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Sonipat News: मुरथल रोड पर बने युधिष्ठिर द्वार से गायब होने लगीं स्मृतियां
Mon, 20 Apr 2026 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 20 Apr 2026 01:40 AM IST
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फोटो : सोनीपत के मुरथल के पास निर्मित युधिष्ठिर द्वार पर पक्षियों की लगी स्मृतियां गायब। संवाद
सोनीपत। पांडव नगरी शहर में महाभारतकालीन यादों को जीवंत रखने के लिए नगर निगम की ओर से मुरथल जीटी रोड के नजदीक निर्मित युधिष्ठिर द्वार पर लगाई गई स्मृतियां गायब होने लगीं। युधिष्ठिर द्वार पर करीब 93.53 लाख रुपये खर्च किए गए लेकिन देखरेख के अभाव में स्वागत द्वार से स्मृतियां गायब हो गईं।
सुंदरता को चार चांद लगाने के लिए स्वागत द्वार पर लाइटिंग व्यवस्था के साथ सजावट के लिए वेस्ट मेटीरियल से स्मृतियां बनवाई गईं। द्वार के एक ओर मछलियां तो दूसरी ओर पक्षी की स्मृतियां बनी हैं। मुरथल रोड पर बनाए गए युधिष्ठिर द्वार के साथ चार दिन से पक्षियों की करीब 3-4 स्मृतियां गायब हो चुकी हैं।
लोगों का आरोप है कि अधिकारी शहर की सुंदरता के नाम पर आगे दौड़, पीछे छोड़ की नीति अपना रहे हैं। यही कारण है कि देखरेख नहीं होने से युधिष्ठिर द्वार से स्मृतियां गायब हो रही हैं। वहीं निगम ने वर्ष 2026 में ही पांडवों के नाम से भी शेष स्वागत बनवाने का निर्णय लिया है। गोहाना रोड पर सहदेव द्वार व नरेला रोड पर नकुल द्वार का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा रोहतक रोड पर भीम द्वार, बहालगढ़ रोड पर अर्जुन के नाम से स्वागत द्वार निर्माणाधीन है।
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वर्जन
मुरथल रोड पर बनाए गए युधिष्ठिर द्वार से स्मृतियां गिरने का मामला सामने आया है। जल्द ही ठेकेदार से सभी स्मृतियों को पुन: ठीक कराया जाएगा। दिल्ली से इन स्मृतियों को वेस्ट मेटीरियल से बनवाया गया है।-अजय निराला, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
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सुंदरता को चार चांद लगाने के लिए स्वागत द्वार पर लाइटिंग व्यवस्था के साथ सजावट के लिए वेस्ट मेटीरियल से स्मृतियां बनवाई गईं। द्वार के एक ओर मछलियां तो दूसरी ओर पक्षी की स्मृतियां बनी हैं। मुरथल रोड पर बनाए गए युधिष्ठिर द्वार के साथ चार दिन से पक्षियों की करीब 3-4 स्मृतियां गायब हो चुकी हैं।
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लोगों का आरोप है कि अधिकारी शहर की सुंदरता के नाम पर आगे दौड़, पीछे छोड़ की नीति अपना रहे हैं। यही कारण है कि देखरेख नहीं होने से युधिष्ठिर द्वार से स्मृतियां गायब हो रही हैं। वहीं निगम ने वर्ष 2026 में ही पांडवों के नाम से भी शेष स्वागत बनवाने का निर्णय लिया है। गोहाना रोड पर सहदेव द्वार व नरेला रोड पर नकुल द्वार का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा रोहतक रोड पर भीम द्वार, बहालगढ़ रोड पर अर्जुन के नाम से स्वागत द्वार निर्माणाधीन है।
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वर्जन
मुरथल रोड पर बनाए गए युधिष्ठिर द्वार से स्मृतियां गिरने का मामला सामने आया है। जल्द ही ठेकेदार से सभी स्मृतियों को पुन: ठीक कराया जाएगा। दिल्ली से इन स्मृतियों को वेस्ट मेटीरियल से बनवाया गया है।-अजय निराला, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम

फोटो : सोनीपत के मुरथल के पास निर्मित युधिष्ठिर द्वार पर पक्षियों की लगी स्मृतियां गायब। संवाद