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Sonipat News: धर्म भाई बनकर बढ़ाई पहचान, नौकरी लगवाने व विदेश भेजने के नाम पर 34.50 लाख रुपये ठगे
Sun, 22 Dec 2024 01:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 22 Dec 2024 01:03 AM IST
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सोनीपत। मैपस्को सिटी की महिला के बेटे को विदेश भेजने व रिश्तेदारों को नौकरी लगवाने के नाम पर 34.50 लाख रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। आरोपी ने महिला का धर्म भाई बनकर पहले विश्वास में लिया और नकदी ऐंठ ली। डीसीपी को शिकायत देने के बाद पुलिस ने महिला के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मैपस्को सिटी निवासी ओमपति ने डीसीपी को दी शिकायत में बताया कि मुरथल निवासी किरण संग उनकी सत्संग में जान पहचान हुई थी। किरण ने उनकी पहचान जींद के गांव मांडी कलां निवासी नरेश से कराई थी। बताया गया था कि नरेश हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में कार्यरत है। किरण ने बताया था कि नरेश कई युवकों को नौकरी लगवा चुका है और कई को अमेरिका (यूएसए) भिजवा चुका है। उसके बाद नरेश का उनके घर आना-जाना हो गया। उसने उन्हें धर्म बहन बना लिया। नरेश ने उन्हें कहा था कि कोई युवक ग्रुप डी में या क्लर्क की नौकरी चाहता है तो वह उन्हें नौकरी लगवा सकते हैं। इस पर उन्होंने अपनी ननद के पोते साहिल को नौकरी लगवाने के लिए अलग-अलग समय में तीन लाख रुपये दिए। साथ ही अपने जेठ के बेटे अक्षय को ग्रुप डी में लगवाने के नाम पर ढाई लाया रुपये दिए। एक अन्य परिचित सुमित को क्लर्क की नौकरी दिलवाने के लिए तीन लाख रुपये दिए। अन्य परिचित सोहित व मोहित को नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये दिए गए। इतना ही नहीं बेटे रवि को अमेरिका भिजवाने के नाम पर 19 लाख रुपये दिए गए। वह नरेश को परिचितों को नौकरी लगवाने व बेटे का अमेरिका भेजने के नाम पर कुल साढ़े 34 लाख रुपये दे चुके हैं। महिला का कहना है कि जब काम नहीं हुआ तो उन्होंने रुपये देने का दबाव बनाया था। जिस पर 15 अक्तूबर को आरोपी उनके घर आया था। उसने रुपये देने की बात कही थी। हालांकि अगले दिन सुबह उसने रुपये देने से मना दिया था। साथ ही रुपये मांगने पर मरवाने की धमकी दी थी। साथ ही कहा था कि वह झूठे केस में फंसवा देगा। उसके बाद वह चला गया था। उन्होंने मामले से पुलिस को अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उसके बाद उच्च अधिकारियों को शिकायत देकर अब मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया
महिला का आरोप है कि उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया गया। फिर कहा गया कि आचार संहिता लग गई है। उसके बाद नौकरी लगवा देगा। क्लर्क का नियुक्ति पत्र दिया गया था।
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मैपस्को सिटी निवासी ओमपति ने डीसीपी को दी शिकायत में बताया कि मुरथल निवासी किरण संग उनकी सत्संग में जान पहचान हुई थी। किरण ने उनकी पहचान जींद के गांव मांडी कलां निवासी नरेश से कराई थी। बताया गया था कि नरेश हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में कार्यरत है। किरण ने बताया था कि नरेश कई युवकों को नौकरी लगवा चुका है और कई को अमेरिका (यूएसए) भिजवा चुका है। उसके बाद नरेश का उनके घर आना-जाना हो गया। उसने उन्हें धर्म बहन बना लिया। नरेश ने उन्हें कहा था कि कोई युवक ग्रुप डी में या क्लर्क की नौकरी चाहता है तो वह उन्हें नौकरी लगवा सकते हैं। इस पर उन्होंने अपनी ननद के पोते साहिल को नौकरी लगवाने के लिए अलग-अलग समय में तीन लाख रुपये दिए। साथ ही अपने जेठ के बेटे अक्षय को ग्रुप डी में लगवाने के नाम पर ढाई लाया रुपये दिए। एक अन्य परिचित सुमित को क्लर्क की नौकरी दिलवाने के लिए तीन लाख रुपये दिए। अन्य परिचित सोहित व मोहित को नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये दिए गए। इतना ही नहीं बेटे रवि को अमेरिका भिजवाने के नाम पर 19 लाख रुपये दिए गए। वह नरेश को परिचितों को नौकरी लगवाने व बेटे का अमेरिका भेजने के नाम पर कुल साढ़े 34 लाख रुपये दे चुके हैं। महिला का कहना है कि जब काम नहीं हुआ तो उन्होंने रुपये देने का दबाव बनाया था। जिस पर 15 अक्तूबर को आरोपी उनके घर आया था। उसने रुपये देने की बात कही थी। हालांकि अगले दिन सुबह उसने रुपये देने से मना दिया था। साथ ही रुपये मांगने पर मरवाने की धमकी दी थी। साथ ही कहा था कि वह झूठे केस में फंसवा देगा। उसके बाद वह चला गया था। उन्होंने मामले से पुलिस को अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उसके बाद उच्च अधिकारियों को शिकायत देकर अब मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया
महिला का आरोप है कि उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया गया। फिर कहा गया कि आचार संहिता लग गई है। उसके बाद नौकरी लगवा देगा। क्लर्क का नियुक्ति पत्र दिया गया था।
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