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Sonipat News: शिक्षा मंत्री के सामने उठाया निजी स्कूलों का मुद्दा
Sun, 04 May 2025 01:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 04 May 2025 01:13 AM IST
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सोनीपत। हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस (एचपीएससी) ने प्रदेशभर के निजी स्कूलों से संबंधित विभिन्न मुद्दों को लेकर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कोचिंग सेंटर के दुरुपयोग व त्योहारों पर पढ़ाई बाधित होने जैसे गंभीर विषयों को उठाया गया। त्योहारों पर शिक्षण कार्य जारी रखने की मांग की गई।
एचपीएससी के अधिकारियाें ने कहा कि प्रदेशभर के निजी स्कूलों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इनमें छात्रों की मानसिक स्थिति पर कोचिंग सेंटर का बुरा प्रभाव व त्योहारों के नाम पर बार-बार पढ़ाई में रुकावट जैसी समस्याएं आड़े आ रही हैं। संगठन ने प्रदेश सरकार से इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। साथ ही ज्ञापन में बताया कि स्कूल के समय में दूसरे स्कूलों में पंजीकृत छात्रों के कोचिंग सेंटर में जाने पर रोक लगाने के लिए औचक निरीक्षण कर जांच करवाई जाए। कोई भी कोचिंग सेंटर स्कूल या स्कोल जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर जनता को भ्रमित न करें। निजी स्कूलों में जयंतियों, पुण्यतिथियों या त्योहारों के अवसर पर छुट्टी घोषित करने के बजाय सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण कार्य जारी रखने की अनुमति प्रदान की जाए। इससे स्कूल 220 कार्य दिवसों का लक्ष्य पूरा कर सकेंगे। जैसा कि नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) में अपेक्षित है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि यह सुझाव विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायक होंगे।
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एचपीएससी के अधिकारियाें ने कहा कि प्रदेशभर के निजी स्कूलों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इनमें छात्रों की मानसिक स्थिति पर कोचिंग सेंटर का बुरा प्रभाव व त्योहारों के नाम पर बार-बार पढ़ाई में रुकावट जैसी समस्याएं आड़े आ रही हैं। संगठन ने प्रदेश सरकार से इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। साथ ही ज्ञापन में बताया कि स्कूल के समय में दूसरे स्कूलों में पंजीकृत छात्रों के कोचिंग सेंटर में जाने पर रोक लगाने के लिए औचक निरीक्षण कर जांच करवाई जाए। कोई भी कोचिंग सेंटर स्कूल या स्कोल जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर जनता को भ्रमित न करें। निजी स्कूलों में जयंतियों, पुण्यतिथियों या त्योहारों के अवसर पर छुट्टी घोषित करने के बजाय सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण कार्य जारी रखने की अनुमति प्रदान की जाए। इससे स्कूल 220 कार्य दिवसों का लक्ष्य पूरा कर सकेंगे। जैसा कि नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) में अपेक्षित है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि यह सुझाव विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायक होंगे।
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