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दहेज हत्या के दोषी पति को उम्रकैद की सजा
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमिंद्र कौर की अदालत ने दहेज हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी पति को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को उम्रकैद व 20000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
विदित रहे कि मूलरूप से गांव गोच्छी फिलहाल रोहतक के जींद रोड स्थित शिव कालोनी निवासी राजेंद्र ने 10 मई, 2016 को खरखौदा पुलिस को बताया था कि उसने अपनी बेटी राजेश कुमारी की शादी गांव गोपालपुर के रवींद्र उर्फ रवि के साथ की थी। उसने बताया था कि 9 मई, 2016 को उसे सूचना मिली थी कि उसकी बेटी राजेश को मार दिया गया है। उसने परिवार के सदस्यों को गांव में भेजा था। जहां पर पता लगा था कि उसकी बेटी जली हुई हालत में पड़ी है। जिस पर उसके भतीजों ने उसे बताया कि राजेश के ससुराल पक्ष के लोग उसके शव का रात को ही अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। जिस पर वह अपने परिजनों को साथ लेकर खरखौदा थाना में गया था। जिस पर उसने पुलिस को अवगत कराया था। पुलिस ने गांव में पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भिजवा दिया था। बाद में शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। पुलिस को राजेंद्र ने बताया था कि राजेश का पति रवींद्र डेयरी चलाता था। उसने राजेश को कहा था कि उसके हिस्से में जो जमीन आती है वह उसे बेचकर आ जाए। वह जमीन करीब 50 लाख रुपये की होगी। राजेश के मना करने पर उन्होंने उसकी बेटी को जलाकर मार दिया है। पुलिस ने मामले में राजेंद्र के बयान पर पति व अन्य के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। बाद में मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अन्य आरोपियों की संलिप्तता से मना कर दिया था। बाद में पुलिस ने हत्या की धारा को भी आत्महत्या के विवश करने की धारा में बदल दिया था। पुलिस ने आरोपी रवींद्र को आत्महत्या को विवश करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।
अदालत में मामले की सुनवाई के बाद बहस में अदालत ने रवींद्र को दहेज हत्या का दोषी माना है। एएसजे प्रमिंद्र कौर की अदालत ने दोषी रवींद्र उर्फ रवि को भादसं की धारा 302 में उम्रकैद व 10000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं धारा 498 में तीन साल कैद व 10000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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विदित रहे कि मूलरूप से गांव गोच्छी फिलहाल रोहतक के जींद रोड स्थित शिव कालोनी निवासी राजेंद्र ने 10 मई, 2016 को खरखौदा पुलिस को बताया था कि उसने अपनी बेटी राजेश कुमारी की शादी गांव गोपालपुर के रवींद्र उर्फ रवि के साथ की थी। उसने बताया था कि 9 मई, 2016 को उसे सूचना मिली थी कि उसकी बेटी राजेश को मार दिया गया है। उसने परिवार के सदस्यों को गांव में भेजा था। जहां पर पता लगा था कि उसकी बेटी जली हुई हालत में पड़ी है। जिस पर उसके भतीजों ने उसे बताया कि राजेश के ससुराल पक्ष के लोग उसके शव का रात को ही अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। जिस पर वह अपने परिजनों को साथ लेकर खरखौदा थाना में गया था। जिस पर उसने पुलिस को अवगत कराया था। पुलिस ने गांव में पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भिजवा दिया था। बाद में शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। पुलिस को राजेंद्र ने बताया था कि राजेश का पति रवींद्र डेयरी चलाता था। उसने राजेश को कहा था कि उसके हिस्से में जो जमीन आती है वह उसे बेचकर आ जाए। वह जमीन करीब 50 लाख रुपये की होगी। राजेश के मना करने पर उन्होंने उसकी बेटी को जलाकर मार दिया है। पुलिस ने मामले में राजेंद्र के बयान पर पति व अन्य के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। बाद में मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अन्य आरोपियों की संलिप्तता से मना कर दिया था। बाद में पुलिस ने हत्या की धारा को भी आत्महत्या के विवश करने की धारा में बदल दिया था। पुलिस ने आरोपी रवींद्र को आत्महत्या को विवश करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।
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अदालत में मामले की सुनवाई के बाद बहस में अदालत ने रवींद्र को दहेज हत्या का दोषी माना है। एएसजे प्रमिंद्र कौर की अदालत ने दोषी रवींद्र उर्फ रवि को भादसं की धारा 302 में उम्रकैद व 10000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं धारा 498 में तीन साल कैद व 10000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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