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Sonipat News: मारुति सुजुकी ने शुरू किया उत्पादन, कॉम्पैक्ट एसयूवी ब्रेजा अप्रैल में आएगी
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फोटो 55: सोनीपत के खरखौदा आईएमटी परिसर में स्थित मारुति-सुजुकी प्लांट। स्रोत: मारुति
सोनीपत। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की ओर से खरखौदा इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थित नए प्लांट में मंगलवार को विधिवत रूप से कार उत्पादन शुरू कर दिया गया है। प्लांट की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त 2022 को वर्चुअली रखी थी। अब पहली कार के रूप में कॉम्पैक्ट एसयूवी ब्रेजा का निर्माण शुरू हो चुका है। यह गाड़ी नए वित्त वर्ष अप्रैल में आएगी।
खरखौदा आने वाले वर्षों में प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में उभरेगा। मारुति प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 2.5 लाख वाहनों की होगी। इससे प्रदेश के ऑटोमोबाइल सेक्टर को मजबूती मिलेगी। हजारों कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ होगा। साथ ही ऑटोमोबाइल से जुड़े सहायक उद्योगों के विकास को भी गति मिलेगी। आईएमटी में मारुति कंपनी के आने के बाद खरखौदा व आसपास के गांवों में जमीन के दाम बढ़े हैं। पहले जहां प्रति एकड़ जमीन की कीमत 1.5 से 2 करोड़ रुपये थी। अब जमीन की कीमत 5 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। प्राइम लोकेशन पर यह दर 8 से 10 करोड़ रुपये तक भी जा रही है। निवेशकों के अलावा मारुति कर्मी भी यहां व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियों की खरीदारी कर रहे हैं।
स्थानीय पलायन पर लगेगी रोक
मारुति के इस निवेश से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय निवासियों का पलायन रुकने की संभावना है। अब युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर मिलेंगे, जिससे वह परिवार के साथ यहीं रहकर काम कर सकेंगे।
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एनसीआर में मजबूत बाजार
मारुति ने अपने नए प्लांट के लिए एनसीआर को चुना है। यह उसका एक बड़ा बाजार है। केएमपी एक्सप्रेस-वे, एनएच-334बी, दिल्ली की निकटता और हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर जैसी कनेक्टिविटी से कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार वाहनों की डिलिवरी आसान होगी। मारुति की सहायक इकाइयां भी यहां स्थापित हो रही हैं, जिससे उद्योगों का विस्तार और रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं।
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खरखौदा आने वाले वर्षों में प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में उभरेगा। मारुति प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 2.5 लाख वाहनों की होगी। इससे प्रदेश के ऑटोमोबाइल सेक्टर को मजबूती मिलेगी। हजारों कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ होगा। साथ ही ऑटोमोबाइल से जुड़े सहायक उद्योगों के विकास को भी गति मिलेगी। आईएमटी में मारुति कंपनी के आने के बाद खरखौदा व आसपास के गांवों में जमीन के दाम बढ़े हैं। पहले जहां प्रति एकड़ जमीन की कीमत 1.5 से 2 करोड़ रुपये थी। अब जमीन की कीमत 5 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। प्राइम लोकेशन पर यह दर 8 से 10 करोड़ रुपये तक भी जा रही है। निवेशकों के अलावा मारुति कर्मी भी यहां व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियों की खरीदारी कर रहे हैं।
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स्थानीय पलायन पर लगेगी रोक
मारुति के इस निवेश से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय निवासियों का पलायन रुकने की संभावना है। अब युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर मिलेंगे, जिससे वह परिवार के साथ यहीं रहकर काम कर सकेंगे।
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एनसीआर में मजबूत बाजार
मारुति ने अपने नए प्लांट के लिए एनसीआर को चुना है। यह उसका एक बड़ा बाजार है। केएमपी एक्सप्रेस-वे, एनएच-334बी, दिल्ली की निकटता और हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर जैसी कनेक्टिविटी से कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार वाहनों की डिलिवरी आसान होगी। मारुति की सहायक इकाइयां भी यहां स्थापित हो रही हैं, जिससे उद्योगों का विस्तार और रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं।