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नवजात के लिए मां का दूध सबसे जरूरी : सुशीला देवी
Thu, 23 Apr 2026 01:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 23 Apr 2026 01:35 AM IST
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गोहाना के गांव नगर के आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण पखवाड़ा के कार्यक्रम में महिलाएं। स्रोत : प्रवक
गोहाना। महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी सुशीला देवी ने कहा कि नवजात के लिए मां का दूध ही सबसे अच्छा और पूरा आहार है। गांव नगर के आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण पखवाड़ा के तहत आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं और यह जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि बच्चे के शारीरिक, दिमागी और मानसिक विकास के लिए मां का दूध बेहद जरूरी है। इसलिए जन्म के बाद कम से कम 6 महीने तक बच्चे को केवल मां का दूध ही देना चाहिए। इसके साथ ही महिलाओं को भी अपने खानपान का ध्यान रखना चाहिए और पौष्टिक आहार लेना चाहिए।
महिलाओं को समझाया गया कि छोटे बच्चों को मोबाइल से दूर रखें। ज्यादा स्क्रीन देखने से बच्चों की आंखों पर असर पड़ता है और भैंगापन जैसी समस्या भी हो सकती है। सुशीला देवी ने कहा कि महिलाओं को रोजाना गुड़ और चने का सेवन करना चाहिए और बच्चों को भी इसकी आदत डालनी चाहिए। इससे शरीर में खून की कमी नहीं होती और सेहत ठीक रहती है। इस दौरान महिलाओं को पौष्टिक पंजीरी बनाने का तरीका भी बताया गया।
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कार्यक्रम में टीकाकरण कैंप भी लगाया गया। महिलाओं से अपील की गई कि वे अपने बच्चों और गर्भवती महिलाओं का समय पर टीकाकरण जरूर करवाएं, इससे गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। इस मौके पर सर्कल सुपरवाइजर इंद्रवती, एएनएम पिंकी, नीलम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता माया समेत कई महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में बताया गया कि बच्चे के शारीरिक, दिमागी और मानसिक विकास के लिए मां का दूध बेहद जरूरी है। इसलिए जन्म के बाद कम से कम 6 महीने तक बच्चे को केवल मां का दूध ही देना चाहिए। इसके साथ ही महिलाओं को भी अपने खानपान का ध्यान रखना चाहिए और पौष्टिक आहार लेना चाहिए।
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महिलाओं को समझाया गया कि छोटे बच्चों को मोबाइल से दूर रखें। ज्यादा स्क्रीन देखने से बच्चों की आंखों पर असर पड़ता है और भैंगापन जैसी समस्या भी हो सकती है। सुशीला देवी ने कहा कि महिलाओं को रोजाना गुड़ और चने का सेवन करना चाहिए और बच्चों को भी इसकी आदत डालनी चाहिए। इससे शरीर में खून की कमी नहीं होती और सेहत ठीक रहती है। इस दौरान महिलाओं को पौष्टिक पंजीरी बनाने का तरीका भी बताया गया।
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कार्यक्रम में टीकाकरण कैंप भी लगाया गया। महिलाओं से अपील की गई कि वे अपने बच्चों और गर्भवती महिलाओं का समय पर टीकाकरण जरूर करवाएं, इससे गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। इस मौके पर सर्कल सुपरवाइजर इंद्रवती, एएनएम पिंकी, नीलम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता माया समेत कई महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।