{"_id":"667af8187b9f812ffc08764a","slug":"if-bjps-truth-is-revealed-then-the-income-of-obc-creamy-layer-will-be-rs-8-lakh-induraj-narwal-sonipat-news-c-197-1-snp1003-120215-2024-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा की सच्चाई उजागर हुई तो ओबीसी क्रीमिलेयर की आय आठ लाख रुपये होगी : इंदुराज नरवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा की सच्चाई उजागर हुई तो ओबीसी क्रीमिलेयर की आय आठ लाख रुपये होगी : इंदुराज नरवाल
Tue, 25 Jun 2024 10:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 25 Jun 2024 10:32 PM IST
विज्ञापन
बरोदा हलके से कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल।
गोहाना। बरोदा हलके से कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल ने कहा कि भाजपा एससी और ओबीसी के आरक्षण व अधिकारों पर कुठाराघात कर रही है। भाजपा ने ओबीसी क्रीमिलेयर की आय 8 लाख रुपये से घटाकर 6 लाख रुपये किया था। साथ ही इसमें कृषि और वेतन की आय को भी जोड़ दिया। जबकि कांग्रेस कार्यकाल के दौरान क्रीमिलेयर की आय सीमा को निर्धारित करते हुए इससे कृषि और वेतन की आय को अलग कर दिया गया था। अब पिछड़ा वर्ग आयोग के सामने भाजपा की सच्चाई उजागर हो गई तो भाजपा ने इस लिमिट को बढ़ाकर वापस 8 लाख रुपये करने की बात कही है। इसको लेकर अभी तक कोई सरकारी दस्तावेज सामने नहीं आया है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से की गई सोशल मीडिया पोस्ट को भी हटा दिया है।
विधायक इंदुराज नरवाल ने कहा कि प्रदेश की नौकरियों में 2 लाख से ज्यादा पद खाली पड़े हुए हैं, लेकिन भाजपा जानबूझकर इन पदों को नहीं भर रही। पक्की भर्तियां होंगी तो एससी और ओबीसी को आरक्षण देना पड़ेगा। इसकी वजह से पिछड़ा वर्ग के हजारों पद खाली पड़े हुए हैं और एक बड़ा बैकलॉग प्रदेश की नौकरियों में इकट्ठा हो गया है। ग्रुप-ए और ग्रुप-बी की अलग-अलग कैटेगरी बनाकर उनके आरक्षण को 10 से बढ़ाकर 15 फीसदी किया गया था। ग्रुप-ए को 10 फीसदी और ग्रुप-बी को पांच फीसदी आरक्षण दिया था। जबकि उससे पहले कुल मिलाकर ओबीसी आरक्षण सिर्फ 10 फीसदी था।
विज्ञापन
विधायक इंदुराज नरवाल ने कहा कि प्रदेश की नौकरियों में 2 लाख से ज्यादा पद खाली पड़े हुए हैं, लेकिन भाजपा जानबूझकर इन पदों को नहीं भर रही। पक्की भर्तियां होंगी तो एससी और ओबीसी को आरक्षण देना पड़ेगा। इसकी वजह से पिछड़ा वर्ग के हजारों पद खाली पड़े हुए हैं और एक बड़ा बैकलॉग प्रदेश की नौकरियों में इकट्ठा हो गया है। ग्रुप-ए और ग्रुप-बी की अलग-अलग कैटेगरी बनाकर उनके आरक्षण को 10 से बढ़ाकर 15 फीसदी किया गया था। ग्रुप-ए को 10 फीसदी और ग्रुप-बी को पांच फीसदी आरक्षण दिया था। जबकि उससे पहले कुल मिलाकर ओबीसी आरक्षण सिर्फ 10 फीसदी था।
विज्ञापन