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खेल स्कूल राई की प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगे तो आईएएस से करानी पड़ी जांच
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सोनीपत। मोतीलाल नेहरू खेल स्कूल राई में प्रवेश के लिए जहां पहले विद्यार्थियों पर फर्जीवाड़ा करने का शक जताया जा रहा था, वहीं अब स्कूल स्टाफ पर प्रवेश परीक्षा में खेल करने का आरोप लगा है। ऐसी शिकायत डीसी व स्कूल प्रिंसिपल एवं डीसी श्यामलाल पूनिया के पास कोई एक नहीं, बल्कि करीब 15 शिकायत पहुंची हैं। इसके बाद डीसी ने ट्रेनी आईएएस सलोनी शर्मा को जांच सौंपी है। हालांकि शुरुआती जांच में अभी तक गड़बड़ी का कोई सुबूत नहीं मिला है।
खेल स्कूल में हर साल दाखिला के लिए मारामारी रहती है, क्योंकि प्रदेश में अकेला खेल स्कूल है। वहां सभी कक्षाओं में दाखिला के लिए पहले लिखित परीक्षा कराई जाती है तो उसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा भी कराई जाती है। जिसमें गेंद फेंकने से लेकर दौड़, लंबी कूद समेत अन्य शारीरिक गतिविधियां शामिल होती है। ऐसे में हर कोई अपने बच्चे का दाखिला कराने की जुगत लगाता है और खेल स्कूल के स्टाफ से संपर्क निकाले जाते हैं। इससे शारीरिक दक्षता परीक्षा में फायदा लिया जा सके। इस बार भी स्कूल में दाखिला के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा कराई गई थी, जिसमें स्कूल स्टाफ पर खूब आरोप लगे हैं।
किसी ने गेंद सही नहीं देने तो किसी ने कूद में सही माप नहीं करने का लगाया आरोप
शारीरिक दक्षता परीक्षा में खेल करनी की करीब 15 शिकायत डीसी एवं स्कूल प्रिंसिपल श्यामलाल पूनिया के पास पहुंची हैं। किसी ने गेंद सही नहीं देने का आरोप लगाया है तो किसी ने कूद में सही माप नहीं करने का आरोप लगाया है। अभिभावकों ने यहां तक आरोप लगाया है कि शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान उनको काफी दूर रोक दिया जाता है और उनको बच्चों के साथ नहीं जाने दिया जाता है, जिससे वह पूरी स्थिति पर नजर रख सके। डीसी श्यामलाल पूनिया ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है और इसकी जांच आईएएस सलोनी शर्मा को सौंपी है।
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पहले उम्र में फर्जीवाड़ा करने के लगे थे आरोप
खेल स्कूल में दाखिले के लिए हर कक्षा के लिए उम्र निर्धारित है, लेकिन ऐसे भी अभिभावक है जो अपने बच्चों की कम उम्र दिखाकर प्रमाण पत्र बनवा लेते हैं। उसके सहारे ही बच्चे को खेल स्कूल में दाखिला दिलाने में लग जाते हैं। इस तरह का मामला डीसी श्यामलाल पूनिया के सामने आया था तो उन्होंने फर्जीवाड़ा किए जाने का शक जताते हुए उन बच्चों की मेडिकल जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा था। इस तरह से उम्र को लेकर भी फर्जीवाड़ा किए जाने के आरोप लगे थे।
खेल स्कूल में दाखिला को लेकर गड़बड़ी किए जाने की शिकायत मिली थी और इस तरह की करीब 15 शिकायत थी। जिनमें जांच कराई जा रही है। हालांकि शुरुआती जांच में अभी तक ऐसा सुबूत नहीं मिला है, जिससे यह कहा जा सके कि गड़बड़ी हुई है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।- श्यामलाल पूनिया, डीसी
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खेल स्कूल में हर साल दाखिला के लिए मारामारी रहती है, क्योंकि प्रदेश में अकेला खेल स्कूल है। वहां सभी कक्षाओं में दाखिला के लिए पहले लिखित परीक्षा कराई जाती है तो उसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा भी कराई जाती है। जिसमें गेंद फेंकने से लेकर दौड़, लंबी कूद समेत अन्य शारीरिक गतिविधियां शामिल होती है। ऐसे में हर कोई अपने बच्चे का दाखिला कराने की जुगत लगाता है और खेल स्कूल के स्टाफ से संपर्क निकाले जाते हैं। इससे शारीरिक दक्षता परीक्षा में फायदा लिया जा सके। इस बार भी स्कूल में दाखिला के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा कराई गई थी, जिसमें स्कूल स्टाफ पर खूब आरोप लगे हैं।
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किसी ने गेंद सही नहीं देने तो किसी ने कूद में सही माप नहीं करने का लगाया आरोप
शारीरिक दक्षता परीक्षा में खेल करनी की करीब 15 शिकायत डीसी एवं स्कूल प्रिंसिपल श्यामलाल पूनिया के पास पहुंची हैं। किसी ने गेंद सही नहीं देने का आरोप लगाया है तो किसी ने कूद में सही माप नहीं करने का आरोप लगाया है। अभिभावकों ने यहां तक आरोप लगाया है कि शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान उनको काफी दूर रोक दिया जाता है और उनको बच्चों के साथ नहीं जाने दिया जाता है, जिससे वह पूरी स्थिति पर नजर रख सके। डीसी श्यामलाल पूनिया ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है और इसकी जांच आईएएस सलोनी शर्मा को सौंपी है।
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पहले उम्र में फर्जीवाड़ा करने के लगे थे आरोप
खेल स्कूल में दाखिले के लिए हर कक्षा के लिए उम्र निर्धारित है, लेकिन ऐसे भी अभिभावक है जो अपने बच्चों की कम उम्र दिखाकर प्रमाण पत्र बनवा लेते हैं। उसके सहारे ही बच्चे को खेल स्कूल में दाखिला दिलाने में लग जाते हैं। इस तरह का मामला डीसी श्यामलाल पूनिया के सामने आया था तो उन्होंने फर्जीवाड़ा किए जाने का शक जताते हुए उन बच्चों की मेडिकल जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा था। इस तरह से उम्र को लेकर भी फर्जीवाड़ा किए जाने के आरोप लगे थे।
खेल स्कूल में दाखिला को लेकर गड़बड़ी किए जाने की शिकायत मिली थी और इस तरह की करीब 15 शिकायत थी। जिनमें जांच कराई जा रही है। हालांकि शुरुआती जांच में अभी तक ऐसा सुबूत नहीं मिला है, जिससे यह कहा जा सके कि गड़बड़ी हुई है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।- श्यामलाल पूनिया, डीसी