{"_id":"67f96acc403e3f44690d3e78","slug":"it-will-be-easy-to-ensure-fraternity-with-bnss-dr-mohan-sonipat-news-c-197-1-snp1003-135076-2025-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएनएसएस से बंधुता सुनिश्चित करने में होगी आसानी : डॉ. मोहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएनएसएस से बंधुता सुनिश्चित करने में होगी आसानी : डॉ. मोहन
Sat, 12 Apr 2025 12:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 12 Apr 2025 12:47 AM IST
विज्ञापन
फोटो 01: सोनीपत के राई स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला के दौरान मुख्यात
सोनीपत। राजीव गांधी एजुकेशन सिटी स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में शुक्रवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 के तहत जांच पर व्यावहारिक अंतरदृष्टि पर कार्यशाला आयोजित की गई।
मुख्य अतिथि आईपीएस डॉ. राजेश कुमार मोहन ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता से न्यायिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीति के प्रति वचनबद्धता को रूपांतरित करने में सहायता मिलेगी। सभी नागरिकों के लिए समानता और बंधुता सुनिश्चित करने में भी आसानी होगी। इसके माध्यम से संविधान में उल्लिखित मूल कर्तव्यों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इससे लोगों के बीच सामान्य भाईचारे की भावना, धर्म, भाषा और क्षेत्रीय या वर्गीय विविधताओं से ऊपर उठने व महिलाओं की गरिमा के लिए अपमानजनक प्रथाओं का परित्याग करने में मदद मिलेगी।
डॉ. राजेश कुमार मोहन ने कहा कि इस संहिता से भारतीय न्याय प्रणाली में बहुत सुधार आया है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली को त्वरित एवं आधुनिक बनाया जाना है। साथ ही समाज की समकालीन आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील बनाया जाएं। इस संहिता में किए गए बदलाव का सरकार की तरफ से उठाए गए कदम ऐतिहासिक हैं। संहिता, 2023 जांच प्रक्रिया में कई सुधारों को पेश करती है, जिसमें विश्वास को बढ़ावा मिलने और सभी पक्षों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक संचार व फोरेंसिक विज्ञान का उपयोग शामिल है।
विज्ञापन
इस दौरान डीन अकादमिक अफेयर डॉ. पूजा जायसवाल ने डॉ. राजेश कुमार मोहन को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उनके साथ कुलसचिव प्रो. आशुतोष मिश्रा समेत अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि आईपीएस डॉ. राजेश कुमार मोहन ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता से न्यायिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीति के प्रति वचनबद्धता को रूपांतरित करने में सहायता मिलेगी। सभी नागरिकों के लिए समानता और बंधुता सुनिश्चित करने में भी आसानी होगी। इसके माध्यम से संविधान में उल्लिखित मूल कर्तव्यों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इससे लोगों के बीच सामान्य भाईचारे की भावना, धर्म, भाषा और क्षेत्रीय या वर्गीय विविधताओं से ऊपर उठने व महिलाओं की गरिमा के लिए अपमानजनक प्रथाओं का परित्याग करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
डॉ. राजेश कुमार मोहन ने कहा कि इस संहिता से भारतीय न्याय प्रणाली में बहुत सुधार आया है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली को त्वरित एवं आधुनिक बनाया जाना है। साथ ही समाज की समकालीन आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील बनाया जाएं। इस संहिता में किए गए बदलाव का सरकार की तरफ से उठाए गए कदम ऐतिहासिक हैं। संहिता, 2023 जांच प्रक्रिया में कई सुधारों को पेश करती है, जिसमें विश्वास को बढ़ावा मिलने और सभी पक्षों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक संचार व फोरेंसिक विज्ञान का उपयोग शामिल है।
विज्ञापन
इस दौरान डीन अकादमिक अफेयर डॉ. पूजा जायसवाल ने डॉ. राजेश कुमार मोहन को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उनके साथ कुलसचिव प्रो. आशुतोष मिश्रा समेत अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे।

फोटो 01: सोनीपत के राई स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला के दौरान मुख्यात