फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Kharkhoda IMT will be expanded

Sonipat News: खरखौदा आईएमटी का होगा विस्तार

Tue, 09 Sep 2025 02:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 09 Sep 2025 02:18 AM IST
विज्ञापन
Kharkhoda IMT will be expanded
खरखौदा। हरियाणा राज्य औद्योगिक संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की ओर से अब खरखौदा आईएमटी का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए एक बार फिर से प्रक्रिया शुरू हो गई है। निगम की तरफ से करीब 58 सौ एकड़ में प्रस्तावित आईएमटी फेज-2 के विस्तार को लेकर काम शुरू हो गया है।
विज्ञापन

आने वाले समय में पता चलेगा कि योजना को लैंड पुलिंग के माध्यम से सिरे चढ़ाया जाएगा या पार्टनरशिप में। योजना के तहत सरकार ने प्रस्तावित जमीन का मूल्यांकन करा लिया है। इसे लेकर संबंधित एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट भी एचएसआईआईडीसी के पास जमा कर दी है।
विज्ञापन

खरखौदा की आईएमटी के 32 सौ एकड़ के पहले फेज पर मारुति, सुजुकी व यूनो मिंडा जैसे बड़े नाम जुड़ जाने के बाद इस आईएमटी का विस्तार बहुत ही खास मायने रखता है। खरखौदा की इस आईएमटी को जब भी विस्तार दिया जाएगा उसमें सोनीपत जिले के गांवों के साथ ही झज्जर जिले के गांवों की भी जमीन शामिल की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

निगम को आईएमटी के विस्तार के लिए 5800 एकड़ जमीन की जरूरत है। इसके लिए बहादुरगढ़ के छह और सोनीपत के खरखौदा के पांच गांवों की जमीन चिह्नित की गई है। यहां पर काफी संख्या में फैक्टरियां जमीन लेना चाहती हैं जिसकी वजह से निगम ने आईएमटी के विस्तार की योजना बनाई है।
आईएमटी का विस्तार कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे के पूर्वी साइड में कटरा एक्सप्रेस वे के साथ लगती जमीन पर किया जाएगा। निगम ने दोनों एक्सप्रेस वे से लगती जमीन का चयन किया है। निगम की ओर से आईएमटी के विस्तार के लिए इस तरह जमीन का चयन किया गया है ताकि यहां से गुजर रहे केएमपी को क्रॉस न करना पड़े।
यानि केएमपी के एक तरफ से ही जमीन का चयन किया गया है। साथ में जमीन कटरा एक्सप्रेस वे के साथ भी लगती है ताकि भविष्य में यहां के औद्योगिक क्षेत्र को कटरा एक्सप्रेस वे का भी लाभ मिल सके।
आरएंडआर के आवेदनों पर रार



एचएसआईआईडीसी की योजना (रीसेटलमेंट एंड रिहैबिलिटेशन) आरएंडआर पॉकेट को लेकर लंबे समय से संबंधित किसान परेशान हैं। किसान मांग कर रहे हैं जमीन अधिग्रहण हुए 12 वर्ष से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन अब तक उन्हें यह पता नहीं है कि उनके प्लॉट का नंबर कहां पर है। वह विभाग के बहुत से चक्कर काट चुके हैं लेकिन अब तक प्लॉट नहीं मिल पाए हैं।

रीसेटलमेंट एंड रिहैबिलिटेशन के दो हजार से ज्यादा आवेदन आए हैं जिनकी जांच की जा रही है। इनमें सेक्शन-4 लगने के समय जमीन का मालिक कौन था, कितनी जमीन का अधिग्रहण हुआ है और कितने किसान इस योजना के पात्र हैं, की रिपोर्ट बनाने के बाद डीआरओ कार्यालय में दी जाएगी ताकि किसानों को योजना का लाभ देने के लिए मंजूरी ली जा सके। -नरेश रोहिल्ला, एस्टेट प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed