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Sonipat News: बाढ़ से गन्ने को छोड़कर अन्य फसलों को भारी नुकसान
Sat, 15 Jul 2023 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 15 Jul 2023 11:27 PM IST
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फोटो :39: गांव गढ़ मिरकपुर के पास यमुना का जलस्तर कम होने के बाद खेत में दिखाई दे रही प्रभावित
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राई। यमुना का जलस्तर घटकर 214.6 मीटर तक आ गया है। यह खतरे के निशान 217 मीटर से काफी कम हो गया है। लेकिन बाढ़ के बाद यमुना क्षेत्र में करीब 13445 एकड़ फसल में पानी भरा हुआ है। गन्ने को छोड़कर अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। पानी से चौतरफा घिरे गांव जाजल टोंकी के लोगों को भी राहत मिली है। गांव के रास्तों पर पानी कम हो गया है। फसल को नुकसान के साथ ही खेतों के बने कमरे जर्जर हो गए हैं। सबसे बड़ी समस्या पशुचारे की हो गई है। तूड़े के कूप तक यमुना में बह चुके हैं। लोगों का आरोप है कि उन्हें अभी तक आश्वासन ही मिला है।
हथिनी कुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे आसपास के गांवों के खेत जलमग्न हो गए थे। तटबंधों, ठोकरों को तोड़ते हुए यमुना का पानी गांवों के पास तक पहुंच गया था। पांच दिन बाद जलस्तर कम होने से लोगों को राहत मिलने लगी है। जलस्तर घटकर 214.6 मीटर तक आ गया है। यमुना में वर्तमान में करीब एक लाख क्यूसेक पानी बह रहा है। चारों तरफ पानी से घिरे जाजल टोंकी गांव का मुख्य मार्ग भी अब कहीं-कहीं दिखाई देने लगा है। इस गांव का 5 दिनों के बाद बाकी हिस्सों से संपर्क हो पाया है। पानी कम होने के साथ ही बर्बादी की तस्वीर सामने आ रही हैं। सब्जियों की फसल बर्बाद होने के साथ दूसरी फसलें भी बह गई हैं या फिर खराब हो गई हैं।
कृषि विभाग के आंकड़े भले ही अभी तक जारी नहीं हुए हैं, लेकिन यह तय है कि इस क्षेत्र में करीब 10 हजार एकड़ में फसल को नुकसान हुआ है। इसके साथ ही गांव जाजल टोंकी, जाजल, भैरा, दहिसरा, मनौली व आसपास के अन्य गांवों में पशुचारे की सबसे ज्यादा किल्लत हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन केवल आश्वासन देने आता है, लेकिन मदद नहीं की जाती।
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उप मुख्यमंत्री के सामने कहा पशु चारे की दिक्कत
उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के गांव जाजल टोंकी पहुंचने पर ग्रामीणों ने कहा कि गांव में सबसे बड़ी किल्लत पशुचारे की हो गई है। खेतों में रखा हरा और सूखा चारा पानी में बह गया है। तूड़े के भंडारण भी यमुना के पानी से प्रभावित हो गए हैं। ऐसे में पशु भूखे मर रहे हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आश्वासन दिया कि वह गांव में पशु चारा पहुंचाने का प्रबंध करवाएंगे।
मनौली टोंकी के ग्रामीण पहुंचे घर
यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए गांव मनौली में शिफ्ट किए गए टोंकी के ग्रामीण शनिवार को वापस अपने गांव चले गए। यमुना का जलस्तर कम होने के बाद मनौली गांव के मंदिर के पास प्रशासन की तरफ से लगाए गए शिविर में रह रहे करीब 490 ग्रामीण शाम को वापस अपने घरों में लौट गए हैं। अब यमुना का जलस्तर काफी कम हो गया है। जिसके चलते ही उन्होंने वापस जाने का निर्णय लिया।
करणी सेना ने दूसरे दिन भी बांटे खाद्य पदार्थ
यमुना का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित हुए गांव जाजल टोंकी में दूसरे दिन भी करणी सेना ने खाद्य पदार्थ बांटे। करनी सेना के प्रदेश महामंत्री दीपक चौहान ने बताया कि शिवरात्रि का पर्व उन्होंने गांव में लोगों के बीच मनाया। इस दौरान फल व अन्य खाद्य वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि विपदा आने पर सभी को एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
24 घंटे में पानी पूरी तरह उतरने की उम्मीद
