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निपुण हरियाणा : ना प्रिंट मटेरियल मिला, ना जारी किया बजट, गुरुजी कैसे सीखेंगे पढ़ाने के तरीके
Sun, 14 Apr 2024 10:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 14 Apr 2024 10:56 PM IST
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सोनीपत। निपुण हरियाणा मिशन के तहत गुरुजी को पढ़ाई के नए तरीके सिखाने के लिए लगाए जाने वाले प्रशिक्षण शिविर के शुरू करने पर संशय बना हुआ है। विभाग ने 15 अप्रैल से खंड स्तर पर प्रशिक्षण शिविर लगाने का शेड्यूल तो जारी कर दिया, लेकिन इसके लिए ना तो प्रिंट मटेरियल भेजा और ना ही बजट जारी किया। ऐसे में सोमवार से प्रशिक्षण शिविर शुरू कर पाना संभव नहीं है, इसे देखते हुए अधिकारियों ने शिविर को 16 अप्रैल से शुरू करने की बात कही है।
विद्यार्थियों की बुनियाद मजबूत करने के लिए निपुण कार्यक्रम शुरू किया गया था। इसमें पहली से तीसरी कक्षा को शामिल किया था। विद्यार्थियों को खेल-खेल में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया था। बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) क्लासेज में अब पहली बार कक्षा 4 व 5 को भी शामिल किया गया है। साथ ही इन कक्षाओं के पाठ्यक्रम में नई वर्कबुक उद्भव 1 व 2 और मॉक टेस्ट सीरीज शामिल की गई हैं। विद्यार्थी इन्हें बेहतर तरीके से सीख सकें, इसलिए शिक्षकों को नवाचार से पढ़ाने के तरीके सिखाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाना था। इसके बावजूद प्रिंट मटेरियल व बजट जारी नहीं होने से 15 अप्रैल से शुरू होने वाले प्रशिक्षण शिविर की अवधि को एक दिन बढ़ाया गया है।
जिले में करीब 1850 शिक्षकों को दिया जाना है प्रशिक्षण
कक्षा चौथी व पांचवीं के पाठ्यक्रम में शामिल की गई वर्कबुक व मॉक टेस्ट सिरीज को खेल-खेल में पढ़ाने के तरीके सिखाने के लिए जिले के 1760 शिक्षकों व 90 एबीआरसी व बीआरपी को दिया जाना है। इसके लिए प्रत्येक खंड में दो-दो बैच बनाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक बैच में 40 शिक्षक शामिल किए जाएंगे। इसके लिए नए नियम के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से बैच बनाए गए हैं। बैच बना ब्लॉक डैशबोर्ड से शिक्षकों का चयन किया गया है। प्रशिक्षण शिविर शुरू होने के कारण शिक्षकों की अदला-बदली नहीं की जा सकेगी।
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सामने आ रही यह चुनौतियां
-जिले से कुछ शिक्षक गए हैं तो कुछ शिक्षक नए आए हैं, इनकी एमआईएस पोर्टल पर रिलीविंग व ज्वाइनिंग नहीं हुई है। ऐसे में ऑनलाइन तरीके से बैच बनाने में परेशानी आ रही है। सभी शिक्षकों का डाटा एमआईएस पोर्टल पर जल्द अपलोड करना होगा।
-स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया चल रही है, जिस कारण आठ अप्रैल से शुरू होने वाले प्रशिक्षण शिविर की तिथि बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दी थी, लेकिन इस तिथि को भी प्रशिक्षण शिविर शुरू करने पर संशय बना हुआ है।
-प्रशिक्षण शिविर के संचालन में बजट किस मद में खर्च किया जाए, इसको लेकर कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। ऐसे में अपनी जेब से खर्च करने पर भी प्रशिक्षण शुरू नहीं करवाया जा सकता।
-प्रिंट मटेरियल जिला या खंड स्तर पर उपलब्ध करवाना है, इसको लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
-25 मई को चुनाव है, इसमें शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इससे पूर्व इन्हें ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसलिए मई माह से पहले एफएलएन प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है।
वर्जन
