{"_id":"bc53255e8484be20aa592dedc333afe0","slug":"huda-news-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुडा ने 60 की सूची की फाइनल, अब लगनी रह गई मुहर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुडा ने 60 की सूची की फाइनल, अब लगनी रह गई मुहर
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Fri, 27 Nov 2015 12:26 AM IST
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राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के लिए जिन लोगों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी, उन लोगों को अब जल्द ही प्लॉट मिलेंगे। मुख्य प्रशासक द्वारा आरजीईसी के लिए विशेष पॉलिसी देने के बाद अटके पड़े 75 प्रतिशत से कम जमीन अधिग्रहीत मामले में लोगों की लिस्ट तैयार कर ली गई है। फाइनल लिस्ट पर जल्द ही मुहर लग जाएगी। इसके बाद आरजीईसी में ओस्टीज कोटे के तहत प्लॉट मिल जाएंगे। रिवाइज्ड नीति के तहत आरजीईसी में 25 प्रतिशत जमीन देने वाले लोगों को भी प्लॉट देने की सूची में रखा गया है। इसके अलावा जो लोग 75 प्रतिशत से अधिक जमीन दे चुके हैं, उनके भी प्लॉट साइज फाइनल कर लिए गए हैं। सूची पर अंतिम मुहर लगते ही मुख्य प्रशासक की सहमति के बाद ड्रा की तारीख तय की जाएगी। बता दें कि इस मामले में हाईकोर्ट ने भी हुडा अधिकारियों की लेटलतीफी पर खिंचाई की थी। हाईकोर्ट ने 31 अगस्त तक ड्रा निकालने के निर्देश दिए थे, लेकिन इस डेडलाइन के तीन महीने बीतने को है, लेकिन हुडा ड्रा निकाल नहीं पाई। हालांकि अब रिवाइज्ड पॉलिसी के तहत प्लॉट के पात्र लोगों की सूची तैयार होने से ड्रा की जल्द घोषित होने की उम्मीद जागी है।
ये है मामला
वर्ष 2008 में राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के लिए पतला, असावरपुर और सेवली गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी। हुडा ने इसके लिए सेक्टर 65 से 68 के नाम पर कुल 2514.52 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। इस जमीन के अधिग्रहण के बाद कुल 1088 जमीन मालिकों ने ओस्टीज कोटे के तहत प्लॉट के लिए आवेदन किया था। प्लॉट आवंटन को लेकर देरी होने पर कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में केस किया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में हुडा को 31 अगस्त तक ड्रा निकालने के निर्देश दिए थे, लेकिन हुडा अभी तक भी ड्रा नहीं निकाल पाया है।
नई पॉलिसी बनी हुई थी दिक्कत
सितंबर महीने में हुडा मुख्य प्रशासक ने आरजीईसी में ओस्टीज कोटे के लिए नई पॉलिसी बनाई थी। 2 सितंबर को जारी किए गए पत्र में बताया गया था कि राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में जिन लोगों की जमीन अधिग्रहीत की गई है, उन पर ओस्टीज कोटे के तहत प्लॉट आवंटन के लिए 75 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत करने की शर्त लागू नहीं होगी। मतलब यह कि 75 प्रतिशत से कम जमीन अधिग्रहीत होने पर भी लोगों को प्लॉट आवंटित किए जाएंगे।
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25 प्रतिशत वालों को भी मिलेगा प्लॉट
अब तैयार की गई 60 लोगों की लिस्ट में उन लोगों का नाम भी है, जिनकी 25 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत की गई हैं। उदाहरण के तौर पर असावरपुर निवासी अंगूरी देवी की 25 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत की गई है। वहीं सेवली के रामकरण और सुरेंद्र की 26 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत की गई। इसके बावजूद इन्हें उन 60 लोगों की सूची में शामिल किया गया है, जिन्हें हुडा ने ओस्टीज कोटे के तहत प्लॉट पात्र माना गया है।
