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Olympics: विनेश की अपील खारिज होने से ससुर और प्रशिक्षक निराश, बोले- बेटी को उसका हक मिलना चाहिए था
Wed, 14 Aug 2024 11:35 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 14 Aug 2024 11:35 PM IST
सार
विनेश के ससुर राजपाल ने कहा कि 16 को फैसले की तिथि देने के बाद अचानक 14 को सुना दिया। विनेश की अपील खारिज होने से ससुर और प्रशिक्षक निराश नजर आए।
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विनेश के ससुर राजपाल राठी। द्रोणाचार्य अवार्डी एवं प्रशिक्षक ओमप्रकाश दहिया।
- फोटो : संवाद
विस्तार
पेरिस ओलंपिक से विनेश फोगाट की संयुक्त रजत पदक देने की अपील को खेल पंचाट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोट्र्स ने खारिज कर दिया है। अपील खारिज होने से परिजन व प्रशिक्षक निराश हैं। उनका कहना है कि फैसला विनेश के पक्ष में आना चाहिए था। बेटी को उसका हक मिलना चाहिए था।
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विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक के कुश्ती मुकाबले में फाइनल से पहले 100 ग्राम अधिक वजन होने की वजह से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने संयुक्त रजत पदक देने की अपील दायर की थी। 9 अगस्त को बहस के बाद फैसला पहले 13 अगस्त तक टाल दिया गया था। बाद में बताया गया था कि फैसला 16 अगस्त को दिया जाएगा।
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अब 14 अगस्त को विनेश की अपील को खारिज कर दिया। विनेश के पेरिस ओलंपिक में फाइनल तक पहुंचने के बाद भी पदक नहीं मिलने से खरखौदा स्थित ससुराल में निराशा का माहौल है। ससुर राजपाल राठी ने बताया कि यकीन नहीं हो रहा कि 16 अगस्त को फैसले की तिथि देने के बाद अचानक उसे 14 को सुना दिया गया। फैसला उनके हक में नहीं आया है, जिससे निराशा हुई है। बेटी को उसका जीता हुआ हक मिलना चाहिए था।
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वहीं, विनेश के प्रशिक्षक व द्रोणाचार्य अवार्डी ओमप्रकाश दहिया ने कहा कि फैसले से दुख हुआ है। भगवान विनेश को हिम्मत दें। मैं जानता हूं वह एक फाइटर है। फैसला विपरीत आने पर देश ने एक पदक गंवा दिया है। विनेश को हिम्मत देकर आगे भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जाएगा।