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Sonipat News: प्रदेश के स्कूलों में स्थापित किए जाएंगे हर्बल गार्डन

Sat, 23 Mar 2024 01:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sat, 23 Mar 2024 01:58 PM IST
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Herbal gardens will be established in schools of the state
सोनीपत। औषधीय पौधों की महत्ता को देखते हुए प्रदेश के विद्यालयों में हर्बल गार्डन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए आयुष विभाग ने शिक्षा विभाग से संपर्क कर स्कूलों से आवेदन मांगे हैं। विशेष बात यह है कि आयुष विभाग स्कूलों को हर्बल गार्डन स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता भी देगा। हर्बल गार्डन में लगाए गए पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी शिक्षकों, विद्यार्थियों व एसएमसएी सदस्यों को सौंपी जाएगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं।
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आयुष विभाग के चिकित्सक डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य संवर्धन में औषधीय पौधों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह पौधे मानव रोगों को ठीक करने के लिए उपयोगी होते हैं। इन पौधों में उपस्थित फाइटो रसायनिक घटक उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। औषधीय पौधों के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने साल 2020 में राष्ट्रीय औषधीय पौधे बोर्ड (एनएमपीबी) की स्थापना की थी। यह बोर्ड वर्तमान में आयुष मंत्रालय (आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और चिकित्सा) के एक अनुभाग के रूप में काम कर रहा है। औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के लिए ही अब स्कूलों में हर्बल गार्डन स्थापित करने की योजना तैयार की है।
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विद्यालयों को दी जाएगी वित्तीय सहायता
हर्बल गार्डन के लिए ऐसे विद्यालय ही आवेदन कर सकते हैं, जिनके पास औषधीय पौधों की 10-15 प्रजातियों के लिए करीब 500 वर्ग मीटर के अलग-अलग प्लॉट हों। पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी विद्यालयों की होगी। छुट्टियों की अवधि के दौरान स्कूल को विशेष व्यवस्था करनी होगी। विद्यार्थियों को पौधों को लेबल करने, पानी देने, निराई करने के साथ ही विभिन्न प्रजातियों के लाभों व उपयोग के बारे में बताया जाएगा। 500 वर्ग मीटर क्षेत्र के लिए प्रति विद्यालय 25 हजार रुपये की दर से वित्तीय सहायता दी जाएगी। साथ ही चार वर्षों तक रखरखाव के लिए प्रति वर्ष सात हजार रुपये दिए जाएंगे।
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वर्जन
स्कूलों में हर्बल गार्डन स्थापित करने की योजना है। जो स्कूल निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं वह ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रस्ताव की प्रोजेक्ट स्क्रीनिंग कमेटी (पीएससी) की तरफ से स्क्रीनिंग की जाएगी। जिसके बाद प्रस्ताव स्टेंडिंग फाइनेंस कमेटी (एसएफसी) को भेजा जाएगा। इसका दायित्व इको क्लब कोर्डिनेटर को सौंपा जाएगा।-नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
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