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मकानों को तोड़ने के लिए हाईवे अथॉरिटी ने जारी किया ग्रामीणों को नोटिस

Thu, 28 Jan 2016 12:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत Updated Thu, 28 Jan 2016 12:23 AM IST
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गांव चिढ़ाना में सड़क किनारे बने मकानों को तुड़वाने के लिए हाईवे अथॉरिटी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए हाईवे अथॉरिटी ने ग्रामीणों को नोटिस भी जारी कर दिए हैं। नोटिस मिलते ही ग्रामीणों ने हैरानी जताई। उन्होंने मकान बचाने के लिए हाईवे अथॉरिटी के खिलाफ अदालत की शरण ली है। ग्रामीणों ने कहा कि वह मकानों को किसी कीमत पर नहीं टूटने देंगे।
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गत हुड्डा सरकार के कार्यकाल में पानीपत-गोहाना-रोहतक हाईवे का निर्माण कराया गया था। इसके लिए सड़क को चौड़ा कर फोर-लेन किया गया था। उस समय गांव चिढ़ाना के ग्रामीणों ने गांव के बीच से सड़क निर्माण का विरोध किया था। ग्रामीणों का कहना था कि अगर मापदंड के अनुसार रास्ते का निर्माण किया जाता है तो कई मकान तोड़ने पड़ते। इस मांग को लेकर चिढ़ाना के ग्रामीणों ने लगातार 15 माह तक धरना भी दिया था। उनको मनाने के लिए 13 अप्रैल, 2013 को तत्कालीन उपायुक्त पंकज अग्रवाल अधिकारियों के साथ धरने पर पहुंचे थे। उपायुक्त ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि गांव के अंदर उस हिस्से में मार्ग बनाया जाएगा, जहां कोई मकान नहीं बना है। इसके अलावा  सड़क विकसित करने पर किसी भी ग्रामीण का मकान न तोड़ने का आश्वासन दिया गया था। अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिया था कि कि बाईपास बनाने के लिए जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू करा दी जाएगी। उपायुक्त के मौखिक आश्वासन पर ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया था। हाईवे अथॉरिटी ने यहां मकानों को बचाते हुए सड़क निर्माण करा दिया। जगह कम होने से यहां न तो सर्विस मार्ग बनाया गया और न ही लाइटें लगाई गई हैं। अब हाईवे अथॉरिटी ने कई ग्रामीणों को मकान तोड़ने संबंधी नोटिस जारी कर दिए हैं। नोटिस मिलने से ग्रामीण हैरान रह गए। ग्रामीणों ने भी अपने मकान बचाने के लिए अदालत की शरण ले ली है। अदालत ने भी हाईवे अथारिटी के अधिकारियों को समन जारी करके तलब किया है। इस मामले में अब 27 जनवरी को पहली सुनवाई होगी।
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इस तरह हुआ था विवाद
चिढ़ाना गांव में मकानों को बचाते हुए हाईवे का निर्माण करा दिया गया। जब मामला शांत हो गया तो पूर्व ग्राम पंचायत चिढ़ाना ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली और गांव के बीच से हाईवे को चौड़ा कराने की मांग की। पंचायत ने तर्क दिया कि गोहाना-पानीपत हाईवे जिस गांव के बीच से गुजरता है वहां इसकी चौड़ाई 37 मीटर है। इसमें मुख्य मार्ग के अलावा सर्विस मार्ग बने हैं और लाइटें भी लगी हैं। चिढ़ाना गांव में इस मार्ग की चौड़ाई महज 15.8 मीटर है। पंचायत ने स्वयं ही इस मार्ग को चौड़ा करने की मांग की। हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे अथारिटी को तबल किया। अब अथॉरिटी ने ग्रामीणों को मकान तुड़वाने संबंधी नोटिस जारी कर दिए हैं।
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वादे के अनुसार निकाले बाईपास : ग्रामीण
गांव चिढ़ाना के ग्रामीण राजकुमार व श्रीपाल ने कहा कि गोहाना-पानीपत हाईवे गांव की जिस जगह से निकला है वह लाल डोरे की जमीन है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव बसा है और बाद में सड़क बनाई गई है। अगर सड़क को और चौड़ा किया तो कई ग्रामीण बेघर हो जाएंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि धरना समाप्त करवाते समय अधिकारियों ने जो वायदा किया था उसके अनुसार गांव के बाहर से बाईपास निकाला जाए।
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