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Sonipat News: माइनस 10 डिग्री तापमान में पर्वतारोही अजय ने रैम्बो रॉक पर फहराया तिरंगा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। ओमेक्स सिटी निवासी पर्वतारोही अजय चौहान ने गंगोत्री क्षेत्र के डोकरानी ग्लेशियर स्थित रैम्बो रॉक पर माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तापमान में तिरंगा फहराकर जिले का गौरव बढ़ाया है। कड़ाके की ठंड, दुर्गम पहाड़ी रास्तों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच उन्होंने यह अभियान पूरा किया। उनकी इस उपलब्धि को साहस, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। मुरथल पीएचसी में स्वास्थ्य निरीक्षक के पद पर कार्यरत अजय चौहान के लिए शून्य से नीचे तापमान में अभियान पूरा करना शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक मजबूती और धैर्य की भी परीक्षा रहा। उन्होंने इस उपलब्धि के माध्यम से युवाओं को पर्वतारोहण और साहसिक गतिविधियों से जुड़ने तथा शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनने का संदेश दिया।
अजय चौहान का कहना है कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की आन, बान और शान तथा करोड़ों भारतीयों के गौरव का प्रतीक है। विपरीत परिस्थितियों में देश का तिरंगा फहराना उनके लिए गर्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण का क्षण है। उनका मानना है कि लक्ष्य के प्रति दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कठिन से कठिन चुनौती का सामना किया जा सकता है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता एनआईएम के कर्नल एसएस पुरोहित ने की। सूबेदार पान बहादुर भी कार्यक्रम में शामिल रहे। अजय चौहान की इस उपलब्धि ने युवाओं को साहसिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करने के साथ देशप्रेम को संकल्प और कर्म के माध्यम से व्यक्त करने का संदेश दिया।
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सोनीपत। ओमेक्स सिटी निवासी पर्वतारोही अजय चौहान ने गंगोत्री क्षेत्र के डोकरानी ग्लेशियर स्थित रैम्बो रॉक पर माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तापमान में तिरंगा फहराकर जिले का गौरव बढ़ाया है। कड़ाके की ठंड, दुर्गम पहाड़ी रास्तों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच उन्होंने यह अभियान पूरा किया। उनकी इस उपलब्धि को साहस, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। मुरथल पीएचसी में स्वास्थ्य निरीक्षक के पद पर कार्यरत अजय चौहान के लिए शून्य से नीचे तापमान में अभियान पूरा करना शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक मजबूती और धैर्य की भी परीक्षा रहा। उन्होंने इस उपलब्धि के माध्यम से युवाओं को पर्वतारोहण और साहसिक गतिविधियों से जुड़ने तथा शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनने का संदेश दिया।
अजय चौहान का कहना है कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की आन, बान और शान तथा करोड़ों भारतीयों के गौरव का प्रतीक है। विपरीत परिस्थितियों में देश का तिरंगा फहराना उनके लिए गर्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण का क्षण है। उनका मानना है कि लक्ष्य के प्रति दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कठिन से कठिन चुनौती का सामना किया जा सकता है।
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इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता एनआईएम के कर्नल एसएस पुरोहित ने की। सूबेदार पान बहादुर भी कार्यक्रम में शामिल रहे। अजय चौहान की इस उपलब्धि ने युवाओं को साहसिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करने के साथ देशप्रेम को संकल्प और कर्म के माध्यम से व्यक्त करने का संदेश दिया।
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