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अफसरों का खेल: रेत ठेकेदारों पर पहले मुकदमा, अगले ही दिन खनन शुरू कराया
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असदपुर में किया जा रहा खनन
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। मुख्यमंत्री मनोहर लाल व केबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा भले ही अवैध व नियमों की धज्जियां उड़ाकर खनन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई करने की बात कहते हों। इसके बावजूद भी यमुना में रेत खनन को लेकर बड़ा खेल चल रहा है। यहां जिन ठेकेदारों पर यमुना में बांध बनाकर धारा मोड़ने के बाद खनन करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। उन ठेकेदारों पर अगले ही दिन अफसर मेहरबान हो गए और उस आनंद एंड कंपनी ने अगले ही दिन यमुना के अंदर दोबारा खनन शुरू कर दिया। यहां तक ही सिंचाई व खनन विभाग का खेल नहीं थमा, बल्कि असदपुर में लीज पर जमीन नहीं होने के बावजूद भी अवैध रूप से खनन कराया जा रहा है। वहां के लोग जमीन लीज पर होने के कारण खनन किए जाने की बात मानते रहे, लेकिन जब आरटीआई से पता चला कि वहां खनन के लिए जमीन किसी को लीज पर नहीं दी गई है तो उसकी शिकायत की गई है।
यमुना में पानी आने के बाद खनन बंद हो गया था, लेकिन रेत खनन ठेकेदारों ने यमुना में बांध बना लिया। यह बांध मिमारपुर में आनंद एंड कंपनी और टिकौला में डीएसपी एसोसिएट्स ने बनाया था। जिससे यमुना की धारा उत्तर प्रदेश की ओर मोड़ दी गई और वहां खनन शुरू कर दिया गया। इसका पता चलने पर सिंचाई विभाग के एसडीएम राजेश कुमार ने चार दिन पहले ही मिमारपुर में खनन करने वाली आनंद एंड कंपनी व टिकौला की डीएसपी एसोसिएट्स पर मुकदमा दर्ज कराया था। यह मुकदमा दर्ज कराए जाने के अगले ही दिन मिमारपुर में आनंद एंड कंपनी ने दोबारा से यमुना में जेसीबी उतार दी और वहां खनन शुरू कर दिया गया। इस समय वहां खुलेआम खनन किया जा रहा है और उसपर यमुना की धारा मोड़कर मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करते हुए अधिकारी मेहरबान दिख रहे हैं। इसके साथ ही आनंद एंड कंपनी एक साल से सरकार का लगभग 25 करोड़ रुपया दबाकर बैठी हुई है और वह उस रुपये को जमा नहीं करा रही है। सरकार की 45 लाख रुपये महीने की किश्त भी कंपनी जमा नहीं करा रही है और उसके बावजूद खनन विभाग की मेहरबानी उनपर जारी है। जिससे वह सरकार के रुपये नहीं जमा करा रहे है।
असदपुर में पंचायती जमीन लीज पर नहीं, फिर भी चल रहा रेत खनन
असदपुर में यमुना में रेत खनन करने को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां यमुना खादर में रेत खनन किया जा रहा है, लेकिन पंचायत व पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की ओर से कोई जमीन खनन के लिए लीज पर नहीं दी गई है। यह पूरा खुलासा आईटीआई के तहत मिली सूचना से हुआ है। चांद सिंह ने इस पूरे मामले की सूचना मांगी थी, जिसपर खनन विभाग के सहायक खनन अभियंता की ओर से सूचना उपलब्ध कराई गई है। उसमें कहा गया है कि असदपुर में बीडीपीओ व उपायुक्त कार्यालय से किसी भी कंपनी को खनन करने के लिए जमीन लीज पर नहीं दी गई है। लेकिन वहां गांव में यमुना खादर में जेसीबी से खनन किया जा रहा है। इसके अलावा यह सूचना मांगी गई थी कि पहले अवैध रेत खनन होता मिलने पर क्या कार्रवाई की गई है। जिसमें कहा गया है कि इस मामले में रिपोर्ट मुख्यालय भेजी हुई है और वहां से अवैध रेत खनन को लेकर कार्रवाई होनी है। अब जमीन लीज पर नहीं होने के बावजूद रेत खनन किए जाने के मामले में सीएम विंडो पर शिकायत की गई है।
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खनन विभाग की ओर से समय-समय पर यमुना में निरीक्षण किया जाता है कि वहां अवैध रूप से खनन तो नहीं किया जा रहा है। वहां दो कंपनियों के खिलाफ सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें किसी तरह की कार्रवाई खनन विभाग की तरफ से नहीं होनी है। वहीं असदपुर वाला मामला दिखवाया जाएगा कि वहां कंपनी से अलग कौन खनन करता है। - गुलशन, खनन निरीक्षक
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यमुना में पानी आने के बाद खनन बंद हो गया था, लेकिन रेत खनन ठेकेदारों ने यमुना में बांध बना लिया। यह बांध मिमारपुर में आनंद एंड कंपनी और टिकौला में डीएसपी एसोसिएट्स ने बनाया था। जिससे यमुना की धारा उत्तर प्रदेश की ओर मोड़ दी गई और वहां खनन शुरू कर दिया गया। इसका पता चलने पर सिंचाई विभाग के एसडीएम राजेश कुमार ने चार दिन पहले ही मिमारपुर में खनन करने वाली आनंद एंड कंपनी व टिकौला की डीएसपी एसोसिएट्स पर मुकदमा दर्ज कराया था। यह मुकदमा दर्ज कराए जाने के अगले ही दिन मिमारपुर में आनंद एंड कंपनी ने दोबारा से यमुना में जेसीबी उतार दी और वहां खनन शुरू कर दिया गया। इस समय वहां खुलेआम खनन किया जा रहा है और उसपर यमुना की धारा मोड़कर मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करते हुए अधिकारी मेहरबान दिख रहे हैं। इसके साथ ही आनंद एंड कंपनी एक साल से सरकार का लगभग 25 करोड़ रुपया दबाकर बैठी हुई है और वह उस रुपये को जमा नहीं करा रही है। सरकार की 45 लाख रुपये महीने की किश्त भी कंपनी जमा नहीं करा रही है और उसके बावजूद खनन विभाग की मेहरबानी उनपर जारी है। जिससे वह सरकार के रुपये नहीं जमा करा रहे है।
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असदपुर में पंचायती जमीन लीज पर नहीं, फिर भी चल रहा रेत खनन
असदपुर में यमुना में रेत खनन करने को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां यमुना खादर में रेत खनन किया जा रहा है, लेकिन पंचायत व पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की ओर से कोई जमीन खनन के लिए लीज पर नहीं दी गई है। यह पूरा खुलासा आईटीआई के तहत मिली सूचना से हुआ है। चांद सिंह ने इस पूरे मामले की सूचना मांगी थी, जिसपर खनन विभाग के सहायक खनन अभियंता की ओर से सूचना उपलब्ध कराई गई है। उसमें कहा गया है कि असदपुर में बीडीपीओ व उपायुक्त कार्यालय से किसी भी कंपनी को खनन करने के लिए जमीन लीज पर नहीं दी गई है। लेकिन वहां गांव में यमुना खादर में जेसीबी से खनन किया जा रहा है। इसके अलावा यह सूचना मांगी गई थी कि पहले अवैध रेत खनन होता मिलने पर क्या कार्रवाई की गई है। जिसमें कहा गया है कि इस मामले में रिपोर्ट मुख्यालय भेजी हुई है और वहां से अवैध रेत खनन को लेकर कार्रवाई होनी है। अब जमीन लीज पर नहीं होने के बावजूद रेत खनन किए जाने के मामले में सीएम विंडो पर शिकायत की गई है।
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खनन विभाग की ओर से समय-समय पर यमुना में निरीक्षण किया जाता है कि वहां अवैध रूप से खनन तो नहीं किया जा रहा है। वहां दो कंपनियों के खिलाफ सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें किसी तरह की कार्रवाई खनन विभाग की तरफ से नहीं होनी है। वहीं असदपुर वाला मामला दिखवाया जाएगा कि वहां कंपनी से अलग कौन खनन करता है। - गुलशन, खनन निरीक्षक

मीमारपुर में यमुना के अंदर मशीनों से किया जा रहा खनन- फोटो : Sonipat