फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   In the race to increase production, we are growing a crop of diseases: Dr. Parminder

पैदावार बढ़ाने की होड़ में हम बीमारियों की फसल उगा रहे : डॉ. परमिंदर

Thu, 26 Feb 2026 01:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 26 Feb 2026 01:44 AM IST
विज्ञापन
In the race to increase production, we are growing a crop of diseases: Dr. Parminder
प्राकृतिक खेती पर तीन दिवसीय किसान प्रशिक्षण को संबो​धित करते डॉ करमचंद। संवाद
गोहाना। पैदावार बढ़ाने की होड़ में हम बीमारियों की फसल उगा रहे हैं। पंजाब के बाद हरियाणा देश में सबसे ज्यादा कीटनाशक इस्तेमाल करने वाला राज्य बन गया है। प्रदेश में 36 लाख हेक्टेयर भूमि पर कीटनाशकों का इस्तेमाल 42 हजार क्विंटल तक पहुंच गया है।
विज्ञापन

उर्वरकों पर करोड़ों रुपये की सब्सिडी मिलने के बावजूद मिट्टी और लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। कैंसर जैसी बीमारी के मरीज भी बढ़ रहे हैं। यह बात वरिष्ठ जिला विस्तार विशेषज्ञ व प्रशिक्षण संयोजक डॉ. परमिंदर सिंह ने कही।
विज्ञापन

वह चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सोनीपत स्थित कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार संस्थान (हमेटी) जींद के सहयोग से प्राकृतिक खेती पर तीन दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के मौके पर किसानों को प्रशिक्षण दे रहे थे। कार्यक्रम के निदेशक डॉ. करमचंद ने किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. करमचंद ने कहा कि किसानों की लंबे समय से मांग थी कि जो किसान जींद या कुरुक्षेत्र जाकर प्रशिक्षण नहीं ले सकते उन्हें अपने जिले में ही प्रशिक्षण मिले। इसी मांग को देखते हुए अब जिलास्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया है।

डॉ. परमिंदर सिंह ने प्रशिक्षण की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि किसानों को प्राकृतिक खेती, जीवामृत, घनजीवामृत और बीजामृत बनाने की विधि, कीट व रोग नियंत्रण, समूह में खेती, प्राकृतिक खेती का प्रमाणीकरण, उत्पादों की ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और सीधे बिक्री के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा कृषि पर्यटन की भी जानकारी दी गई।


उप मंडल कृषि अधिकारी डॉ. राजेंद्र मेहरा ने विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। तकनीकी सहायक डॉ. विपिन ने जीवामृत और घनजीवामृत बनाकर किसानों को दिखाया। इसमें 24 गांवों के 60 किसानों ने भाग लिया। इनमें दो महिला किसान भी शामिल हुईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed