सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता: हॉकी स्टिक छोड़ अखाड़े में उतरी निकिता ने जीता रजत, प्रेम सरोहा ने जीता कांस्य
राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अनिल पहलवान की बेटी ने पहली बार में रजत पदक जीता है। उन्होंने 68 किलोग्राम भारवर्ग में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। निकिता के दादा, ताऊ, पिता, चाचा व भाई भी उत्कृष्ट पहलवान हैं। प्रतियोगिता में पहलवान प्रेम सरोहा ने भी कांस्य जीता। दोनों का रघुबीर अखाड़े में स्वागत किया गया।
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हरियाणा के सोनीपत के रघुबीर अखाड़े की महिला पहलवान निकिता खत्री ने सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर रजत पदक जीता है। हॉकी स्टिक छोड़कर पहलवानी में हाथ आजमाने वाली निकिता ने पहली बार में ही नेशनल प्रतियोगिता में भाग लेकर रजत पदक जीता। वहीं अखाड़े के पहलवान प्रेम सरोहा ने भी बेहतर प्रदर्शन कर कांस्य पदक जीता। विजेताओं का अखाड़े में पहुंचने पर स्वागत किया गया।
निकिता के पिता एवं अंतरराष्ट्रीय पहलवान अनिल खत्री ने बताया कि रघुवीर अखाड़े में अभ्यास कर ही उनकी बेटी निकिता खत्री ने यूपी के गोंडा में आयोजित हुई सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती के 68 किलो भार वर्ग में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीता है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले वह नेशनल स्कूल गेम्स में कांस्य पदक जीत चुकी है। इसके साथ ही अखाड़े के पहलवान गांव जगदीशपुर निवासी प्रेम सरोहा ने भी 125 किलो भार वर्ग में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीता है। दोनों पहलवानों का शनिवार को रघुवीर अखाड़े में स्वागत किया गया।
हॉकी छोड़कर अखाड़े में उतरी
निकिता खत्री ने खेल का सफर हॉकी से शुरू किया था। वह हॉकी नेशनल में तीन बार स्वर्ण व दो बार कांस्य पदक जीतने वाली प्रदेश की टीम का हिस्सा रही हैं। अब उसने पहलवानी शुरू की है। निकिता के पिता अनिल खत्री वर्ष 2010 में दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती में देश को स्वर्ण दिला चुके हैं। उनके दादा गांव रायपुर निवासी रघुबीर बेहतरीन पहलवान रहे हैं। उनके ताऊ व चाचा के साथ ही भाई भी पहलवानी करते हैं।