यह है ओस्टीज कोटा और उसका नियम
ओस्टीज कोटा केवल उन्हीं लोगों के लिए होता है, जिनकी जमीन हुडा अधिग्रहीत करता है। ऐसे लोगों को हुडा अपने सेक्टरों में प्लॉट देता है। प्लॉट के लिए जरूरी होता है कि कोटे के तहत आवेदनकर्ता की कुल जमीन का 75 प्रतिशत हिस्सा हुडा ने अधिग्रहीत किया हो। नियमों के तहत जितनी ज्यादा जमीन अधिग्रहीत की जाती है, उतना ही बड़ा प्लॉट आवंटित होता है। हालांकि फीस और प्लॉट की कीमत बिना कोटे के प्लॉट की तरह ही होती है।
नई सूची तैयार की जा चुकी है, फाइनल मुहर लगनी बाकी है। उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद ड्रा की तारीख भी तय कर ली जाएगी।
-सिद्धार्थ सिंह, संपदा अधिकारी, हुडा।
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ये है मामला
वर्ष 2008 में राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के लिए पतला, असावरपुर और सेवली गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी। हुडा ने इसके लिए सेक्टर 65 से 68 के नाम पर कुल 2514.52 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। इस जमीन के अधिग्रहण के बाद कुल 1088 जमीन मालिकों ने ओस्टीज कोटे के तहत प्लॉट के लिए आवेदन किया था। प्लॉट आवंटन को लेकर देरी होने पर कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में केस किया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में हुडा को 31 अगस्त तक ड्रा निकालने के निर्देश दिए थे, लेकिन हुडा अभी तक भी ड्रा नहीं निकाल पाया है।
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नई पॉलिसी बनी हुई थी दिक्कत
सितंबर महीने में हुडा मुख्य प्रशासक ने आरजीईसी में ओस्टीज कोटे के लिए नई पॉलिसी बनाई थी। 2 सितंबर को जारी किए गए पत्र में बताया गया था कि राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में जिन लोगों की जमीन अधिग्रहीत की गई है, उन पर ओस्टीज कोटे के तहत प्लॉट आवंटन के लिए 75 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत करने की शर्त लागू नहीं होगी। मतलब यह कि 75 प्रतिशत से कम जमीन अधिग्रहीत होने पर भी लोगों को प्लॉट आवंटित किए जाएंगे।
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25 प्रतिशत वालों को भी मिलेगा प्लॉट
अब तैयार की गई 60 लोगों की लिस्ट में उन लोगों का नाम भी है, जिनकी 25 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत की गई हैं। उदाहरण के तौर पर असावरपुर निवासी अंगूरी देवी की 25 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत की गई है। वहीं सेवली के रामकरण और सुरेंद्र की 26 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत की गई। इसके बावजूद इन्हें उन 60 लोगों की सूची में शामिल किया गया है, जिन्हें हुडा ने ओस्टीज कोटे के तहत प्लॉट पात्र माना गया है।
यह है ओस्टीज कोटा और उसका नियम
ओस्टीज कोटा केवल उन्हीं लोगों के लिए होता है, जिनकी जमीन हुडा अधिग्रहीत करता है। ऐसे लोगों को हुडा अपने सेक्टरों में प्लॉट देता है। प्लॉट के लिए जरूरी होता है कि कोटे के तहत आवेदनकर्ता की कुल जमीन का 75 प्रतिशत हिस्सा हुडा ने अधिग्रहीत किया हो। नियमों के तहत जितनी ज्यादा जमीन अधिग्रहीत की जाती है, उतना ही बड़ा प्लॉट आवंटित होता है। हालांकि फीस और प्लॉट की कीमत बिना कोटे के प्लॉट की तरह ही होती है।
नई सूची तैयार की जा चुकी है, फाइनल मुहर लगनी बाकी है। उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद ड्रा की तारीख भी तय कर ली जाएगी।
-सिद्धार्थ सिंह, संपदा अधिकारी, हुडा।