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नप अध्यक्ष पद का उम्मीदवार खर्च कर सकेगा 16 लाख रुपये : डीसी
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सोनीपत। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ललित सिवाच ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग की तरफ से निकाय चुनाव की घोषणा की गई है। गोहाना नगर परिषद और गन्नौर व कुंडली नगर पालिका चुनाव 19 जून को होगा। 22 जून को परिणाम घोषित किए जाएंगे। उम्मीदवार 30 मई से 4 जून तक केवल 2 जून (अवकाश होने के कारण) को छोड़कर प्रात: 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद-कमेटी के अध्यक्ष एवं सदस्यों का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की खर्च सीमा संशोधित की गई है। नगर पालिका अध्यक्ष के प्रत्याशी के लिए चुनाव खर्च की सीमा 10.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। नगर परिषद अध्यक्ष के उम्मीदवार के लिए चुनाव खर्च की सीमा 16 लाख रुपये निर्धारित की गई है। नगर पालिका सदस्य प्रत्याशी के लिए चुनाव खर्च की सीमा 2.50 लाख रुपये, नगर परिषद सदस्य प्रत्याशी के लिए 3.50 लाख रुपये की गई है। प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का लेखा-जोखा रखना होगा और इसे 30 दिनों के भीतर जमा करना होगा। उपायुक्त ने बताया कि सभी उम्मीदवार अपने चुनावी-खर्च का लेखा बनाकर रखेंगे और चुनाव का परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर उसे उपायुक्त या राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। ऐसा न करने पर वह उम्मीदवार 5 वर्षों के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। निकाय चुनाव एम-2 टाइप ईवीएम से कराया जाएगा। इसमें प्रत्याशी का प्रिंट फोटोग्राफ बैलेट पेपर और अन्य ब्योरे के साथ ईवीएम की बैलेटिंग यूनिट पर प्रदर्शित होगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अध्यक्ष और सदस्य के लिए अनारक्षित वर्ग में अध्यक्ष चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवार के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता कक्षा 10वीं निर्धारित की गई है। अध्यक्ष और सदस्य के लिए चुनाव लडऩे वाली महिलाओं और अनुसूचित जाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आठवीं पास होना आवश्यक है। इसके अलावा, अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लडऩे वाली अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के लिए आठवीं कक्षा, जबकि सदस्य के पद का चुनाव लडऩे के लिए पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।
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7 जून तक उम्मीदवार वापस ले सकेंगे नाम
नामांकन पत्रों की जांच 6 जून को होगी। उम्मीदवार 7 जून तक पूर्वाह्न 11 से दोपहर बाद 3 बजे तक नामांकन पत्र वापस ले सकते हैं। उसी दिन उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। 19 जून को प्रात: 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होंगे। उन्होंने कहा कि पहले मतदान का समय शाम 5 बजे तक होता था, लेकिन इस बार गर्मी के मौसम को देखते हुए मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया गया है। यदि आवश्यक हुआ तो दोबारा मतदान 21 जून को करवाया जा सकता है।
नोटा का विकल्प होगा मौजूद
निकाय चुनावों में भी नोटा के विकल्प का इस्तेमाल किया जाएगा। चुनाव परिणाम घोषित करने से पहले नोटा एक काल्पनिक चुनावी उम्मीदवार के रूप में समझा जाता है। यदि किसी निर्वाचन में चुनाव लडऩे वाले सभी प्रत्याशी व्यक्तिगत रूप से नोटा से कम वोट प्राप्त करते हैं तब चुनाव लड़ने वाले किसी भी उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित नहीं किया जाएगा। नोटा और उम्मीदवार सबसे ज्यादा या बराबर वैध वोट प्राप्त करते हैं, ऐसी स्थिति में उम्मीदवार (न की नोटा) निर्वाचित घोषित किया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि चुनाव में ऐसा कोई भी उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल करने के योग्य नहीं होगा, यदि उसने कुल वोट पहले चुनाव में नोटा के मुकाबले कम प्राप्त किए हैं। नोटा दोबारा उच्चतम वोट प्राप्त करता है तो दूसरी बार चुनाव नहीं करवाया जाएगा और उच्चतम वोट प्राप्त करने वाले उम्मीदवार (नोटा को छोड़कर) को निर्वाचित उम्मीदवार के रूप में घोषित कर दिया जाएगा।
मतदाता सूची तैयार की
उपायुक्त ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी, 2022 को अर्हता तिथि मानते हुए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 5 जनवरी, 2022 को प्रकाशित विधानसभा मतदाता सूची के आधार पर नगर समितियों, नगर परिषदों की मतदाता सूची को तैयार किया है। यदि कोई व्यक्ति, जिसका नाम संबंधित नगर समिति/परिषद की वार्डवार मतदाता सूची में शामिल नहीं है, लेकिन उसका नाम राज्य विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता रोल के प्रासंगिक भाग में मौजूद है, तो वह नामांकन की अंतिम तिथि तक पालिका की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने के लिए रिटर्निंग अधिकारी के पास फॉर्म-ए भरकर आवेदन कर सकता है।
