{"_id":"439270a8620f3b007c283bbd3caa07a6","slug":"huda-revise-our-plan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ गए प्लॉट हो गया प्लान रिवाइज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बढ़ गए प्लॉट हो गया प्लान रिवाइज
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 14 Dec 2015 12:11 AM IST
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राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के तहत अधिग्रहीत की गई जमीन के मालिकों को प्लॉट देने के लिए हुडा ने इन गांवों में बनने वाले रिहायशी प्लान को रिवाइज्ड किया है। रिवाइज्ड प्लान के नक्शे और अन्य सामग्री भी राजीव गांधी एजूकेशन सिटी विंग में पहुंच चुकी है। अधिकारी बताते हैं कि जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। प्लान रिवाइज्ड होने के पीछे हुडा की नई पॉलिसी को वजह बताया जा रहा है। नई नीति के चलते जमीन मालिकों के लिए प्लॉटों की संख्या कम पड़ रही थी, इसीलिए प्लान को रिवाइज्ड करते हुए बड़े प्लॉटों को कम कर दिया गया है, छोटे प्लॉटों की संख्या बढ़ा दी गई है। हालांकि सबसे बड़े साइज यानी की 1 कनाल के प्लॉट ही अब तक दिए गए हैं। खास बात यह है कि रिहायशी क्षेत्र के लिए जमीन उतनी ही रखी गई है, जितनी पहले थी। रिवाइज्ड प्लान अभी तक दो गांवों का ही आया है, तीसरे गांव का रिवाइज्ड प्लान आने में कुछ अड़चन बताई जा रही है। बता दें कि ओस्टिज कोटे के इन प्लॉटों के लिए हुडा के पास 1088 लोगों ने आवेदन कर रखा है। जबकि 200 के करीब और ऐसे लोग हैं जिनके आवेदन आ सकते हैं।
एक नजर में एजूकेशन सिटी
वर्ष 2008 में हुडा ने पतला, असावरपुर और सेवली गांवों की 2514.52 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी। जमीन अधिग्रहीत कर इसे सेक्टर 65 से 68 के तहत बसाया गया और इसका नाम राजीव गांधी एजूकेशन सिटी दिया गया था। सिटी के लिए जमीन देने वाले मालिकों में से 1088 ने ओस्टिज कोटे के तहत आवेदन किया था। 2 सितंबर को हुडा के मुख्य प्रशासक ने सिटी के लिए अपनी नीति में बदलाव किया। नई नीति के तहत ओस्टिज कोटे में 75 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण वाली शर्त को हटा दिया गया था।
बड़े प्लॉट कम, सबसे बड़े ज्यादा
रिवाइज्ड प्लान के तहत पतला और असावरपुर दोनों गांवों में बड़े प्लॉटों की संख्या कम की गई है। हालांकि दोनों ही गांवों में सबसे बड़ा साइज यानी एक कनाल के प्लॉट भी दिए जाएंगे, जो पहले के प्लान में नहीं थे। पतला में तो केवल 10 मरला के प्लॉटों को कम किया गया है। जबकि असावरपुर में 6, 8 और 10 मरला तीनों ही साइज के प्लॉटों की संख्या कम की गई है।
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सेवली में लगेगा थोड़ा समय, अन्य पर जल्द होगा काम
बताया जा रहा है कि एजूकेशन सिटी के तहत आने वाले सेवली गांव की अधिग्रहीत की गई जमीन पर बनने वाले रिहायशी क्षेत्र का रिवाइज्ड प्लान आने में समय लगेगा। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही है कि इस गांव में जमीन का कब्जा नहीं मिल पाया है। हालांकि पतला और असावरपुर में भी जमीन का कब्जा पूरी तरह से हुडा के पास नहीं है, लेकिन सेवली में समस्या ज्यादा बड़ी बताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों की मानें तो रिवाइज्ड प्लान आने के बाद से ही काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही धरातल पर रिहायशी क्षेत्र के लिए काम शुरू होगा।
