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एनएचएआई ने विरोध के बीच 334बी की जमीन पर लिया कब्जा, पुलिस व ग्रामीणों में धक्कामुक्की
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बहालगढ़ के पास कब्जा कार्रवाई के दौरान विरोध कर रहे ग्रामीण को लेकर जाती पुलिस। संवाद
- फोटो : Sonipat
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नेशनल हाईवे (एनएच) 334-बी के निर्माण के लिए गांव बहालगढ़ के पास स्थित इंदिरा गांधी आवास बस्ती की अधिगृहीत की गई जमीन पर एनएचएआई की टीम ने कड़े विरोध के बीच कब्जा ले लिया। बहालगढ़ के पास करीब तीन घंटे चली कार्रवाई के दौरान सात जेसीबी की मदद से पांच मकान सहित अन्य निर्माण तोड़े गए। इस दौरान पुलिस व ग्रामीणों में जमकर धक्कामुक्की हुई। महिलाओं ने भी जमकर हंगामा किया और जेसीबी के आगे जा पहुंचीं, लेकिन पुलिस बल की मदद से उन्हें वहां से हटा दिया गया। मकान टूटते देख एक युवक बेहोश भी हो गया।
मेरठ से लेकर लोहारू तक निर्माणाधीन एनएच- 334बी गांव बहालगढ़ में इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत बसाई गई बस्ती से होकर गुजरेगा। इसके लिए एनएचएआई ने जमीन का अधिग्रहण किया था। वहीं, बस्ती के बीचोंबीच बन रहे इस हाईवे पर अंडरपास की मांग के लिए ग्रामीण करीब एक माह से धरना दे रहे हैं। एनएचएआई ने अंडरपास की संभावना को नकारते हुए इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया था। मंगलवार को एनएचएआई के डीजीएम आनंद दहिया के नेतृत्व में टीम दोपहर बाद संबंधित जमीन पर कब्जा लेने के लिए पहुंच गई। कब्जा कार्रवाई के लिए सोनीपत जिला परिवहन अधिकारी मानव मलिक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की तो यहां के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और महिलाओं ने जेसीबी को रोकने का प्रयास किया। मौके पर तैनात पुलिस बल ने विरोध कर रहे ग्रामीणों को हटाया। कार्रवाई के दौरान पांच मकानों को तोड़ा गया। इस दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
मकान तोड़ने से आहत युवक हुआ बेहोश
गांव बहालगढ़ के पास प्रशासनिक अमला जब मकान तोड़ने लगा तो विरोध तेज हो गया। इसी दौरान दीपक नाम का युवक बेहोश होकर गिर गया। इससे हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने उसके मुंह में पानी डाला और उसके हाथ-पैर की मालिश की। इसके बाद उसे होश आया।
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महिलाओं ने जेसीबी के आगे लेटने का किया प्रयास
कार्रवाई के दौरान महिलाओं ने जेसीबी व पोकलेन मशीन को रोकने का प्रयास किया तो पुलिस को मशक्कत से उन्हें हटाना पड़ा। महिलाओं ने जेसीबी के आगे लेटने का भी प्रयास किया। उन्हें हटाने के बाद समझाकर वापस भेज दिया गया।
टूट चुका है स्टे, तब की कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के आगे लोगों ने हाईवे पर अंडरपास देने की मांग की, जिसे उन्होंने तकनीकी कारणों से नकार दिया। लोगों ने विरोध का प्रयास किया तो उन्हें समझाया गया कि वह पहले भी कोर्ट में गए थे। जहां कई माह तक स्टे लगा रहा। इसके चलते कब्जा कार्रवाई नहीं हुई। अब वह स्टे हट चुका है, जिसके बाद कब्जा लिया जा रहा है।
ग्रामीण बोले
मशक्कत के बाद पाई-पाई जोड़कर मकान बनाया था, जिसे प्रशासन की टीम ने आकर गिरा दिया है। गांव के अड्ढे पर रेहड़ी लगाकर परिवार का गुजर-बसर करता है। मकान तोड़ने से वह सड़क पर आ गए हैं। प्रशासन की तरफ से मुआवजा तक नहीं दिया गया है।
- बबीता
ग्रामीण अंडरपास की मांग के लिए धरना दे रहे थे। एनएचएआई ने जबरन उनके मकान तोड़ दिए। हम पर अत्याचार किया जा रहा है। लोग रास्ता मांग रहे थे और उन्हें हटाने के लिए अचानक पुलिस को लेकर आने के बाद उन्हें हटा दिया गया। गरीब परिवार कहां जाएंगे।
- ओमपति
बिना किसी नोटिस के प्रशासन की टीम अचानक आ धमकी और तोड़फोड़ शुरू कर दी। लोगों ने मकानों का मुआवजा नहीं उठाया है। इसके बावजूद उनके मकान तोड़ दिए गए। यह सरासर गलत है। ग्रामीण रास्ता देने की मांग कर रहे थे और उन्हें जबरन लौटा दिया। यह अत्याचार है।
- नरेंद्र कुमार धीमान
सरकार गरीब लोगों को बर्बाद करने पर तुली है। गरीबों के घरों को तोड़ा जा रहा है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। अपने घरों को बचाने के लिए लोग सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने पहले ही जबरन कार्रवाई करवा दी।