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जिस गति से पानी कम हो रहा है, उससे उम्मीद है कि यमुना का जलस्तर 24 घंटे में पूरी तरह से सामान्य हो जाएगा। जिला राजस्व अधिकारी हरिओम अत्री ने बताया कि पानी कम होने के बाद ही वास्तविक नुकसान का अनुमान लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पानी लगातार कम हो रहा है। लेकिन अगले 2-3 दिनों में बारिश पर निर्भर करता है। यदि बारिश तेज हुई तो परेशानी फिर खड़ी हो सकती है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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हथिनी कुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे आसपास के गांवों के खेत जलमग्न हो गए थे। तटबंधों, ठोकरों को तोड़ते हुए यमुना का पानी गांवों के पास तक पहुंच गया था। पांच दिन बाद जलस्तर कम होने से लोगों को राहत मिलने लगी है। जलस्तर घटकर 214.6 मीटर तक आ गया है। यमुना में वर्तमान में करीब एक लाख क्यूसेक पानी बह रहा है। चारों तरफ पानी से घिरे जाजल टोंकी गांव का मुख्य मार्ग भी अब कहीं-कहीं दिखाई देने लगा है। इस गांव का 5 दिनों के बाद बाकी हिस्सों से संपर्क हो पाया है। पानी कम होने के साथ ही बर्बादी की तस्वीर सामने आ रही हैं। सब्जियों की फसल बर्बाद होने के साथ दूसरी फसलें भी बह गई हैं या फिर खराब हो गई हैं।
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कृषि विभाग के आंकड़े भले ही अभी तक जारी नहीं हुए हैं, लेकिन यह तय है कि इस क्षेत्र में करीब 10 हजार एकड़ में फसल को नुकसान हुआ है। इसके साथ ही गांव जाजल टोंकी, जाजल, भैरा, दहिसरा, मनौली व आसपास के अन्य गांवों में पशुचारे की सबसे ज्यादा किल्लत हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन केवल आश्वासन देने आता है, लेकिन मदद नहीं की जाती।
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उप मुख्यमंत्री के सामने कहा पशु चारे की दिक्कत
उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के गांव जाजल टोंकी पहुंचने पर ग्रामीणों ने कहा कि गांव में सबसे बड़ी किल्लत पशुचारे की हो गई है। खेतों में रखा हरा और सूखा चारा पानी में बह गया है। तूड़े के भंडारण भी यमुना के पानी से प्रभावित हो गए हैं। ऐसे में पशु भूखे मर रहे हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आश्वासन दिया कि वह गांव में पशु चारा पहुंचाने का प्रबंध करवाएंगे।
मनौली टोंकी के ग्रामीण पहुंचे घर
यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए गांव मनौली में शिफ्ट किए गए टोंकी के ग्रामीण शनिवार को वापस अपने गांव चले गए। यमुना का जलस्तर कम होने के बाद मनौली गांव के मंदिर के पास प्रशासन की तरफ से लगाए गए शिविर में रह रहे करीब 490 ग्रामीण शाम को वापस अपने घरों में लौट गए हैं। अब यमुना का जलस्तर काफी कम हो गया है। जिसके चलते ही उन्होंने वापस जाने का निर्णय लिया।
करणी सेना ने दूसरे दिन भी बांटे खाद्य पदार्थ
यमुना का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित हुए गांव जाजल टोंकी में दूसरे दिन भी करणी सेना ने खाद्य पदार्थ बांटे। करनी सेना के प्रदेश महामंत्री दीपक चौहान ने बताया कि शिवरात्रि का पर्व उन्होंने गांव में लोगों के बीच मनाया। इस दौरान फल व अन्य खाद्य वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि विपदा आने पर सभी को एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
24 घंटे में पानी पूरी तरह उतरने की उम्मीद
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जिस गति से पानी कम हो रहा है, उससे उम्मीद है कि यमुना का जलस्तर 24 घंटे में पूरी तरह से सामान्य हो जाएगा। जिला राजस्व अधिकारी हरिओम अत्री ने बताया कि पानी कम होने के बाद ही वास्तविक नुकसान का अनुमान लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पानी लगातार कम हो रहा है। लेकिन अगले 2-3 दिनों में बारिश पर निर्भर करता है। यदि बारिश तेज हुई तो परेशानी फिर खड़ी हो सकती है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

फोटो :39: गांव गढ़ मिरकपुर के पास यमुना का जलस्तर कम होने के बाद खेत में दिखाई दे रही प्रभावित

फोटो :39: गांव गढ़ मिरकपुर के पास यमुना का जलस्तर कम होने के बाद खेत में दिखाई दे रही प्रभावित

फोटो :39: गांव गढ़ मिरकपुर के पास यमुना का जलस्तर कम होने के बाद खेत में दिखाई दे रही प्रभावित

फोटो :39: गांव गढ़ मिरकपुर के पास यमुना का जलस्तर कम होने के बाद खेत में दिखाई दे रही प्रभावित