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Sonipat News: मुख्यमंत्री के भाषण के बीच काली चादर लहरा सरपंचों ने लगाए नारे
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। ई-टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल के विरोध में सरपंचों की तरफ से गोहाना में जन उत्थान रैली के दौरान काले झंडे दिखाने की अपनी चेतावनी को आखिर पूरा किया। पुलिस व प्रशासन की कड़ी सुरक्षा के बावजूद सरपंच काले रंग की चादर लेकर रैली स्थल पर पहुंच गए और मीडिया गैलरी के पीछे मंच के सामने बैठ गए। उन्होंने कागज पर सरपंच एकता जिंदाबाद लिखा स्लोगन हाथों में लेकर व काली चादर लहराते हुए सरपंच एकता के नारे लगाए। साथ ही ई-टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल पर विरोध जताया। इस दौरान करीब 10 सरपंच व उनके प्रतिनिधियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर बाहर जाने के बाद छोड़ दिया। वहीं सोनीपत के कई सरपंचों व उनके प्रतिनिधियों को पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
ई-टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल के विरोध में सरपंच लगातार धरने प्रदर्शन कर रहे हैं। इसे लेकर लगातार विरोध जताया है। सरपंचों ने इसके खिलाफ गोहाना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली के दौरान विरोध जताते हुए काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी थी। सरपंचों ने इसे लेकर रोहतक के जसिया में रैली कर अमित शाह की रैली का विरोध करने का निर्णय लेकर चेतावनी जारी कर दी थी। जिसके बाद सरपंचों को हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पुलिस ने कई सरपंचों को हिरासत में ले लिया था। पुलिस प्रशासन ने रैली के दौरान भी सरपंचों के विरोध के चलते पहले से ही कड़े प्रबंध कर लिए थे। जिसके बाद हर व्यक्ति को जांच के बाद ही रैली स्थल पर जाने दिया गया था। उसके बावजूद करीब 10 सरपंच व उनके प्रतिनिधि अंदर पहुंच गए। सभी अंदर जाने के साथ ही मुख्य मंच के ठीक सामने मीडिया गैलरी के पीछे जाकर बैठ गए। इसका आभास किसी को नहीं हो सका। वह बूंदाबांदी के बीच सांसद व प्रदेश अध्यक्ष का भाषण सुनते रहे। बाद में मुख्यमंत्री भाषण देने पहुंचे। उनका भाषण शुरू हुए कुछ मिनट बीते थे तो रैली में पहुंचे सरपंच व उनके प्रतिनिधियों ने भांप लिया कि अब गृह मंत्री नहीं आएंगे। जिस पर भाषण के बीच में ही आठ से दस सरपंच व उनके प्रतिनिधि खड़े होकर सरपंच एकता के नारे लगाने लगे। जिस पर पुलिस तुरंत हरकत में आई और उन्हें हिरासत में ले लिया। वहां से उन्हें पुलिस जिप्सी में बैठाकर ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया। हिरासत में लिए जाने के दौरान वीडियो वायरल हो गई। प्रदर्शनकारी लाखन माजरा का सरपंच संदीप, बहलंबा का प्रतिनिधि भीम, कुलदीप राठी, मोहन, बबलू, मोरखेड़ी सरपंच सुनील, चुलियाना सरपंच प्रमोद, गिरावड सरपंच कर्मजीत, अजायब सरपंच धर्मेंद्र, वजीर, मदीना सरपंच प्रतिनिधि संदीप, अन्य शामिल थे। जब पुलिस उन्हें पकड़कर ले जा रही है तो वह सरपंच एकता के नारे लगा रहे थे।
स्लोगन लिखा बैनर में हाथ में लिया
नारे लगा रहे सरपंचों व उनके प्रतिनिधियों ने हाथ में सरपंच एकता जिंदाबाद लिखा बैनर हाथ में पकड़ा हुआ था। वह सरपंच एकता जिंदाबाद के ही नारे लगा रहे थे। बताया गया है कि वह स्लोगन लिखा कागज साथ लेकर आए थे। काले रंग (मटियाला) की चादर को लेकर वह अंदर पहुंचे थे। पहले वह चादर को हाथों में लेकर नारे लगा रहे थे। शुरुआत में लगा कि वह मुख्यमंत्री के भाषण पर नारेबाजी कर रहे थे। बाद में उन्होंने चादर को लहराते हुए सरपंच एकता के नारे लगाए तो तुरंत पुलिस हरकत में आ गई।
