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राई औद्योगिक क्षेत्र की चार फैक्टरियों में देर रात लगी आग
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राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित गत्ते की फैक्टरी में लगी आग से उठतीं लपटें। संवाद
- फोटो : Sonipat
राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित पैकेजिंग व ई रिक्शा बनाने वाली फैक्टरी में देर रात लगी आग से हड़कंप मचा गया। अचानक भड़की आग ने आसपास की दो अन्य कंपनियों को भी अपनी चपेट में लिया। अग्निशमन विभाग की 21 गाड़ियों ने 10 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग से दो फैक्टरियों में भारी नुकसान हुआ है। आग लगने के बाद फैक्टरी के श्रमिकों ने छत से कूदकर जान बचाई। इसमें दो श्रमिकों को चोट आई है। फैक्टरी को जलती देख मालिक बेसुध हो गया। होश में आने के बाद उनकी आंखें लगातार नम रहीं।
मूलरूप से बिहार फिलहाल दिल्ली के रोहिणी निवासी वीरेंद्र कुमार की राई औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी संख्या 1239 व 1240 हैं। एक में गत्ते के बॉक्स (पैकेजिंग का सामान) तो दूसरी में ई-रिक्शा बनती थीं। वीरवार देर रात करीब 1 बजे अचानक 1239 नंबर कंपनी में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। जिस समय आग लगी, उस दौरान श्रमिक काम कर रहे थे। सुरक्षा कर्मी जयप्रकाश ने आग लगी देखकर शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद श्रमिक छत से नीचे कूद गए। इनमें मूलरूप से बिहार निवासी नंदू और दीपक के पैरों में चोट आई। आग लगने से तेज धमाका होने लगा। आग ने कुछ देर में ही विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने वीरेंद्र की साथ लगती ई-रिक्शा बनाने की फैक्टरी को भी चपेट में ले लिया। इसके बाद आग फैलते हुए पड़ोस की 1226 व 1227 नंबर फैक्टरी में भी पहुंच गई। आग लगने की सूचना दमकल विभाग को दी गई। सोनीपत, रोहतक, गोहाना, गन्नौर, पानीपत, राई व कुंडली से दमकल विभाग की 21 गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन वह भी पहले बेकाबू हो चुकी आग पर काबू नहीं पा सकीं। आग से गत्ता और ई रिक्शा व मशीन तक जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। पड़ोस की दो अन्य फैक्टरियों में भारी नुकसान हुआ है। आग से आसमान में धुएं के गुबार छा गए। आग की सूचना पर राइमा एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन व नाइट पेट्रोलिंग की टीम मौके पर पहुंची। आग तेजी से फैल रही थी। जिस वजह से आसपास की सभी फैक्टरियों को खाली करा लिया गया। करीब 10 घंटे में आग पर काबू पाया गया, लेकिन देर रात तक गत्ते में फैक्टरी में धुआं उठ रहा था। आग से दो फैक्टरियों की बिल्डिंग भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
बिहार से आकर दूसरी कंपनी में काम कर बनाई लगाई थी फैक्टरी
मूलरूप से बिहार फिलहाल रोहिणी निवासी वीरेंद्र सिंह रोते हुए बताया कि वह वर्ष 1995 में बिहार से दिल्ली आया था। यहां आकर दूसरी कंपनी में किया। धीरे-धीरे अपनी फैक्टरी लगाई। वर्ष 2006 में राई औद्योगिक क्षेत्र में दो फैक्टरियां लगाई थीं। मकान व प्लॉट तक गिरवी रखकर फैक्टरी चलाने के लिए 15 करोड़ का कर्ज ले रखा है। आग ने सब कुछ तबाह कर दिया है। उसे करीब 20 करोड़ का नुकसान हुआ है।
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वर्जन
आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। सोनीपत के साथ ही पानीपत और रोहतक की गाड़ियों के सहयोग से आग पर काबू पाया। फैक्टरियों में टिन शेड लगे होने के कारण आग पर काबू पाने में मशक्कत हुई।
-यासीन मलिक, जिला अग्निशमन अधिकारी, सोनीपत
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मूलरूप से बिहार फिलहाल दिल्ली के रोहिणी निवासी वीरेंद्र कुमार की राई औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी संख्या 1239 व 1240 हैं। एक में गत्ते के बॉक्स (पैकेजिंग का सामान) तो दूसरी में ई-रिक्शा बनती थीं। वीरवार देर रात करीब 1 बजे अचानक 1239 नंबर कंपनी में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। जिस समय आग लगी, उस दौरान श्रमिक काम कर रहे थे। सुरक्षा कर्मी जयप्रकाश ने आग लगी देखकर शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद श्रमिक छत से नीचे कूद गए। इनमें मूलरूप से बिहार निवासी नंदू और दीपक के पैरों में चोट आई। आग लगने से तेज धमाका होने लगा। आग ने कुछ देर में ही विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने वीरेंद्र की साथ लगती ई-रिक्शा बनाने की फैक्टरी को भी चपेट में ले लिया। इसके बाद आग फैलते हुए पड़ोस की 1226 व 1227 नंबर फैक्टरी में भी पहुंच गई। आग लगने की सूचना दमकल विभाग को दी गई। सोनीपत, रोहतक, गोहाना, गन्नौर, पानीपत, राई व कुंडली से दमकल विभाग की 21 गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन वह भी पहले बेकाबू हो चुकी आग पर काबू नहीं पा सकीं। आग से गत्ता और ई रिक्शा व मशीन तक जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। पड़ोस की दो अन्य फैक्टरियों में भारी नुकसान हुआ है। आग से आसमान में धुएं के गुबार छा गए। आग की सूचना पर राइमा एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन व नाइट पेट्रोलिंग की टीम मौके पर पहुंची। आग तेजी से फैल रही थी। जिस वजह से आसपास की सभी फैक्टरियों को खाली करा लिया गया। करीब 10 घंटे में आग पर काबू पाया गया, लेकिन देर रात तक गत्ते में फैक्टरी में धुआं उठ रहा था। आग से दो फैक्टरियों की बिल्डिंग भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
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बिहार से आकर दूसरी कंपनी में काम कर बनाई लगाई थी फैक्टरी
मूलरूप से बिहार फिलहाल रोहिणी निवासी वीरेंद्र सिंह रोते हुए बताया कि वह वर्ष 1995 में बिहार से दिल्ली आया था। यहां आकर दूसरी कंपनी में किया। धीरे-धीरे अपनी फैक्टरी लगाई। वर्ष 2006 में राई औद्योगिक क्षेत्र में दो फैक्टरियां लगाई थीं। मकान व प्लॉट तक गिरवी रखकर फैक्टरी चलाने के लिए 15 करोड़ का कर्ज ले रखा है। आग ने सब कुछ तबाह कर दिया है। उसे करीब 20 करोड़ का नुकसान हुआ है।
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आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। सोनीपत के साथ ही पानीपत और रोहतक की गाड़ियों के सहयोग से आग पर काबू पाया। फैक्टरियों में टिन शेड लगे होने के कारण आग पर काबू पाने में मशक्कत हुई।
-यासीन मलिक, जिला अग्निशमन अधिकारी, सोनीपत