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हल्की बारिश के साथ तेज हवा चलने से बिछी धान की फसल, 20 फीसदी तक नुकसान का अनुमान
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बूंदाबांदी के बीच हवा चलने से खेत में बिछी धान की फसल। संवाद
- फोटो : Sonipat
लगातार चार दिन से रुक-रुककर हो रही बूंदाबांदी और हल्की बारिश का दौर सोमवार को भी जारी रहा। दिन भर आसमान में काले बादल छाए रहे। दोपहर बाद ठंडी हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी के साथ हवा चलने से खेतों में खड़ी धान की फसल बिछ गई। मौसम के बदले तेवर से फसल में करीब 20 फीसदी तक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो मंगलवार को भी आसमान पर बादल छाए रहने और बूंदाबांदी होने के आसार बने हुए हैं। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश से सबसे बुरा असर धान की 1509 किस्म में हुआ है। वहीं पांच फीसदी तक 1121 किस्म भी प्रभावित होने की आशंका है।
रुक-रुककर हो रही बूंदाबांदी और हल्की बारिश से तापमान में भी छह डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। जिससे लोगों को सर्दी का एहसास होने लगा है। लोगों ने कूलर चलाने बंद कर दिए हैं, वहीं पंखों की गति भी धीमी हो गई है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो बारिश के प्रभाव से एक सप्ताह तक तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। दिवाली तक तापमान में कमी जारी रहेगी।
20 हजार एकड़ में खड़ी धान की 1509 किस्म
कृषि अधिकारियों की मानें तो जिले में करीब 20 हजार एकड़ में धान की 1509 किस्म खड़ी है। चार दिनों से लगातार हो रही बूंदाबांदी के साथ हवाएं चलने से कुछ क्षेत्रों में धान की फसल बिछ गई है। जिससे किसानों को फसल के खराब होने का डर सताने लगा है। कृषि विशेषज्ञों ने खेत में बिछी धान की फसल में करीब 20 फीसदी तक नुकसान की आशंका जताई है। वहीं 30 हजार एकड़ में खड़ी धान की 1121 किस्म के भी बारिश से प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। मौसम के मिजाज को देखते हुए कृषि अधिकारियों ने किसानों को धान की कटाई न करने की सलाह दी है।
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गलियों में फैला कीचड़
बूंदाबांदी से शहर की सड़कों व गलियों में कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर निकासी व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण लोगों को पानी के बीच निकलना पड़ रहा है।
मंडियों में 6600 क्विंटल धान बिका, खरखौदा मंडी व कासंडी में नमी के कारण नहीं हुई खरीद
बूंदाबांदी के बीच सोमवार को जिले की मंडियों में धान की आवक जारी रही। सोनीपत व गन्नौर मंडी में 500-500 क्विंटल 1509 किस्म के धान की खरीद हुई। खरखौदा अनाज मंडी में दो किसान करीब 70 क्विंटल धान लेकर पहुंचे थे। लेकिन धान में नमी की मात्रा ज्यादा होने के कारण खरीद नहीं हो सकी। वहीं कासंडी खरीद केंद्र में तीन दिन बाद पीआर धान पहुंचा, लेकिन नमी के कारण धान की खरीद करने से अधिकारियों ने मना कर दिया। गोहाना अनाज मंडी में 3109 क्विंटल पीआर धान व 2500 क्विंटल 1509 किस्म के धान की खरीद हुई।
सोनीपत मंडी में पहुंचे एसडीएम, व्यवस्था का लिया जायजा
सोनीपत मंडी में एसडीएम अमित कुमार ने धान खरीद के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने धान लेकर पहुंचे किसानों से बातचीत की। एसडीएम ने किसानों ने अपील करते हुए कहा कि बारिश के बीच फसल की कटाई न करें। बारिश के दौरान फसल में नमी की मात्रा ज्यादा होती है। ऐसे में सभी किसान मौसम साफ होने के बाद ही फसलों की कटाई करें। जिससे किसानों को मंडी में फसलों के बेहतर दाम मिल सके।
24 घंटे में कहां-कितनी हुई बारिश (एमएम में)
ब्लॉक बारिश
सोनीपत 4
गन्नौर 7
गोहाना 5
खरखौदा 1
खानपुर कलां 6
राई 8
मौसम में आए परिवर्तन के कारण चार दिन से रुक-रुककर बुंदाबांदी व हल्की बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भी आसमान पर बादल छाए रहने और कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी होने के आसार बने हुए हैं। दिवाली तक मौसम में सर्दी बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।
डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत
किसान फिलहाल खेतों में कृषि कार्य न करें। फसल की कटाई रोक दें। फसल के अंदर पानी खड़ा न रहने दें। जिससे नुकसान को कम से कम किया जा सके।
डॉ. अनिल सहरावत, जिला कृषि अधिकारी।
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रुक-रुककर हो रही बूंदाबांदी और हल्की बारिश से तापमान में भी छह डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। जिससे लोगों को सर्दी का एहसास होने लगा है। लोगों ने कूलर चलाने बंद कर दिए हैं, वहीं पंखों की गति भी धीमी हो गई है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो बारिश के प्रभाव से एक सप्ताह तक तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। दिवाली तक तापमान में कमी जारी रहेगी।
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20 हजार एकड़ में खड़ी धान की 1509 किस्म
कृषि अधिकारियों की मानें तो जिले में करीब 20 हजार एकड़ में धान की 1509 किस्म खड़ी है। चार दिनों से लगातार हो रही बूंदाबांदी के साथ हवाएं चलने से कुछ क्षेत्रों में धान की फसल बिछ गई है। जिससे किसानों को फसल के खराब होने का डर सताने लगा है। कृषि विशेषज्ञों ने खेत में बिछी धान की फसल में करीब 20 फीसदी तक नुकसान की आशंका जताई है। वहीं 30 हजार एकड़ में खड़ी धान की 1121 किस्म के भी बारिश से प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। मौसम के मिजाज को देखते हुए कृषि अधिकारियों ने किसानों को धान की कटाई न करने की सलाह दी है।
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गलियों में फैला कीचड़
बूंदाबांदी से शहर की सड़कों व गलियों में कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर निकासी व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण लोगों को पानी के बीच निकलना पड़ रहा है।
मंडियों में 6600 क्विंटल धान बिका, खरखौदा मंडी व कासंडी में नमी के कारण नहीं हुई खरीद
बूंदाबांदी के बीच सोमवार को जिले की मंडियों में धान की आवक जारी रही। सोनीपत व गन्नौर मंडी में 500-500 क्विंटल 1509 किस्म के धान की खरीद हुई। खरखौदा अनाज मंडी में दो किसान करीब 70 क्विंटल धान लेकर पहुंचे थे। लेकिन धान में नमी की मात्रा ज्यादा होने के कारण खरीद नहीं हो सकी। वहीं कासंडी खरीद केंद्र में तीन दिन बाद पीआर धान पहुंचा, लेकिन नमी के कारण धान की खरीद करने से अधिकारियों ने मना कर दिया। गोहाना अनाज मंडी में 3109 क्विंटल पीआर धान व 2500 क्विंटल 1509 किस्म के धान की खरीद हुई।
सोनीपत मंडी में पहुंचे एसडीएम, व्यवस्था का लिया जायजा
सोनीपत मंडी में एसडीएम अमित कुमार ने धान खरीद के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने धान लेकर पहुंचे किसानों से बातचीत की। एसडीएम ने किसानों ने अपील करते हुए कहा कि बारिश के बीच फसल की कटाई न करें। बारिश के दौरान फसल में नमी की मात्रा ज्यादा होती है। ऐसे में सभी किसान मौसम साफ होने के बाद ही फसलों की कटाई करें। जिससे किसानों को मंडी में फसलों के बेहतर दाम मिल सके।
24 घंटे में कहां-कितनी हुई बारिश (एमएम में)
ब्लॉक बारिश
सोनीपत 4
गन्नौर 7
गोहाना 5
खरखौदा 1
खानपुर कलां 6
राई 8
मौसम में आए परिवर्तन के कारण चार दिन से रुक-रुककर बुंदाबांदी व हल्की बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भी आसमान पर बादल छाए रहने और कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी होने के आसार बने हुए हैं। दिवाली तक मौसम में सर्दी बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।
डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत
किसान फिलहाल खेतों में कृषि कार्य न करें। फसल की कटाई रोक दें। फसल के अंदर पानी खड़ा न रहने दें। जिससे नुकसान को कम से कम किया जा सके।
डॉ. अनिल सहरावत, जिला कृषि अधिकारी।

सोनीपत की नई अनाज मंडी में शेड के नीचे सुखाया गया नमीयुक्त धान। संवाद- फोटो : Sonipat