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सोनीपत। ई-टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल के विरोध में सरपंचों की तरफ से गोहाना में जन उत्थान रैली के दौरान काले झंडे दिखाने की अपनी चेतावनी को आखिर पूरा किया। पुलिस व प्रशासन की कड़ी सुरक्षा के बावजूद सरपंच काले रंग की चादर लेकर रैली स्थल पर पहुंच गए और मीडिया गैलरी के पीछे मंच के सामने बैठ गए। उन्होंने कागज पर सरपंच एकता जिंदाबाद लिखा स्लोगन हाथों में लेकर व काली चादर लहराते हुए सरपंच एकता के नारे लगाए। साथ ही ई-टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल पर विरोध जताया। इस दौरान करीब 10 सरपंच व उनके प्रतिनिधियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर बाहर जाने के बाद छोड़ दिया। वहीं सोनीपत के कई सरपंचों व उनके प्रतिनिधियों को पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
ई-टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल के विरोध में सरपंच लगातार धरने प्रदर्शन कर रहे हैं। इसे लेकर लगातार विरोध जताया है। सरपंचों ने इसके खिलाफ गोहाना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली के दौरान विरोध जताते हुए काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी थी। सरपंचों ने इसे लेकर रोहतक के जसिया में रैली कर अमित शाह की रैली का विरोध करने का निर्णय लेकर चेतावनी जारी कर दी थी। जिसके बाद सरपंचों को हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पुलिस ने कई सरपंचों को हिरासत में ले लिया था। पुलिस प्रशासन ने रैली के दौरान भी सरपंचों के विरोध के चलते पहले से ही कड़े प्रबंध कर लिए थे। जिसके बाद हर व्यक्ति को जांच के बाद ही रैली स्थल पर जाने दिया गया था। उसके बावजूद करीब 10 सरपंच व उनके प्रतिनिधि अंदर पहुंच गए। सभी अंदर जाने के साथ ही मुख्य मंच के ठीक सामने मीडिया गैलरी के पीछे जाकर बैठ गए। इसका आभास किसी को नहीं हो सका। वह बूंदाबांदी के बीच सांसद व प्रदेश अध्यक्ष का भाषण सुनते रहे। बाद में मुख्यमंत्री भाषण देने पहुंचे। उनका भाषण शुरू हुए कुछ मिनट बीते थे तो रैली में पहुंचे सरपंच व उनके प्रतिनिधियों ने भांप लिया कि अब गृह मंत्री नहीं आएंगे। जिस पर भाषण के बीच में ही आठ से दस सरपंच व उनके प्रतिनिधि खड़े होकर सरपंच एकता के नारे लगाने लगे। जिस पर पुलिस तुरंत हरकत में आई और उन्हें हिरासत में ले लिया। वहां से उन्हें पुलिस जिप्सी में बैठाकर ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया। हिरासत में लिए जाने के दौरान वीडियो वायरल हो गई। प्रदर्शनकारी लाखन माजरा का सरपंच संदीप, बहलंबा का प्रतिनिधि भीम, कुलदीप राठी, मोहन, बबलू, मोरखेड़ी सरपंच सुनील, चुलियाना सरपंच प्रमोद, गिरावड सरपंच कर्मजीत, अजायब सरपंच धर्मेंद्र, वजीर, मदीना सरपंच प्रतिनिधि संदीप, अन्य शामिल थे। जब पुलिस उन्हें पकड़कर ले जा रही है तो वह सरपंच एकता के नारे लगा रहे थे।
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स्लोगन लिखा बैनर में हाथ में लिया
नारे लगा रहे सरपंचों व उनके प्रतिनिधियों ने हाथ में सरपंच एकता जिंदाबाद लिखा बैनर हाथ में पकड़ा हुआ था। वह सरपंच एकता जिंदाबाद के ही नारे लगा रहे थे। बताया गया है कि वह स्लोगन लिखा कागज साथ लेकर आए थे। काले रंग (मटियाला) की चादर को लेकर वह अंदर पहुंचे थे। पहले वह चादर को हाथों में लेकर नारे लगा रहे थे। शुरुआत में लगा कि वह मुख्यमंत्री के भाषण पर नारेबाजी कर रहे थे। बाद में उन्होंने चादर को लहराते हुए सरपंच एकता के नारे लगाए तो तुरंत पुलिस हरकत में आ गई।
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