सोनीपत: केमिकल फैक्टरी में लगी आग पर 14 घंटे में पाया काबू, देर रात तक उछलकर फटते रहे केमिकल के ड्रम
रविवार शाम पांच बजे फैक्टरी में आग लगी थी। 14 गाड़ियों की मदद से 80 से अधिक बार पानी लाकर आग पर काबू पाया गया। देर रात तक लोग डर के साये में रहे। अग्निशमन विभाग ने मशक्कत कर कपड़े की फैक्टरी को आग की चपेट में आने से बचाया। फैक्टरी के 200 मीटर दूर केमिकल का ड्रम उछलकर फल-सब्जी की रेहड़ी पर जा गिरा। आसपास के क्षेत्र में लोगों को प्रदूषण के साथ आंखों की जलन का सामना करना पड़ा।
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हरियाणा के सोनीपत के कुंडली औद्योगिक क्षेत्र स्थित केमिकल फैक्टरी में रविवार शाम को लगी भीषण आग पर करीब 14 घंटे बाद काबू पाया जा सका। हालांकि फैक्टरी के अंदर केमिकल ड्रम के नीचे 28 घंटे बाद भी आग धधक रही थी। आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग की करीब 14 गाड़ियों में 80 से अधिक बार पानी भरकर लाने के बाद आग पर डाला गया। फैक्टरी में रखे मैंथॉल केमिकल के ड्रम देर रात तक बम की तरह से उछलकर फटते रहे। अग्निशमन विभाग की टीम ने मशक्कत के बाद कपड़े की फैक्टरी को आग से बचाया। रातभर एडीसी, एसडीएम के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर डटा रहा।
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र स्थित एगोसन ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में मैंथॉल से पेपरमेंट बनाने का काम होता है। फैक्टरी में रविवार शाम करीब पांच बजे अचानक आग लग गई थी। आग लगने से केमिकल के ड्रम धमाके के साथ फटने लगे थे तो वहां कार्यरत श्रमिकों को तुरंत बाहर निकाला गया था।
केमिकल के कारण आग तेजी से फैल गई थी। सोनीपत के साथ ही दिल्ली, रोहतक, पानीपत व झज्जर से दो-दो अग्निशमन गाड़ियों को आग पर काबू पाने के लिए लगाया गया था। सोनीपत के साथ ही दिल्ली, रोहतक, पानीपत व झज्जर से दो-दो अग्निशमन गाड़ियों को आग पर काबू पाने के लिए लगाया गया था।
कुल 14 गाड़ियों ने 80 से अधिक बार पानी लाकर आग पर काबू पाया। सोमवार सुबह करीब सात बजे आग पर नियंत्रण किया जा सका। हालांकि सोमवार रात आठ बजे तक भी केमिकल के ड्रम के नीचे आग धधक रही थी। जिस पर पूरी तरह काबू पाने के लिए दो गाड़ियों को लगाया गया है। आग लगने के बाद रातभर रातभर एडीसी शांतनू शर्मा, एसडीएम शशि वसुंधरा के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर डटा रहा।
रातभर बम की तरह फटते रहे ड्रम
आग ने फैक्टरी में रखे केमिकल के ड्रम देर रात तक बम की तरह फटते रहे, जिससे अग्निशमन विभाग के कर्मियों को भी आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आसपास के क्षेत्र में भी लोग डरे रहे। उन्हें भी ड्रम के उछलकर फटने से आग लगने का खतरा बना रहा। सुबह आग पर काबू पाने के बाद ही उन्हें राहत मिल सकी। आग से पूरी बिल्डिंग के साथ ही सामान पूरी तरह जल गया। फैक्टरी मालिक को आग से करोड़ों का नुकसान हुआ है। आकलन के बाद ही नुकसान का पता लग सकेगा।
कपड़ा फैक्टरी को बचाने के लिए करनी पड़ी मशक्कत
अग्निशमन विभाग कुंडली के वरिष्ठ फायर अधिकारी राजेश कुमार बताया कि उन्हें सबसे अधिक मशक्कत केमिकल फैक्टरी के पास स्थित कपड़ा फैक्टरी को बचाने के लिए करनी पड़ी। इसके लिए अग्निशमन विभाग की टीमों ने पूरी ताकत लगा दी। आसपास की कई फैक्टरियों को एहतियातन खाली करा लिया गया था।
200 मीटर दूर फल-सब्जी विक्रेता की रेहड़ी में लगी आग
केमिकल फैक्टरी की भयावहता इसी बात से देखी जा सकती है कि आग से करीब 200 मीटर दूर रेहड़ी पर फल-सब्जी बेचने वाले के सामान को भी चपेट में लिया। यूपी के इटावा निवासी चंदन ने बताया कि केमिकल की चपेट में आने से उसकी दो रेहड़ी के साथ ही फल-सब्जी भी बर्बाद हो गए। वहीं आग से फैक्टरी के पास खड़ी एक कार भी चपेट में आ गई।
प्रदूषण के साथ आंखों की जलन का करना पड़ा सामना
कुंडली क्षेत्र निवासी राम मोहन, राजेश कुमार, रमेश व सूरज ने बताया कि केमिकल में आग से उठने वाले धुएं के कारण उन्हें परेशानी हुई। धुएं के कारण उन्हें आंखों में जलन का सामना करना पड़ा। साथ ही सांस लेने में भी परेशानी हुई। काफी देर तक क्षेत्र में धुआं फैला रहा।
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी में सोमवार सुबह नियंत्रण पाया जा सका। सोमवार देर शाम तक भी आग धधक रही थी, जिसके लिए दो गाड़ियों को लगाया गया है। अग्निशमन विभाग की मशक्कत से अन्य फैक्टरी आग की चपेट में आने से बच सकी। - राजेंद्र दहिया, सहायक मंडल अग्निशमन अधिकारी