{"_id":"57a8e1f64f1c1b2b12ee49dd","slug":"mistake-by-administration-sonipat","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिसके खिलाफ सीएम विंडो में दी शिकायत, उसी को बना दिया जांच अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिसके खिलाफ सीएम विंडो में दी शिकायत, उसी को बना दिया जांच अधिकारी
sonipat
Updated Tue, 09 Aug 2016 01:18 AM IST
विज्ञापन
कोर्ट में नए अवसर
- फोटो : Getty
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर किसी के खिलाफ जांच चल रही हो और उसका जांच अधिकारी उसे ही बना दिया जाए तो क्या परिणाम होता है अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। इसी तरह का कारनामा हुआ है मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में। कुलपति के खिलाफ भेदभाव, परिवारवाद और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ ने सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। इसकी जांच सरकार ने कुलपति को ही भेज दी। जबकि उन्हीं के खिलाफ शिकायत दी गई थी। कुलपति ने इस पर खुद ही रिपोर्ट तैयार करके प्रदेश के राज्यपाल कार्यालय को सौंप दी और अपने को निर्दोष करार दे दिया। जानकारी के अनुसार दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मुरथल के खिलाफ टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ ने अप्रैल 2016 में सीएम विंडो पर कुलपति राजपाल दहिया के खिलाफ सबूतों के साथ शिकायत दी थी। जिस पर इसकी जांच करने की बजाए शिकायत को जांच के लिए कुलपति प्रो.राजपाल दहिया को ही भेज दिया। इस पर दहिया ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश के राज्यपाल को भेज दी और खुद को निर्दोष साबित कर दिया।
क्या है यूनियन का आरोप
आरोप है कि कुलपति प्रो. राजपाल दहिया मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने नियमों को तोड़कर न केवल अपना वेतन बढ़ा लिया, बल्कि अपनी रिश्तेदारों को भी गैरकानूनी ढंग से लाभ दिया है। जिसमें अपने रिश्तेदारों को सरकारी नियम ताक पर रखकर सी -51 मकान दे दिया यूनियन का आरोप था कि वह इसके लिए इनटाइटल ही नहीं है। इसी तरह के कुछ आरोप यूनियन ने कुलपति पर लगाए थे।
जांच के नाम पर हो रहा खिलवाड़
टीचिंग स्टाफ एसोसिएशन के प्रधान डॉ. अजय डबास व नॉन टीचिंग के प्रधान आनंद राणा का कहना है कि यह जांच के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है इससे साफ जाहिर है सरकार की नियत में खोट है और सरकार भ्रष्टाचार रहित शासन देने का ढोंग कर रही है। अगर सरकार की नियत साफ होती, तो इसकी उच्च स्तरीय जांच कराती ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। यूनियन का कहना है कि वे जल्द ही सारे मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष लाऐंगे।
विज्ञापन
सारे आरोप बेबुनियाद
कुलपति प्रो. राजपाल दहिया का कहना है कि जितने भी आरोप उन पर लगाए गए हैं, वह सारे निराधार व गलत हैं। उन्होंने कहा कि पद पर रहते हुए उन्होंने किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की है और वे सारी रिपोर्ट ऊपर दे चुके हैं।
विज्ञापन
क्या है यूनियन का आरोप
आरोप है कि कुलपति प्रो. राजपाल दहिया मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने नियमों को तोड़कर न केवल अपना वेतन बढ़ा लिया, बल्कि अपनी रिश्तेदारों को भी गैरकानूनी ढंग से लाभ दिया है। जिसमें अपने रिश्तेदारों को सरकारी नियम ताक पर रखकर सी -51 मकान दे दिया यूनियन का आरोप था कि वह इसके लिए इनटाइटल ही नहीं है। इसी तरह के कुछ आरोप यूनियन ने कुलपति पर लगाए थे।
विज्ञापन
जांच के नाम पर हो रहा खिलवाड़
टीचिंग स्टाफ एसोसिएशन के प्रधान डॉ. अजय डबास व नॉन टीचिंग के प्रधान आनंद राणा का कहना है कि यह जांच के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है इससे साफ जाहिर है सरकार की नियत में खोट है और सरकार भ्रष्टाचार रहित शासन देने का ढोंग कर रही है। अगर सरकार की नियत साफ होती, तो इसकी उच्च स्तरीय जांच कराती ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। यूनियन का कहना है कि वे जल्द ही सारे मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष लाऐंगे।
विज्ञापन
सारे आरोप बेबुनियाद
कुलपति प्रो. राजपाल दहिया का कहना है कि जितने भी आरोप उन पर लगाए गए हैं, वह सारे निराधार व गलत हैं। उन्होंने कहा कि पद पर रहते हुए उन्होंने किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की है और वे सारी रिपोर्ट ऊपर दे चुके हैं।