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गर्मी की वजह से चर्म रोगियों की बढ़ रह संख्या, 250 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे अस्पताल

Thu, 28 Apr 2022 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 28 Apr 2022 11:57 PM IST
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increasing number of skin patient due to heat, more than 250 patients are reaching hospital
नागरिक अस्पताल में चर्म रोग से पीड़ित महिला का उपचार करते विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंघल। संवाद - फोटो : Sonipat
तापमान बढ़ने के साथ ही चर्म रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। नागरिक अस्पताल में रोजाना 250 से ज्यादा मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अभी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। ओपीडी में हर रोज करीब 250 मरीज दाद, खुजली और लाल दाने निकलने की दवा लेने आ रहे हैं। चिकित्सक का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
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गर्मी बढ़ने के साथ-साथ एलर्जी के मरीज बढ़ने लगते हैं। इस साल मार्च में ही अस्पताल में चर्म रोगियों का आना शुरू हो गया था। यह मौसम शरीर के लिए सबसे प्रतिकूल होता है। इस मौसम में शरीर का तापमान बढ़ा रहता है। जिसकी वजह से शरीर में लाल दाने हो जाते हैं। साथ ही उसमें खुजली भी होने लगती है। वर्तमान में दाद, खाज, खुजली, त्वचा पर एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। चर्म रोगों से बचाव के लिए चिकित्सक गर्मी से खुद का बचाव करने की सलाह दे रहे हैं।
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अल्ट्रा वॉयलेट किरणें त्वचा को पहुंचाती हैं नुकसान
डॉ. राजेश सिंघल ने बताया कि तापमान में जैसे-जैसे बढ़ोतरी होगी, वैसे ही गर्मी में एलर्जी होने से चेहरा लाल हो जाता है। इसके अलावा शरीर पर लाल रंग के दाने निकल आते हैं। उन्होंने बताया कि सूर्य के प्रकाश में समाहित अल्ट्रा वॉयलेट किरणें हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। गर्मी में इसका प्रभाव काफी ज्यादा बढ़ जाता है। दोपहर 12 से 3 बजे तक ये किरणें ज्यादा ही घातक हो जाती हैं। शरीर में पसीना जमकर सूख जाता है। इससे वहां फंगल हो जाते हैं। खुजली के दौरान संक्रमण ज्यादा होने लगता है। बाद में उसमें दर्द और जलन भी होने लगती है। इनसे बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि शरीर पर होने वाले पसीने को सूखने न दें। शरीर में जहां-जहां पसीना सूखता है वहां चर्म रोग के कीटाणु तेजी से पैदा होते हैं। तेज धूप से चमड़ी झुलस कर काली पड़ जाती है।
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ऐसे करें बचाव
प्रतिदिन ताजे और ठंडे पानी से नहाएं।
नहाने के पानी में एंटीसेप्टिक की बूंदे डालें।
त्वचा के लिए एंटी बैक्टीरियल साबुन का प्रयोग करें।
अपनी मर्जी से दवा न लें।
पहले से संक्रमण है तो पहनने के कपड़ों को गर्म पानी में उबालकर धोएं और धूप में अच्छे से सुखाएं।
इंफेक्शन से ग्रसित मरीज के कपड़ों को अन्य परिजनों के कपड़ों से अलग धोएं।
गर्मियों में हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें।
मीठा, लाल मिर्च और तेज मसालेदार खाने से बचें। पानी ज्यादा पीएं।
अस्पताल में रोजाना 250 से ज्यादा चर्मरोग से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। मौसम में अचानक आए बदलाव से लोगों को खुद का ध्यान रखना चाहिए। दोपहर 12 से 3 बजे तक घर से बाहर निकलने में परहेज करें और गर्म हवाओं से बचें। चर्म रोग के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाएं और उनकी सलाह से ही दवाई लें।
डॉ. राजेश सिंघल, रेजिडेंट चिकित्सा अधिकारी एवं चर्म रोग विशेषज्ञ।
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