने की ही बात कही है। साथ ही यह भी कहा था कि अगर कोई अभिभावक आर्थिक परेशानियों से गुजर रहा है तो वह आवेदन दे दें, उसे छूट दी जाएगी। सभी को छूट देना संभव नहीं है।
- कुलेंदे सामी, प्राचार्य, सेंट ज्यूड्स अकादमी, सोनीपत