शिक्षकों के लिए 15 अप्रैल से शुरू होने वाले प्रशिक्षण शिविर को एक दिन आगे बढ़ाया गया है। शिविर के लिए गूगल लिंक तो जारी कर दिया है, लेकिन गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। इस कारण शिविर शुरू करने की तिथि को एक दिन बढ़ाया गया है। इस बारे में सभी शिक्षकों को अवगत करा दिया है।
मनोज वर्मा, जिला समन्वयक, एफएलएन, सोनीपत
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विद्यार्थियों की बुनियाद मजबूत करने के लिए निपुण कार्यक्रम शुरू किया गया था। इसमें पहली से तीसरी कक्षा को शामिल किया था। विद्यार्थियों को खेल-खेल में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया था। बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) क्लासेज में अब पहली बार कक्षा 4 व 5 को भी शामिल किया गया है। साथ ही इन कक्षाओं के पाठ्यक्रम में नई वर्कबुक उद्भव 1 व 2 और मॉक टेस्ट सीरीज शामिल की गई हैं। विद्यार्थी इन्हें बेहतर तरीके से सीख सकें, इसलिए शिक्षकों को नवाचार से पढ़ाने के तरीके सिखाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाना था। इसके बावजूद प्रिंट मटेरियल व बजट जारी नहीं होने से 15 अप्रैल से शुरू होने वाले प्रशिक्षण शिविर की अवधि को एक दिन बढ़ाया गया है।
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जिले में करीब 1850 शिक्षकों को दिया जाना है प्रशिक्षण
कक्षा चौथी व पांचवीं के पाठ्यक्रम में शामिल की गई वर्कबुक व मॉक टेस्ट सिरीज को खेल-खेल में पढ़ाने के तरीके सिखाने के लिए जिले के 1760 शिक्षकों व 90 एबीआरसी व बीआरपी को दिया जाना है। इसके लिए प्रत्येक खंड में दो-दो बैच बनाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक बैच में 40 शिक्षक शामिल किए जाएंगे। इसके लिए नए नियम के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से बैच बनाए गए हैं। बैच बना ब्लॉक डैशबोर्ड से शिक्षकों का चयन किया गया है। प्रशिक्षण शिविर शुरू होने के कारण शिक्षकों की अदला-बदली नहीं की जा सकेगी।
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सामने आ रही यह चुनौतियां
-जिले से कुछ शिक्षक गए हैं तो कुछ शिक्षक नए आए हैं, इनकी एमआईएस पोर्टल पर रिलीविंग व ज्वाइनिंग नहीं हुई है। ऐसे में ऑनलाइन तरीके से बैच बनाने में परेशानी आ रही है। सभी शिक्षकों का डाटा एमआईएस पोर्टल पर जल्द अपलोड करना होगा।
-स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया चल रही है, जिस कारण आठ अप्रैल से शुरू होने वाले प्रशिक्षण शिविर की तिथि बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दी थी, लेकिन इस तिथि को भी प्रशिक्षण शिविर शुरू करने पर संशय बना हुआ है।
-प्रशिक्षण शिविर के संचालन में बजट किस मद में खर्च किया जाए, इसको लेकर कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। ऐसे में अपनी जेब से खर्च करने पर भी प्रशिक्षण शुरू नहीं करवाया जा सकता।
-प्रिंट मटेरियल जिला या खंड स्तर पर उपलब्ध करवाना है, इसको लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
-25 मई को चुनाव है, इसमें शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इससे पूर्व इन्हें ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसलिए मई माह से पहले एफएलएन प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है।
वर्जन
शिक्षकों के लिए 15 अप्रैल से शुरू होने वाले प्रशिक्षण शिविर को एक दिन आगे बढ़ाया गया है। शिविर के लिए गूगल लिंक तो जारी कर दिया है, लेकिन गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। इस कारण शिविर शुरू करने की तिथि को एक दिन बढ़ाया गया है। इस बारे में सभी शिक्षकों को अवगत करा दिया है।
मनोज वर्मा, जिला समन्वयक, एफएलएन, सोनीपत