पतला गांव में रिवाइज्ड प्लान के बाद प्लॉट और साइज
प्लॉट साइज पहले रिवाइज्ड
1 कनाल 00 11
10 मरला 55 24
8 मरला 55 64
6 मरला 66 123
4 मरला 56 126
3 मरला 28 175
2 मरला 32 92
असावरपुर में रिवाइज्ड प्लान के बाद प्लॉट और साइज
प्लॉट साइज पहले अब
1 कनाल 00 99
10 मरला 41 35
8 मरला 72 16
6 मरला 92 83
4 मरला 92 144
3 मरला 00 80
2 मरला 00 05
रिवाइज्ड प्लॉन आ गया है, सेवली का भी जल्द रिवाइज्ड प्लॉन आ जाएगा। रिवाइज्ड प्लॉन के अनुसार जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। ओस्टिज कोटे के तहत नई नीति के कारण ही प्लॉट्स का प्लान रिवाइज्ड किया गया है।
-डीके आहुजा, एक्सईएन, राजीव गांधी एजूकेशन सिटी।
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एक नजर में एजूकेशन सिटी
वर्ष 2008 में हुडा ने पतला, असावरपुर और सेवली गांवों की 2514.52 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी। जमीन अधिग्रहीत कर इसे सेक्टर 65 से 68 के तहत बसाया गया और इसका नाम राजीव गांधी एजूकेशन सिटी दिया गया था। सिटी के लिए जमीन देने वाले मालिकों में से 1088 ने ओस्टिज कोटे के तहत आवेदन किया था। 2 सितंबर को हुडा के मुख्य प्रशासक ने सिटी के लिए अपनी नीति में बदलाव किया। नई नीति के तहत ओस्टिज कोटे में 75 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण वाली शर्त को हटा दिया गया था।
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बड़े प्लॉट कम, सबसे बड़े ज्यादा
रिवाइज्ड प्लान के तहत पतला और असावरपुर दोनों गांवों में बड़े प्लॉटों की संख्या कम की गई है। हालांकि दोनों ही गांवों में सबसे बड़ा साइज यानी एक कनाल के प्लॉट भी दिए जाएंगे, जो पहले के प्लान में नहीं थे। पतला में तो केवल 10 मरला के प्लॉटों को कम किया गया है। जबकि असावरपुर में 6, 8 और 10 मरला तीनों ही साइज के प्लॉटों की संख्या कम की गई है।
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सेवली में लगेगा थोड़ा समय, अन्य पर जल्द होगा काम
बताया जा रहा है कि एजूकेशन सिटी के तहत आने वाले सेवली गांव की अधिग्रहीत की गई जमीन पर बनने वाले रिहायशी क्षेत्र का रिवाइज्ड प्लान आने में समय लगेगा। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही है कि इस गांव में जमीन का कब्जा नहीं मिल पाया है। हालांकि पतला और असावरपुर में भी जमीन का कब्जा पूरी तरह से हुडा के पास नहीं है, लेकिन सेवली में समस्या ज्यादा बड़ी बताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों की मानें तो रिवाइज्ड प्लान आने के बाद से ही काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही धरातल पर रिहायशी क्षेत्र के लिए काम शुरू होगा।
पतला गांव में रिवाइज्ड प्लान के बाद प्लॉट और साइज
प्लॉट साइज पहले रिवाइज्ड
1 कनाल 00 11
10 मरला 55 24
8 मरला 55 64
6 मरला 66 123
4 मरला 56 126
3 मरला 28 175
2 मरला 32 92
असावरपुर में रिवाइज्ड प्लान के बाद प्लॉट और साइज
प्लॉट साइज पहले अब
1 कनाल 00 99
10 मरला 41 35
8 मरला 72 16
6 मरला 92 83
4 मरला 92 144
3 मरला 00 80
2 मरला 00 05
रिवाइज्ड प्लॉन आ गया है, सेवली का भी जल्द रिवाइज्ड प्लॉन आ जाएगा। रिवाइज्ड प्लॉन के अनुसार जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। ओस्टिज कोटे के तहत नई नीति के कारण ही प्लॉट्स का प्लान रिवाइज्ड किया गया है।
-डीके आहुजा, एक्सईएन, राजीव गांधी एजूकेशन सिटी।