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Sonipat News: पटाया से पदक लेकर लौटी लड़सौली की निशा, अब ओलंपिक में तिरंगा लहराने का सपना
Wed, 01 Jul 2026 05:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 01 Jul 2026 05:04 AM IST
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फोटो :: सोनीपत के लड़सौली की पहलवान निशा व उनके प्रशिक्षक कुलबीर राणा व सीमा राणा के साथ दिल्
सोनीपत। थाईलैंड के पटाया में आयोजित अंडर-15 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर लौटी गांव लड़सौली की बेटी निशा मोर का दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया। परिजनों, परिचितों और खेल प्रेमियों ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान उनके प्रशिक्षक कुलबीर राणा और सीमा राणा का भी सम्मान किया गया।
ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए पदक जीतने वाली निशा की उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद वह ककरोई रोड स्थित युद्धवीर अखाड़ा के लिए रवाना हुईं। गांव में बेटी का जल्द ही विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
निशा के पिता एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रियव्रत ने कहा कि बेटी ने पूरे गांव, जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उसकी इस उपलब्धि पर हर परिवार को गर्व है। उन्होंने बताया कि लड़सौली पहुंचने पर ग्रामीणों की ओर से भव्य स्वागत किया जाएगा।
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वहीं, गांव की सरपंच और निशा की मां सुशीला ने कहा कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। निशा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल कर दूसरी बेटियों के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की है।
निशा ने कहा कि एशियाई स्तर पर पदक जीतना उनके लिए गर्व का क्षण है, लेकिन उनका सपना इससे कहीं बड़ा है। उनका लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतकर तिरंगा बुलंद करना है। इसके लिए वह पहले से अधिक मेहनत और अनुशासन के साथ तैयारी करेंगी।
कड़ी मेहनत ने दिलाई सफलता
प्रशक्षिक कुलबीर राणा व सीमा राणा ने बताया कि निशा लगातार कड़ी मेहनत कर रही हैं। उनके परिवार ने भी बेटी का पूरा साथ दिया। परिवार ने बेटी की रुचि और प्रतिभा को पहचानते हुए हर कदम पर प्रोत्साहित किया। लगातार मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग का ही परिणाम है कि आज वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीतकर लौटी है।
एशियाई चैंपियनशिप में पदक जीतना मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है लेकिन मेरा अंतिम लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है। इसके लिए मैं और अधिक मेहनत करूंगी।
- निशा मोर, कांस्य पदक विजेता पहलवान
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ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए पदक जीतने वाली निशा की उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद वह ककरोई रोड स्थित युद्धवीर अखाड़ा के लिए रवाना हुईं। गांव में बेटी का जल्द ही विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
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निशा के पिता एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रियव्रत ने कहा कि बेटी ने पूरे गांव, जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उसकी इस उपलब्धि पर हर परिवार को गर्व है। उन्होंने बताया कि लड़सौली पहुंचने पर ग्रामीणों की ओर से भव्य स्वागत किया जाएगा।
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वहीं, गांव की सरपंच और निशा की मां सुशीला ने कहा कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। निशा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल कर दूसरी बेटियों के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की है।
निशा ने कहा कि एशियाई स्तर पर पदक जीतना उनके लिए गर्व का क्षण है, लेकिन उनका सपना इससे कहीं बड़ा है। उनका लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतकर तिरंगा बुलंद करना है। इसके लिए वह पहले से अधिक मेहनत और अनुशासन के साथ तैयारी करेंगी।
कड़ी मेहनत ने दिलाई सफलता
प्रशक्षिक कुलबीर राणा व सीमा राणा ने बताया कि निशा लगातार कड़ी मेहनत कर रही हैं। उनके परिवार ने भी बेटी का पूरा साथ दिया। परिवार ने बेटी की रुचि और प्रतिभा को पहचानते हुए हर कदम पर प्रोत्साहित किया। लगातार मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग का ही परिणाम है कि आज वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीतकर लौटी है।
एशियाई चैंपियनशिप में पदक जीतना मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है लेकिन मेरा अंतिम लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है। इसके लिए मैं और अधिक मेहनत करूंगी।
- निशा मोर, कांस्य पदक विजेता पहलवान