- रोहताश, पूर्व सरपंच
वर्जन
इस जमीन का अधिग्रहण एनएच-334बी के लिए किया गया है, जिसका मुआवजा अधिकतर ग्रामीणों ने उठा लिया है। जिन्होंने मुआवजा नहीं लिया है, उनके खातों में भी जल्द राशि डलवा दी जाएगी। हाईवे का निर्माण तेजी से जारी है।
- आनंद दहिया, डीजीएम, एनएचएआई
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मेरठ से लेकर लोहारू तक निर्माणाधीन एनएच- 334बी गांव बहालगढ़ में इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत बसाई गई बस्ती से होकर गुजरेगा। इसके लिए एनएचएआई ने जमीन का अधिग्रहण किया था। वहीं, बस्ती के बीचोंबीच बन रहे इस हाईवे पर अंडरपास की मांग के लिए ग्रामीण करीब एक माह से धरना दे रहे हैं। एनएचएआई ने अंडरपास की संभावना को नकारते हुए इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया था। मंगलवार को एनएचएआई के डीजीएम आनंद दहिया के नेतृत्व में टीम दोपहर बाद संबंधित जमीन पर कब्जा लेने के लिए पहुंच गई। कब्जा कार्रवाई के लिए सोनीपत जिला परिवहन अधिकारी मानव मलिक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की तो यहां के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और महिलाओं ने जेसीबी को रोकने का प्रयास किया। मौके पर तैनात पुलिस बल ने विरोध कर रहे ग्रामीणों को हटाया। कार्रवाई के दौरान पांच मकानों को तोड़ा गया। इस दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
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मकान तोड़ने से आहत युवक हुआ बेहोश
गांव बहालगढ़ के पास प्रशासनिक अमला जब मकान तोड़ने लगा तो विरोध तेज हो गया। इसी दौरान दीपक नाम का युवक बेहोश होकर गिर गया। इससे हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने उसके मुंह में पानी डाला और उसके हाथ-पैर की मालिश की। इसके बाद उसे होश आया।
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महिलाओं ने जेसीबी के आगे लेटने का किया प्रयास
कार्रवाई के दौरान महिलाओं ने जेसीबी व पोकलेन मशीन को रोकने का प्रयास किया तो पुलिस को मशक्कत से उन्हें हटाना पड़ा। महिलाओं ने जेसीबी के आगे लेटने का भी प्रयास किया। उन्हें हटाने के बाद समझाकर वापस भेज दिया गया।
टूट चुका है स्टे, तब की कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के आगे लोगों ने हाईवे पर अंडरपास देने की मांग की, जिसे उन्होंने तकनीकी कारणों से नकार दिया। लोगों ने विरोध का प्रयास किया तो उन्हें समझाया गया कि वह पहले भी कोर्ट में गए थे। जहां कई माह तक स्टे लगा रहा। इसके चलते कब्जा कार्रवाई नहीं हुई। अब वह स्टे हट चुका है, जिसके बाद कब्जा लिया जा रहा है।
ग्रामीण बोले
मशक्कत के बाद पाई-पाई जोड़कर मकान बनाया था, जिसे प्रशासन की टीम ने आकर गिरा दिया है। गांव के अड्ढे पर रेहड़ी लगाकर परिवार का गुजर-बसर करता है। मकान तोड़ने से वह सड़क पर आ गए हैं। प्रशासन की तरफ से मुआवजा तक नहीं दिया गया है।
- बबीता
ग्रामीण अंडरपास की मांग के लिए धरना दे रहे थे। एनएचएआई ने जबरन उनके मकान तोड़ दिए। हम पर अत्याचार किया जा रहा है। लोग रास्ता मांग रहे थे और उन्हें हटाने के लिए अचानक पुलिस को लेकर आने के बाद उन्हें हटा दिया गया। गरीब परिवार कहां जाएंगे।
- ओमपति
बिना किसी नोटिस के प्रशासन की टीम अचानक आ धमकी और तोड़फोड़ शुरू कर दी। लोगों ने मकानों का मुआवजा नहीं उठाया है। इसके बावजूद उनके मकान तोड़ दिए गए। यह सरासर गलत है। ग्रामीण रास्ता देने की मांग कर रहे थे और उन्हें जबरन लौटा दिया। यह अत्याचार है।
- नरेंद्र कुमार धीमान
सरकार गरीब लोगों को बर्बाद करने पर तुली है। गरीबों के घरों को तोड़ा जा रहा है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। अपने घरों को बचाने के लिए लोग सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने पहले ही जबरन कार्रवाई करवा दी।
- रोहताश, पूर्व सरपंच
वर्जन
इस जमीन का अधिग्रहण एनएच-334बी के लिए किया गया है, जिसका मुआवजा अधिकतर ग्रामीणों ने उठा लिया है। जिन्होंने मुआवजा नहीं लिया है, उनके खातों में भी जल्द राशि डलवा दी जाएगी। हाईवे का निर्माण तेजी से जारी है।
- आनंद दहिया, डीजीएम, एनएचएआई

बहालगढ़ के पास कब्जा कार्रवाई के दौरान मकान को तोड़ती पोकलेन मशीन। संवाद- फोटो : Sonipat

बहालगढ़ के पास कब्जा कार्रवाई के दौरान बहस कर रहीं महिलाओं को हाथ जोड़कर शांत कराता अधिकारी। संव?- फोटो : Sonipat