सिंघु बॉर्डर पर 35 हजार किसानों का डेरा, युवराज सिंह के पिता और बब्बू मान भी पहुंचे
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों को झड़प के बाद बुराड़ी में धरने की अनुमति देने के बावजूद किसान नेशनल हाईवे 44 पर पिछले 33 घंटे से डटे हुए हैं। कंटीले तार और पत्थर हटाने के बाद भी किसान दिल्ली जाने के लिए तैयार नहीं हैं। नेशनल हाईवे 44 पर दिल्ली के सिंघु बॉर्डर से हरियाणा की ओर छह किमी तक करीब 35 हजार किसानों का डेरा जमा है।
किसानों का जमावड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है और वाहनों में लगातार बॉर्डर पर किसान पहुंच रहे हैं। इस तरह किसानों के एनएच 44 पर डटे होने से हालात खराब होते जा रहे हैं।
किसानों ने सिंघु बॉर्डर पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका और वहां एकजुट होकर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया। वहीं पंजाबी गायब बब्बू मान और क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज भी सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे।
दिल्ली जाने के लिए सिंघु बॉर्डर पर किसान शुक्रवार को करीब 10:30 बजे पहुंचे थे। किसानों व पुलिस के बीच झड़प के बाद बुराड़ी के मैदान में धरने की अनुमति दी गई लेकिन उसके बाद किसानों ने एनएच 44 पर डेरा डाल दिया था। वहां धरना देकर बैठ गए थे और अब पुलिस ने उनके दिल्ली में जाने के लिए तार व पत्थर भी हटा दिए तो किसानों ने दिल्ली जाने से साफ इनकार कर दिया।
सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार शाम तक जहां करीब दो हजार ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य वाहनों में 25 हजार किसान पहुंचे थे, वहीं उसके बाद भी लगातार किसान अपने वाहनों में पहुंच रहे हैं। 33 घंटे बाद भी किसानों को वहां पहुंचना जारी थी और वहां शनिवार शाम तक करीब 35 हजार किसान पहुंच गए। अब किसानों के आंदोलन में हरियाणा व यूपी के किसान भी पहुंचने शुरू हो गए है।
सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका और सभी से एकजुट रहने का आह्वान किया, जिससे आंदोलन ऐसे ही चलता रहे। एनएच 44 पर खाद्य सामग्री व अन्य जरूरी सामान लेकर जाने वाले ट्रक भी फंसे हुए हैं, जिससे परेशानी ज्यादा बढ़ती दिख रही है। वहीं हाईवे जाम होने से आम लोग भी फंसे होने से परेशानी झेल रहे हैं।
बब्बू मान व योगराज सिंह पहुंचकर बोले - हम भी किसान, सरकार करे समाधान
पंजाबी गायब बब्बू मान व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह भी सिंघु बॉर्डर पर किसानों के धरने के बीच पहुंचे। जहां बब्बू मान ने कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूं और इसलिए किसानों के बीच आया हूं। बब्बू मान ने कहा कि वे हमेशा किसानों के साथ खड़े हैं और किसानों को एकजुट रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब से नहीं आने वाले किसानों को यहां जरूर आना चाहिए और आंदोलन को सफल बनाना चाहिए। वहीं योगराज सिंह ने कहा कि पंजाब का किसान अनपढ़ नहीं है और सरकार को बातचीत के लिए किसानों के पास आना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार तीनों कृषि कानून रद्द नहीं करती है तो उसको एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का कानून भी बनाना चाहिए। किसान अन्नदाता है और उसको इस तरह से परेशान करना गलत है।