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नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों ने हड़ताली एमबीबीएस विद्यार्थियों के समर्थन में काले बिल्ले लगाकर किया काम
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नागरिक अस्पताल में काले बिल्ले लगाकर बैठक करते चिकित्सक। संवाद
- फोटो : Sonipat
नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने सोमवार को एमबीबीएस विद्यार्थियों के समर्थन में काले बिल्ले लगाकर काम किया। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के बैनर तले चिकित्सकों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एमबीबीएम विद्यार्थियों की मांगें जल्द पूरी की जाएं। साथ ही रोहतक में एमबीबीएस विद्यार्थियों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे को रद्द करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बॉन्ड नीति को तुरंत वापस लिया जाए। जिला प्रधान डॉ. राहुल आंतिल ने बताया कि सरकार की ओर से एमबीबीएस विद्यार्थियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। बॉन्ड नीति लागू करने एमबीबीएस विद्यार्थियों से प्रति वर्ष 10 लाख रुपये की लूट की जा रही है। एमबीबीएस विद्यार्थी काफी समय से बॉन्ड नीति का विरोध कर रहे हैं, उसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। जिसके विरोध में एमबीबीएस विद्यार्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार अब एमबीबीएस की सीटों को बेचना चाह रही है। नीति के अनुसार एमबीबीएस करने के बाद विद्यार्थियों को सरकारी संस्थानों में सात साल तक सेवा देनी होगी, लेकिन सरकार नौकरी की गारंटी नहीं दे रही है। एमबीबीएस विद्यार्थियों के समर्थन में सोमवार को चिकित्सकों ने काम किया है।
मीडिया प्रभारी डॉ. प्यारे लाल मलिक ने बताया कि एमबीबीएस विद्यार्थियों की मांगें जायज हैं। पीजीआई रोहतक में धरना दे रहे एमबीबीएस विद्यार्थियों को जबरदस्ती उठाने व उनके खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने की भी मांग की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते उनकी मांगों को हल नहीं किया गया तो वह आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
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उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एमबीबीएम विद्यार्थियों की मांगें जल्द पूरी की जाएं। साथ ही रोहतक में एमबीबीएस विद्यार्थियों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे को रद्द करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बॉन्ड नीति को तुरंत वापस लिया जाए। जिला प्रधान डॉ. राहुल आंतिल ने बताया कि सरकार की ओर से एमबीबीएस विद्यार्थियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। बॉन्ड नीति लागू करने एमबीबीएस विद्यार्थियों से प्रति वर्ष 10 लाख रुपये की लूट की जा रही है। एमबीबीएस विद्यार्थी काफी समय से बॉन्ड नीति का विरोध कर रहे हैं, उसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। जिसके विरोध में एमबीबीएस विद्यार्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार अब एमबीबीएस की सीटों को बेचना चाह रही है। नीति के अनुसार एमबीबीएस करने के बाद विद्यार्थियों को सरकारी संस्थानों में सात साल तक सेवा देनी होगी, लेकिन सरकार नौकरी की गारंटी नहीं दे रही है। एमबीबीएस विद्यार्थियों के समर्थन में सोमवार को चिकित्सकों ने काम किया है।
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मीडिया प्रभारी डॉ. प्यारे लाल मलिक ने बताया कि एमबीबीएस विद्यार्थियों की मांगें जायज हैं। पीजीआई रोहतक में धरना दे रहे एमबीबीएस विद्यार्थियों को जबरदस्ती उठाने व उनके खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने की भी मांग की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते उनकी मांगों को हल नहीं किया गया तो वह आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
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