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करनाल कांड के विरोध में धरना प्रदर्शन
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संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा कि हरियाणा सरकार जस्टिस एसएन अग्रवाल आयोग को करनाल मामले में किसानों के न्याय के लिए नहीं, बल्कि अपने ही जोड़-तोड़ के लिए इस्तेमाल करना चाहती है। साथ ही एसकेएम ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर 26 अक्तूबर को देशभर में तहसील और जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
एसकेएम के सदस्य डॉ. दर्शन पाल सिंह ने रविवार को कहा कि बसताड़ा टोल प्लाजा पर हरियाणा के अधिकारी आयुष सिन्हा द्वारा मुख्यमंत्री की करनाल यात्रा का विरोध कर रहे किसानों के सिर तोड़ने के लिए पुलिस को निर्देश देते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो ने पूरे देश को शर्मसार करते हुए और झकझोर कर रख दिया था। उस दिन बसताड़ा टोल प्लाजा पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के बाद एक किसान सुशील काजल बुरी तरह घायल हो गए और बाद में शहीद हो गए। इस मामले में राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश एसएन अग्रवाल की अध्यक्षता में एक व्यक्ति न्यायिक आयोग का गठन किया था। आयोग ने अब 3 महीने और समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। आलम यह है कि आयोग ने गवाहों को सुनना भी शुरू नहीं किया है और न ही आयुष सिन्हा के पुलिस को हिंसक निर्देशों का वीडियो भी नहीं देखा है।
किसान नेता ने कहा कि इतना ही नहीं आयोग अब अन्य मुद्दों पर विचार कर रहा है जैसे कि किसानों का विरोध कैसे शुरू हुआ। एसकेएम मांग करता है कि आयोग इस बात पर ध्यान केंद्रित करे कि पुलिस हिंसा और तत्कालीन एसडीएम के निर्देशों पर ध्यान देने के लिए क्या सहमति हुई थी। आयोग निर्धारित समय में अपना काम पूरा करे और आयुष सिन्हा निलंबित रहें।
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एसकेएम कल देशभर में करेगा धरना-प्रदर्शन
संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी सदस्य संगठनों से 26 अक्तूबर को केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने और गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाने के लिए पूरे भारत में तहसील और जिला मुख्यालयों पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक धरना-प्रदर्शन आयोजित करने को कहा है। इसी दिन दिल्ली की सीमाओं पर चल रहा किसानों का आंदोलन 11 महीने पूरे करेगा।
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एसकेएम के सदस्य डॉ. दर्शन पाल सिंह ने रविवार को कहा कि बसताड़ा टोल प्लाजा पर हरियाणा के अधिकारी आयुष सिन्हा द्वारा मुख्यमंत्री की करनाल यात्रा का विरोध कर रहे किसानों के सिर तोड़ने के लिए पुलिस को निर्देश देते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो ने पूरे देश को शर्मसार करते हुए और झकझोर कर रख दिया था। उस दिन बसताड़ा टोल प्लाजा पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के बाद एक किसान सुशील काजल बुरी तरह घायल हो गए और बाद में शहीद हो गए। इस मामले में राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश एसएन अग्रवाल की अध्यक्षता में एक व्यक्ति न्यायिक आयोग का गठन किया था। आयोग ने अब 3 महीने और समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। आलम यह है कि आयोग ने गवाहों को सुनना भी शुरू नहीं किया है और न ही आयुष सिन्हा के पुलिस को हिंसक निर्देशों का वीडियो भी नहीं देखा है।
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किसान नेता ने कहा कि इतना ही नहीं आयोग अब अन्य मुद्दों पर विचार कर रहा है जैसे कि किसानों का विरोध कैसे शुरू हुआ। एसकेएम मांग करता है कि आयोग इस बात पर ध्यान केंद्रित करे कि पुलिस हिंसा और तत्कालीन एसडीएम के निर्देशों पर ध्यान देने के लिए क्या सहमति हुई थी। आयोग निर्धारित समय में अपना काम पूरा करे और आयुष सिन्हा निलंबित रहें।
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एसकेएम कल देशभर में करेगा धरना-प्रदर्शन
संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी सदस्य संगठनों से 26 अक्तूबर को केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने और गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाने के लिए पूरे भारत में तहसील और जिला मुख्यालयों पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक धरना-प्रदर्शन आयोजित करने को कहा है। इसी दिन दिल्ली की सीमाओं पर चल रहा किसानों का आंदोलन 11 महीने पूरे करेगा।