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रेलवे लाइन से जोड़ी जाएगी अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी, किसान रेल 14 राज्यों से माल लेकर आएगी
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सोनीपत। गन्नौर में बनाई जा रही एशिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी को रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। बागवानी मंडी तक रेलवे लाइन बिछने के बाद किसान रेल चलाई जाएगी और वह देश के 14 राज्यों से माल लाएगी। बागवानी मंडी तक रेलवे लाइन बिछाने की संभावनाएं तलाश करने के लिए रेलवे दिल्ली मंडल के चीफ इंजीनियर शिवओम द्विवेदी ने निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने मंडी तक रेलवे लाइन बिछाने को गन्नौर रेलवे स्टेशन व बड़ी में निर्माणाधीन रेल कोच फैक्टरी का निरीक्षण भी किया।
गन्नौर में जीटी रोड के साथ 537 एकड़ में बनने वाली अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मार्केट एशिया की सबसे बड़ी मार्केट होगी। इसका शिलान्यास फरवरी 2014 में किया गया था और वहां बागवानी मार्केट की जमीन की चहारदीवारी का निर्माण किया जा चुका है। अभी मार्केट परिसर में चार शेड भी बने हुए हैं। जिसमें दो शेड कवर्ड हैं और दो खुले हुए हैं। कृषि मंत्रालय की ओर से हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रस्ताव को तीन माह पहले मंजूरी दी जा चुकी है। जिसके तहत मंडी को विकसित करने के लिए तीन हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंडी के विकसित होने पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे मंडी के आसपास क्षेत्र में रहने वाले लोगों को काफी रोजगार मुहैया होगा।
अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी के विकसित होने के बाद देश के विभिन्न राज्यों से यहां तक किसान रेल चलाई जाएगी। इसके लिए बागवानी मंडी को दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। बागवानी मंडी तक रेलवे लाइन बिछाने की संभावनाएं तलाशने के लिए शनिवार को रेलवे के चीफ इंजीनियर शिवओम द्विवेदी ने गन्नौर क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी परिसर के अलावा गन्नौर रेलवे स्टेशन, बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निर्माणाधीन रेल कोच फैक्टरी व कॉनकोर की ओर बनाए गए रेल यार्ड का निरीक्षण किया। रेलवे लाइन बिछाने के लिए चीफ इंजीनियर शिवओम द्विवेदी जल्द ही रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपेंगे।
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किसान रेल के माध्यम से 14 राज्यों से आएगा माल
अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी में किसान रेल के माध्यम से 14 राज्यों से माल पहुंचेगा। मंडी परिसर में महाराष्ट्र से प्याज, अंगूर, अनार, केला, गुजरात से चीकू व केला, कर्नाटक से अदरक, अंगूर, आलू, अनार, मध्यप्रदेश से बेर, राजस्थान से किन्नू, संतरा व सब्जियां, छत्तीसगढ़ से सब्जियां, आसाम से अनानास, नींबू व अदरक, आंध्र प्रदेश से मौसमी, उत्तर प्रदेश से आम, अमरुद, लीची व सब्जियां, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर से सेब, अनाशपत्ती, आलूबुखारा, बिहार से लीची, अंगूर मखाना, उत्तराखंड से आम, लीची, पंजाब के अलावा हरियाणा व दिल्ली से भी सब्जियां आएगी।
वर्जन
गन्नौर में बनने वाली अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी को रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। इसको लेकर मंडी में किसान रेल 14 राज्यों से माल लेकर पहुंचेगी। बागवानी मंडी तक रेलवे लाइन बिछाने के लिए 20 दिन पहले रेलवे को पत्र लिखा था। रेलवे लाइन बिछाने की संभावनाएं तलाशने के लिए रेलवे के चीफ इंजीनियर शिवओम द्विवेदी ने निरीक्षण किया है।
- जेएस यादव, एमडी हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड
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गन्नौर में जीटी रोड के साथ 537 एकड़ में बनने वाली अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मार्केट एशिया की सबसे बड़ी मार्केट होगी। इसका शिलान्यास फरवरी 2014 में किया गया था और वहां बागवानी मार्केट की जमीन की चहारदीवारी का निर्माण किया जा चुका है। अभी मार्केट परिसर में चार शेड भी बने हुए हैं। जिसमें दो शेड कवर्ड हैं और दो खुले हुए हैं। कृषि मंत्रालय की ओर से हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रस्ताव को तीन माह पहले मंजूरी दी जा चुकी है। जिसके तहत मंडी को विकसित करने के लिए तीन हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंडी के विकसित होने पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे मंडी के आसपास क्षेत्र में रहने वाले लोगों को काफी रोजगार मुहैया होगा।
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अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी के विकसित होने के बाद देश के विभिन्न राज्यों से यहां तक किसान रेल चलाई जाएगी। इसके लिए बागवानी मंडी को दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। बागवानी मंडी तक रेलवे लाइन बिछाने की संभावनाएं तलाशने के लिए शनिवार को रेलवे के चीफ इंजीनियर शिवओम द्विवेदी ने गन्नौर क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी परिसर के अलावा गन्नौर रेलवे स्टेशन, बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निर्माणाधीन रेल कोच फैक्टरी व कॉनकोर की ओर बनाए गए रेल यार्ड का निरीक्षण किया। रेलवे लाइन बिछाने के लिए चीफ इंजीनियर शिवओम द्विवेदी जल्द ही रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपेंगे।
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किसान रेल के माध्यम से 14 राज्यों से आएगा माल
अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी में किसान रेल के माध्यम से 14 राज्यों से माल पहुंचेगा। मंडी परिसर में महाराष्ट्र से प्याज, अंगूर, अनार, केला, गुजरात से चीकू व केला, कर्नाटक से अदरक, अंगूर, आलू, अनार, मध्यप्रदेश से बेर, राजस्थान से किन्नू, संतरा व सब्जियां, छत्तीसगढ़ से सब्जियां, आसाम से अनानास, नींबू व अदरक, आंध्र प्रदेश से मौसमी, उत्तर प्रदेश से आम, अमरुद, लीची व सब्जियां, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर से सेब, अनाशपत्ती, आलूबुखारा, बिहार से लीची, अंगूर मखाना, उत्तराखंड से आम, लीची, पंजाब के अलावा हरियाणा व दिल्ली से भी सब्जियां आएगी।
वर्जन
गन्नौर में बनने वाली अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी को रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। इसको लेकर मंडी में किसान रेल 14 राज्यों से माल लेकर पहुंचेगी। बागवानी मंडी तक रेलवे लाइन बिछाने के लिए 20 दिन पहले रेलवे को पत्र लिखा था। रेलवे लाइन बिछाने की संभावनाएं तलाशने के लिए रेलवे के चीफ इंजीनियर शिवओम द्विवेदी ने निरीक्षण किया है।
- जेएस यादव, एमडी हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड