{"_id":"5f6f8c448ebc3e9c0873d25b","slug":"imt-construction-700-acre-land-land-of-18-villeges-sonipat-sonipat-news-rtk5754743194","type":"story","status":"publish","title_hn":"18 गांवों की 7000 एकड़ जमीन पर स्थापित होगी आईएमटी, तीन नेशनल हाईवे से जोड़ा जाएगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
18 गांवों की 7000 एकड़ जमीन पर स्थापित होगी आईएमटी, तीन नेशनल हाईवे से जोड़ा जाएगा
विज्ञापन
पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आईएमटी को लेकर सरपंचों से मीटिंग करते एसडीएम व अन्य अधिकारी
- फोटो : Sonipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोहाना। क्षेत्र के 18 गांवों की 7000 एकड़ जमीन पर आईएमटी स्थापित की जाएगी। इस आईएमटी को तीन नेशनल हाईवे से जोड़ा जाएगा। यहां आईएमटी बनने के साथ आसपास के हजारों लोगों को रोजगार मुहैया होगा। आईएमटी बनाने के प्रस्तावों को लेकर सांसद रमेश कौशिक की अध्यक्षता में 18 गांवों के सरपंचों के साथ पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बैठक हुई। जहां पर सभी सरपंचों से ई-भूमि पोर्टल के जरिए अपनी जमीन पर आईएमटी के बनाए जाने की सहमति को लेकर चर्चा की गई।
चंडीगढ़ से पहुंचे इंडस्ट्रीज के चीफ को-ऑर्डिनेटर सुनील शर्मा ने सरपंचों को जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी पंचायत की भूमि को किसानों और सरपंचों की सहमति के बिना अधिग्रहीत नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार की तरफ से किसी भी क्षेत्र में औद्योगिक इकाई लगाने से पहले ई-भूमि पोर्टल के जरिए किसानों की सहमति मांगी जाती है और देने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाती है। उन्होंने बताया कि जिस भी किसान को अपनी भूमि आईएमटी के लिए सरकार को देनी है, वह ई-भूमि पोर्टल पर प्रस्ताव डालकर अपनी सहमति सरकार को दे सकता है। किसी भी किसान को जमीन अधिग्रहण कराने के लिए दबाव नहीं किया जाएगा और पंचायतों और किसानों के किसी भी सवाल जवाब के लिए 24 घंटे इंडस्ट्रीज विभाग के अधिकारी से बातचीत करने का प्रावधान रहेगा।
सांसद रमेश कौशिक ने कहा कि क्षेत्र में स्थापित होने वाली आईएमटी को तीन नेशनल हाईवे से जोड़ा जाएगा। इसमें पानीपत-गोहाना हाईवे, जींद-सोनीपत हाईवे व जिले में बनने वाले नई दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे शामिल हैं। आईएमटी के स्थापित होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही इस आईएमटी को रेलमार्ग से भी जोड़ा जा सकेगा।
विज्ञापन
आईएमटी में मिलेंगी यह सभी सुविधाएं
एसडीएम आशीष वशिष्ठ ने बताया कि बरोदा हलके के गांव बड़ौता, नगर, माहरा, रभड़ा, गोहाना ग्रामीण, ठसका, आहुलाना, भंडेरी, कोहला, बनवासा, कैहल्पा, कथूरा, गढ़वाल, छपरा, निजामपुर, भावड़ व बुटाना गांवों की करीब 7 हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यहां स्थापित होने वाली आईएमटी में स्कूल, कॉलेज, आधुनिक हॉस्पिटल, होटल, पॉलिटेक्निक, शॉपिंग मॉल समेत सभी कामर्शियल यूनिट शामिल होंगी।
विज्ञापन
चंडीगढ़ से पहुंचे इंडस्ट्रीज के चीफ को-ऑर्डिनेटर सुनील शर्मा ने सरपंचों को जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी पंचायत की भूमि को किसानों और सरपंचों की सहमति के बिना अधिग्रहीत नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार की तरफ से किसी भी क्षेत्र में औद्योगिक इकाई लगाने से पहले ई-भूमि पोर्टल के जरिए किसानों की सहमति मांगी जाती है और देने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाती है। उन्होंने बताया कि जिस भी किसान को अपनी भूमि आईएमटी के लिए सरकार को देनी है, वह ई-भूमि पोर्टल पर प्रस्ताव डालकर अपनी सहमति सरकार को दे सकता है। किसी भी किसान को जमीन अधिग्रहण कराने के लिए दबाव नहीं किया जाएगा और पंचायतों और किसानों के किसी भी सवाल जवाब के लिए 24 घंटे इंडस्ट्रीज विभाग के अधिकारी से बातचीत करने का प्रावधान रहेगा।
विज्ञापन
सांसद रमेश कौशिक ने कहा कि क्षेत्र में स्थापित होने वाली आईएमटी को तीन नेशनल हाईवे से जोड़ा जाएगा। इसमें पानीपत-गोहाना हाईवे, जींद-सोनीपत हाईवे व जिले में बनने वाले नई दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे शामिल हैं। आईएमटी के स्थापित होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही इस आईएमटी को रेलमार्ग से भी जोड़ा जा सकेगा।
विज्ञापन
आईएमटी में मिलेंगी यह सभी सुविधाएं
एसडीएम आशीष वशिष्ठ ने बताया कि बरोदा हलके के गांव बड़ौता, नगर, माहरा, रभड़ा, गोहाना ग्रामीण, ठसका, आहुलाना, भंडेरी, कोहला, बनवासा, कैहल्पा, कथूरा, गढ़वाल, छपरा, निजामपुर, भावड़ व बुटाना गांवों की करीब 7 हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यहां स्थापित होने वाली आईएमटी में स्कूल, कॉलेज, आधुनिक हॉस्पिटल, होटल, पॉलिटेक्निक, शॉपिंग मॉल समेत सभी कामर्शियल यूनिट शामिल होंगी।