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रि-डिजाइन के फेर में फंसा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण
Sonipat
Updated Wed, 27 Jul 2016 01:07 AM IST
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11 साल से न्याय के लिए भटक रही है पीड़िता
- फोटो : Demo
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प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट राई स्थित राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में निर्माणाधीन नेशनल लॉ विवि के रि-डिजाइन को लेकर काम पिछले तीन माह से अधर में लटका पड़ा है। भू अधिग्रहण का मामला फिलहाल हाईकोर्ट में चल रहा है। तीन महीने पहले प्रदेश सरकार ने विवि की दो मुख्य बिल्डिंगों के निर्माण को लेकर रि-डिजाइन की मंजूरी दी थी, लेकिन पीडब्ल्यूडी अभी तक विवि की बिल्डिंग का रि-डिजाइन तैयार नहीं कर पाया है।
राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में प्लाट नंबर पांच नेशनल लॉ विवि को अलाट किया गया है। यह 25 एकड़ का भूखंड है। 95 करोड़ से निर्माणधीन विवि का काम वर्ष 2014 में शुरू हुआ था। जिसमें विवि की मुख्य प्रशासकीय बिल्डिंग साढ़े तीन एकड़ जमीन पर बननी है। यह जमीन असावरपुर के किसान रोहताश की है। रोहताश ने जमीन का अधिग्रहण होने से लेकर अब तक मुआवजा नहीं उठाया है। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। किसान की पहली जिद तो जमीन नहीं देने की है। अगर देना भी चाहता है तो इसके लिए चार गुना कीमत चाहता है। जिसे देने को विभाग तैयार नहीं है। अब हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस का हवाला देकर सुनवाई रोक दी है। हाईकोर्ट ने निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों और किसान से सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक इंतजार करने को कहा है।
हाईकोर्ट के निर्णय के बाद प्रदेश सरकार ने दी रि-डिजाइन की अनुमति
जिस तरह राई एजूकेशन सिटी में विवि में निर्माण में जमीनी विवाद का मामला हाईकोर्ट में चला हुआ है। इसी तरह का मामला एक सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है। जब तक सुप्रीम कोर्ट उस केस पर फैसला सुना नहीं देता तब तक हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करने को कहा गया है। जिसके बार प्रदेश सरकार ने करीब तीन माह पहले विवि के निर्माण कार्य को सुचारु रखने के लिए विवादित जमीन को छोड़कर अन्य जमीन पर बिल्डिंगों के रि-डिजाइन की अनुमति दी है।
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तीन माह बाद भी रि डिजाइन नहीं कर पाया विभाग
जिस साढ़े तीन एकड़ जमीन पर कोर्ट में विवाद चला हुआ है। उस जमीन पर पीडब्ल्यूडी की ओर से विवि के एडम ब्लॉक और एकेडेमिक ब्लॉक का निर्माण होना था, लेकिन सरकार की ओर से रि-डिजाइन की मंजूरी के तीन माह बाद दूसरी जगह एडम ब्लॉक और एकेडेमिक ब्लॉक का डिजाइन पीडब्ल्यूडी की ओर से तैयार नहीं किया जा सका है। जिससे निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।
विवि के एडम ब्लॉक और एकेडेमिक ब्लॉक के लिए रि डिजाइन को तैयार किया जा रहा है। इस डिजाइन को तैयार करने में एक दो महीना और लग जाएगा। जिसके बाद इस डिजाइन को सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद विवि की अधर में लटकी बिल्डिंगों का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। अगले एक वर्ष में विवि का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
अमित मेहला, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी
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राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में प्लाट नंबर पांच नेशनल लॉ विवि को अलाट किया गया है। यह 25 एकड़ का भूखंड है। 95 करोड़ से निर्माणधीन विवि का काम वर्ष 2014 में शुरू हुआ था। जिसमें विवि की मुख्य प्रशासकीय बिल्डिंग साढ़े तीन एकड़ जमीन पर बननी है। यह जमीन असावरपुर के किसान रोहताश की है। रोहताश ने जमीन का अधिग्रहण होने से लेकर अब तक मुआवजा नहीं उठाया है। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। किसान की पहली जिद तो जमीन नहीं देने की है। अगर देना भी चाहता है तो इसके लिए चार गुना कीमत चाहता है। जिसे देने को विभाग तैयार नहीं है। अब हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस का हवाला देकर सुनवाई रोक दी है। हाईकोर्ट ने निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों और किसान से सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक इंतजार करने को कहा है।
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हाईकोर्ट के निर्णय के बाद प्रदेश सरकार ने दी रि-डिजाइन की अनुमति
जिस तरह राई एजूकेशन सिटी में विवि में निर्माण में जमीनी विवाद का मामला हाईकोर्ट में चला हुआ है। इसी तरह का मामला एक सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है। जब तक सुप्रीम कोर्ट उस केस पर फैसला सुना नहीं देता तब तक हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करने को कहा गया है। जिसके बार प्रदेश सरकार ने करीब तीन माह पहले विवि के निर्माण कार्य को सुचारु रखने के लिए विवादित जमीन को छोड़कर अन्य जमीन पर बिल्डिंगों के रि-डिजाइन की अनुमति दी है।
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तीन माह बाद भी रि डिजाइन नहीं कर पाया विभाग
जिस साढ़े तीन एकड़ जमीन पर कोर्ट में विवाद चला हुआ है। उस जमीन पर पीडब्ल्यूडी की ओर से विवि के एडम ब्लॉक और एकेडेमिक ब्लॉक का निर्माण होना था, लेकिन सरकार की ओर से रि-डिजाइन की मंजूरी के तीन माह बाद दूसरी जगह एडम ब्लॉक और एकेडेमिक ब्लॉक का डिजाइन पीडब्ल्यूडी की ओर से तैयार नहीं किया जा सका है। जिससे निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।
विवि के एडम ब्लॉक और एकेडेमिक ब्लॉक के लिए रि डिजाइन को तैयार किया जा रहा है। इस डिजाइन को तैयार करने में एक दो महीना और लग जाएगा। जिसके बाद इस डिजाइन को सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद विवि की अधर में लटकी बिल्डिंगों का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। अगले एक वर्ष में विवि का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
अमित मेहला, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी