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Sonipat News: दो राज्यों के बीच चल रहा था भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात का अवैध धंधा
Tue, 15 Apr 2025 12:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 15 Apr 2025 12:19 AM IST
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सोनीपत के खरखौदा स्थित निजी अस्पताल में चिकित्सक से पूछताछ करती टीम। संवाद
खरखौदा। स्वास्थ्य विभाग, रोहतक की टीम ने पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) एक्ट के तहत कार्रवाई कर भ्रूण लिंग जांच और अवैध गर्भपात कराने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह रैकेट सोनीपत के खरखौदा से लेकर उत्तर प्रदेश के बिजनौर तक फैला है। खरखौदा के एक निजी अस्पताल के माध्यम से बिजनौर में भ्रूण लिंग परीक्षण कराए जा रहे थे।
मामले से पर्दा उठाने वाली टीम की जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ की एक महिला को खरखौदा की एक बीएएमएस चिकित्सक के माध्यम से बिजनौर भेजा गया था। वहां पर 11 अप्रैल को भ्रूण लिंग जांच कराई गई। गर्भ में लड़की होने की बात कहकर महिला को खरखौदा लाकर उसे अवैध रूप से एमटीपी किट के जरिए गर्भपात की दवाइयां दी गईं। 12 अप्रैल को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खरखौदा स्थित भारद्वाज हॉस्पिटल पर छापा डाला तो वहां से दो एमटीपी किट और एक अधूरी किट जब्त की गई।
इस कार्रवाई के बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए 13 अप्रैल को बिजनौर स्थित रायल आरजे हॉस्पिटल में डिकाय ग्राहक भेजकर भ्रूण लिंग परीक्षण कराते हुए एक बीयूएमएस चिकित्सक को रंगे हाथों पकड़ा गया। सीसीटीवी फुटेज से यह भी पुष्टि हुई कि 11 अप्रैल को उसी डॉक्टर ने चंडीगढ़ की महिला की जांच की थी। जांच के दौरान भ्रूण लिंग परीक्षण के एवज में लिए गए 20 हजार रुपये में से 19 हजार बरामद कर लिए गए। इसके बाद इस मामले में पीसीपीएनडीटी की तरफ से खरखौदा की बीएएमएस चिकित्सक, बिजनौर के बीयूएमएस चिकित्सक, जांच कराने वाली महिला, एजेंट और चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। घटना के बाद से स्थानीय पुलिस के साथ ही स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह अलर्ट हो गया है।
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दो राज्यों में चल रहा था पूरा खेल
जांच में सामने आया है कि खरखौदा से भ्रूण लिंग जांच कराने के लिए बिजनौर भेजा जा रहा था। जहां से जांच कराने के बाद खरखौदा में अवैध रूप से गर्भपात किया गया। हरियाणा व यूपी के आरोपी मिलकर इस पूरे खेल को चला रहे थे।
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मामले से पर्दा उठाने वाली टीम की जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ की एक महिला को खरखौदा की एक बीएएमएस चिकित्सक के माध्यम से बिजनौर भेजा गया था। वहां पर 11 अप्रैल को भ्रूण लिंग जांच कराई गई। गर्भ में लड़की होने की बात कहकर महिला को खरखौदा लाकर उसे अवैध रूप से एमटीपी किट के जरिए गर्भपात की दवाइयां दी गईं। 12 अप्रैल को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खरखौदा स्थित भारद्वाज हॉस्पिटल पर छापा डाला तो वहां से दो एमटीपी किट और एक अधूरी किट जब्त की गई।
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इस कार्रवाई के बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए 13 अप्रैल को बिजनौर स्थित रायल आरजे हॉस्पिटल में डिकाय ग्राहक भेजकर भ्रूण लिंग परीक्षण कराते हुए एक बीयूएमएस चिकित्सक को रंगे हाथों पकड़ा गया। सीसीटीवी फुटेज से यह भी पुष्टि हुई कि 11 अप्रैल को उसी डॉक्टर ने चंडीगढ़ की महिला की जांच की थी। जांच के दौरान भ्रूण लिंग परीक्षण के एवज में लिए गए 20 हजार रुपये में से 19 हजार बरामद कर लिए गए। इसके बाद इस मामले में पीसीपीएनडीटी की तरफ से खरखौदा की बीएएमएस चिकित्सक, बिजनौर के बीयूएमएस चिकित्सक, जांच कराने वाली महिला, एजेंट और चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। घटना के बाद से स्थानीय पुलिस के साथ ही स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह अलर्ट हो गया है।
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दो राज्यों में चल रहा था पूरा खेल
जांच में सामने आया है कि खरखौदा से भ्रूण लिंग जांच कराने के लिए बिजनौर भेजा जा रहा था। जहां से जांच कराने के बाद खरखौदा में अवैध रूप से गर्भपात किया गया। हरियाणा व यूपी के आरोपी मिलकर इस पूरे खेल को चला रहे थे।