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उन्होंने कहा कि नगर परिषद-कमेटी के अध्यक्ष एवं सदस्यों का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की खर्च सीमा संशोधित की गई है। नगर पालिका अध्यक्ष के प्रत्याशी के लिए चुनाव खर्च की सीमा 10.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। नगर परिषद अध्यक्ष के उम्मीदवार के लिए चुनाव खर्च की सीमा 16 लाख रुपये निर्धारित की गई है। नगर पालिका सदस्य प्रत्याशी के लिए चुनाव खर्च की सीमा 2.50 लाख रुपये, नगर परिषद सदस्य प्रत्याशी के लिए 3.50 लाख रुपये की गई है। प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का लेखा-जोखा रखना होगा और इसे 30 दिनों के भीतर जमा करना होगा। उपायुक्त ने बताया कि सभी उम्मीदवार अपने चुनावी-खर्च का लेखा बनाकर रखेंगे और चुनाव का परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर उसे उपायुक्त या राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। ऐसा न करने पर वह उम्मीदवार 5 वर्षों के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। निकाय चुनाव एम-2 टाइप ईवीएम से कराया जाएगा। इसमें प्रत्याशी का प्रिंट फोटोग्राफ बैलेट पेपर और अन्य ब्योरे के साथ ईवीएम की बैलेटिंग यूनिट पर प्रदर्शित होगा।
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जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अध्यक्ष और सदस्य के लिए अनारक्षित वर्ग में अध्यक्ष चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवार के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता कक्षा 10वीं निर्धारित की गई है। अध्यक्ष और सदस्य के लिए चुनाव लडऩे वाली महिलाओं और अनुसूचित जाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आठवीं पास होना आवश्यक है। इसके अलावा, अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लडऩे वाली अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के लिए आठवीं कक्षा, जबकि सदस्य के पद का चुनाव लडऩे के लिए पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।
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7 जून तक उम्मीदवार वापस ले सकेंगे नाम
नामांकन पत्रों की जांच 6 जून को होगी। उम्मीदवार 7 जून तक पूर्वाह्न 11 से दोपहर बाद 3 बजे तक नामांकन पत्र वापस ले सकते हैं। उसी दिन उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। 19 जून को प्रात: 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होंगे। उन्होंने कहा कि पहले मतदान का समय शाम 5 बजे तक होता था, लेकिन इस बार गर्मी के मौसम को देखते हुए मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया गया है। यदि आवश्यक हुआ तो दोबारा मतदान 21 जून को करवाया जा सकता है।
नोटा का विकल्प होगा मौजूद
निकाय चुनावों में भी नोटा के विकल्प का इस्तेमाल किया जाएगा। चुनाव परिणाम घोषित करने से पहले नोटा एक काल्पनिक चुनावी उम्मीदवार के रूप में समझा जाता है। यदि किसी निर्वाचन में चुनाव लडऩे वाले सभी प्रत्याशी व्यक्तिगत रूप से नोटा से कम वोट प्राप्त करते हैं तब चुनाव लड़ने वाले किसी भी उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित नहीं किया जाएगा। नोटा और उम्मीदवार सबसे ज्यादा या बराबर वैध वोट प्राप्त करते हैं, ऐसी स्थिति में उम्मीदवार (न की नोटा) निर्वाचित घोषित किया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि चुनाव में ऐसा कोई भी उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल करने के योग्य नहीं होगा, यदि उसने कुल वोट पहले चुनाव में नोटा के मुकाबले कम प्राप्त किए हैं। नोटा दोबारा उच्चतम वोट प्राप्त करता है तो दूसरी बार चुनाव नहीं करवाया जाएगा और उच्चतम वोट प्राप्त करने वाले उम्मीदवार (नोटा को छोड़कर) को निर्वाचित उम्मीदवार के रूप में घोषित कर दिया जाएगा।
मतदाता सूची तैयार की
उपायुक्त ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी, 2022 को अर्हता तिथि मानते हुए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 5 जनवरी, 2022 को प्रकाशित विधानसभा मतदाता सूची के आधार पर नगर समितियों, नगर परिषदों की मतदाता सूची को तैयार किया है। यदि कोई व्यक्ति, जिसका नाम संबंधित नगर समिति/परिषद की वार्डवार मतदाता सूची में शामिल नहीं है, लेकिन उसका नाम राज्य विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता रोल के प्रासंगिक भाग में मौजूद है, तो वह नामांकन की अंतिम तिथि तक पालिका की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने के लिए रिटर्निंग अधिकारी के पास फॉर्म-ए भरकर आवेदन कर सकता है।