केएमपी व केजीपी के टोल फिर चालू, करनाल में भी टोल प्लाजा खाली, हिसार में धरना जारी
केजीपी और केएमपी एक्सप्रेस वे पर स्थापित टोल 46 दिनों के बाद बुधवार को दोबारा शुरू हो गए हैं। केएमपी पर पुलिस की तरफ से दोपहर एक बजे टोल कर्मियों को बोलकर टोल शुरू करवाया गया। इस दौरान किसी प्रकार की परेशानी से निपटने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। उधर, टोल पर्ची को लेकर लगातार टोल कर्मियों व वाहन चालकों के बीच कहासुनी होती रही। वहीं मुरथल के पास एनएच-44 पर अभी भी टोल वसूला नहीं जा रहा।
खरखौदा क्षेत्र से होकर गुजरने वाले केएमपी एक्सप्रेस-वे को बुधवार दोपहर बिना तैयारी के शुरू कर दिया गया। ऐसे में न तो टोल कर्मियों ने अपने कंप्यूटर सिस्टम को टोल पर स्थापित किया था और न ही वाहन चालकों से वसूले जाने वाले टोल को लेकर दी जाने वाली रसीद की कोई व्यवस्था थी। जैसे ही वाहन चालक को टोल कर्मी पैसे लेकर पर्ची देता, हाथ से बनी पर्ची देखते हुए वाहन चालक विरोध पर उतर आते।
कंप्यूटर नहीं होने के कारण टोल कर्मी हाथ से पर्ची बनाकर वाहन चालकों को थमा रहे थे, जिस पर पिपली टोल की मोहर लगी हुई थी। जबकि टोल पर पहुंचने वाले वाहन चालकों को एंट्री प्वाइंट पर भी कोई पर्ची नहीं दी गई थी, ऐसे में एक विवाद का कारण यह भी था कि वाहन चालक केएमपी पर कितना सफर तय करके आया है और उससे कितना टोल वसूलना है। हर वाहन चालक के साथ यह विवाद होने पर टोल पर वाहनों की लंबी कतार भी लग गई।
वाहन चालकों का कहना था कि कहीं भी टोल नहीं वसूला जा रहा है, जबकि पिपली टोल पर टोल लेने के साथ ही पर्ची भी हाथ से बनाई थमाई जा रही है। इस पर टोल कर्मियों ने कहा कि कंप्यूटर सिस्टम लगाए जा रहे हैं, तब तक टोल की मोहर लगी पर्ची वाहन चालक को दी जा रही है।
बुधवार चार बजे से केजेपी और केएमपी पर टोल लेना शुरू कर दिया है। टोल की पर्ची के बाद ही वाहनों को आगे जाने दिया जा रहा है। किसान आंदोलन के चलते टोल फ्री कर दिया गया था, प्रशासन के आदेश के बाद टोल प्लाजा फिर चालू किया गया है। - केशव, शिफ्टिंग इंचार्ज केएमपी टोल प्लाजा।
करनाल में दोनों टोल प्लाजा से किसानों ने धरना हटाया
दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा व करनाल-जींद स्टेट हाइवे स्थित प्यौंत टोल प्लाजा से किसानों ने धरना व लंगर हटा लिए हैं। बुधवार को जिला प्रशासन के आग्रह पर किसान धरने से उठ गए, वहीं धार्मिक संस्थाओं ने लंगर भी बंद कर दिया। बीते 25 दिसंबर से दोनों टोल प्लाजा पर धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं की ओर से लंगर चलाए जा रहे थे। हालांकि टोल प्लाजा अभी फ्री चल रहे हैं।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव व एसपी गंगाराम पूनिया ने दोपहर को बसताड़ा टोल पर पहुंचकर किसानों से दो दिन तक लंगर व धरना बंद करने की अपील की थी जिसे किसानों व धार्मिक संस्थाओं ने स्वीकार कर लिया और लंगर बंद कर सामान गाड़ियों में लादना शुरू कर दिया। प्यौंत टोल पर भी शाम को एसडीएम असंध साहिल गुप्ता पहुंचे और अपील कर किसानों को धरने से उठाया।
हिसार में सभी टोल पर किसानों का धरना जारी
दिल्ली में हिंसा के बावजूद टोल पर किसानों का धरना खत्म नहीं हुआ है। टोल फ्री अभियान अब भी जारी है। धरनास्थलों पर किसानों की संख्या जरूर कम हुई है लेकिन उनका आंदोलन जारी है। हिसार जिले में चारों टोल बाडोपट्टी, लांधड़ी, चौधरीवास और रामायण टोल पर पहले जैसी स्थिति है।